Ranchi: बॉयफ्रेंड द्वारा दुष्कर्म के एक महीने बाद 17 वर्षीय छात्रा ने किया सुसाइड, पुलिस को मिला भावुक सुसाइड नोट
प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: File Image)

रांची, 26 मई: झारखंड (Jharkhand) की राजधानी रांची से एक अत्यंत दुखद और विचलित करने वाली खबर सामने आई है. शहर के सदर थाना क्षेत्र में एक 17 वर्षीय स्कूली छात्रा ने अपने ही घर में फांसी लगाकर आत्महत्या (Suicide) कर ली. यह आत्मघाती कदम छात्रा ने अपने 16 वर्षीय बॉयफ्रेंड के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज कराने के लगभग एक महीने बाद उठाया है. स्थानीय पुलिस ने मंगलवार को इस घटना की आधिकारिक पुष्टि की है. पुलिस को घटनास्थल से मृतका द्वारा लिखा गया एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है. शुरुआती जांच और सुसाइड नोट के विश्लेषण से संकेत मिलते हैं कि छात्रा इस जघन्य अपराध के बाद से ही गहरे मानसिक अवसाद और अत्यधिक भावनात्मक आघात (Emotional Trauma) से गुजर रही थी, जिसके चलते उसने यह खौफनाक कदम उठाया. यह भी पढ़ें: Bengaluru Shocker: बेंगलुरु में शर्मनाक वारदात, मडिवाला में देर रात पार्टी के दौरान केरल की कॉलेज छात्रा से मोमो शॉप में रेप; आरोपी गिरफ्तार

बाथरूम में फंदे से लटका मिला शव; पुलिस को मिला सुसाइड नोट

यह दर्दनाक वाकया सोमवार दोपहर को प्रकाश में आया, जब परिवार के सदस्यों ने मृतका को अपने ही घर के बाथरूम के भीतर फंदे से लटका हुआ पाया. परिजनों ने तुरंत इसकी सूचना स्थानीय पुलिस और आपातकालीन सेवाओं को दी, जिसके बाद पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला.

सदर थाना के प्रभारी (Officer in Charge) कुलदीप कुमार ने मामले की जानकारी देते हुए बताया, "छात्रा सोमवार दोपहर को अपने घर के बाथरूम में फंदे से लटकी पाई गई थी. प्रारंभिक जांच से पता चलता है कि पीड़िता आरोपी के साथ प्रेम संबंध में थी. बीते 17 अप्रैल को आरोपी उसे बहला-फुसलाकर अपने घर ले गया था, जहां उसने उसके साथ यौन उत्पीड़न (Sexual Assault) किया. पीड़िता की शिकायत पर अगले ही दिन, 18 अप्रैल को मामला दर्ज कर 16 वर्षीय आरोपी को हिरासत में ले लिया गया था."

कानूनी प्रक्रिया के बीच गहरे मानसिक सदमे में थी पीड़िता

जांच अधिकारियों ने इस बात पर विशेष जोर दिया है कि जब से कानूनी कार्यवाही और पूछताछ का सिलसिला शुरू हुआ था, तब से ही पीड़िता अत्यधिक मनोवैज्ञानिक तनाव और सामाजिक संकोच का सामना कर रही थी. वह अपनी गरिमा को पहुंचे इस नुकसान को बर्दाश्त नहीं कर पा रही थी.

थाना प्रभारी कुलदीप कुमार ने आगे कहा, "वह इस पूरी घटना और उसके बाद पैदा हुई परिस्थितियों से गहरे सदमे में थी, जिसने उसे यह आत्मघाती कदम उठाने के लिए प्रेरित किया." पुलिस के अनुसार, बरामद किए गए सुसाइड नोट की लिखावट और उसके भीतर लिखे गए संवेदनशील वाक्यों की गहन फोरेंसिक जांच की जा रही है, ताकि इसे मुख्य कानूनी मामले में एक अहम साक्ष्य (Evidence) के रूप में जोड़ा जा सके.

आरोपी नाबालिग; बाल सुधार गृह में रहेगा बंद

मानक प्रशासनिक प्रोटोकॉल के तहत, पुलिस ने आत्महत्या का एक नया मामला दर्ज कर शव को पोस्टमार्टम (Post-mortem) के लिए रिम्स अस्पताल भेज दिया था. मंगलवार को पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव को अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया गया है.

मृतका इंटरमीडिएट (उच्चतर माध्यमिक) की छात्रा थी, जबकि आरोपी लड़का कक्षा 9वीं का छात्र है.  चूंकि मुख्य आरोपी की उम्र महज 16 वर्ष है और वह कानूनन नाबालिग है, इसलिए उसके मामले की सुनवाई जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड (Juvenile Justice Board) के समक्ष चल रही है. पुलिस ने स्पष्ट किया है कि आरोपी को आगामी कानूनी आदेशों तक रांची के बाल सुधार गृह (Juvenile Remand Home) में ही कस्टडी में रखा जाएगा.