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Panvel Stray Dog Attack: मुंबई से सटे पनवेल में आवारा कुत्तों का आतंक, 8 महीने में 5,662 लोगों को काटा

पनवेल महानगर पालिका (PMC) क्षेत्र में आवारा कुत्तों का खतरा तेजी से बढ़ रहा है. नागरिक आंकड़ों के अनुसार जनवरी से अगस्त 2026 के बीच 5,662 डॉग बाइट के मामले सामने आए हैं. प्रशासन नसबंदी और रेबीज टीकाकरण अभियान चला रहा है.

Panvel Stray Dog Attack: मुंबई से सटे पनवेल में आवारा कुत्तों का आतंक, 8 महीने में 5,662 लोगों को काटा
Representative Image (Photo Credits: File Photo)

Panvel Stray Dog Attack: नवी मुंबई के पनवेल महानगर पालिका (PMC) क्षेत्र में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या और काटने की घटनाओं से नागरिकों में डर का माहौल है. नागरिक प्रशासन के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, जनवरी से अगस्त 2026 के बीच बीते आठ महीनों में कुल 5,662 लोगों को आवारा कुत्तों ने अपना शिकार बनाया है. हालिया घटनाओं के बाद आवारा पशुओं की आबादी को नियंत्रित करने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग तेज हो गई है.

कमोठे और आसपास के इलाकों में घटनाएं

हाल ही में कल्याण-डोंबिवली में एक ही दिन में कई लोगों को आवारा कुत्तों द्वारा काटे जाने की घटना के बाद यह मुद्दा और गरमा गया है. पनवेल पालिका क्षेत्र के कमोठे में भी पिछले महीने एक आवारा कुत्ते ने पांच लोगों को काट लिया था, जिससे स्थानीय निवासियों में काफी रोष देखने को मिला था.  यह भी पढ़े:  Borivali Dog Attack: सड़क से जा रही महिला पर अचानक आवारा कुत्ते ने किया हमला, काटकर किया घायल, मुंबई से सटे बोरीवली का VIDEO आया सामने

19 हजार से अधिक आवारा कुत्ते

पनवेल महानगर पालिका द्वारा जारी जानकारी के मुताबिक, पालिका क्षेत्र की सीमाओं में इस समय लगभग 19,317 आवारा कुत्ते मौजूद हैं. इसके अलावा क्षेत्र में करीब 5,000 आवारा बिल्लियां भी दर्ज की गई हैं. इतनी बड़ी संख्या में सड़कों पर घूम रहे जानवर राहगीरों और खासकर बच्चों के लिए खतरे का कारण बन रहे हैं.

नसबंदी और टीकाकरण अभियान

आवारा कुत्तों की संख्या पर रोक लगाने और रेबीज के खतरे को टालने के लिए नागरिक निकाय नसबंदी और एंटी-रेबीज टीकाकरण अभियान चला रहा है. नागरिक प्रशासन के अनुसार:

  • अप्रैल 2025 से मार्च 2026 के बीच 1,337 आवारा कुत्तों और 338 बिल्लियों की नसबंदी की गई.

  • वर्ष 2026 में अब तक 16,859 आवारा कुत्तों को रेबीज रोधी टीके (anti-rabies vaccines) लगाए जा चुके हैं.

प्रशासन की चुनौतियां और नागरिकों की मांग

नागरिकों का कहना है कि नसबंदी की वर्तमान गति आवारा कुत्तों की बढ़ती आबादी के मुकाबले काफी कम है. स्थानीय निकायों को पशु जन्म नियंत्रण (ABC) कार्यक्रमों को और अधिक तेजी से लागू करने की आवश्यकता है ताकि दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके.

(The above story first appeared on LatestLY on Aug 18, 2026 09:29 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).