Maharashtra SIR Notice: चुनाव आयोग की SIR नोटिस पर बड़ा फैसला, अब दफ्तरों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं; जरूरी दस्तावेजों के लिए BLO खुद घर आएंगे
महाराष्ट्र में चुनाव आयोग ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को लेकर बड़ा फैसला लिया है. अब नोटिस मिलने पर मतदाताओं को सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे, बल्कि बूथ लेवल अधिकारी (BLO) खुद घर-घर जाकर दस्तावेज सत्यापित और अपलोड करेंगे.
Maharashtra SIR Notice: महाराष्ट्र में मतदाता सूची के सत्यापन को लेकर उठे विवादों के बीच भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने राज्य के मतदाताओं को बड़ी राहत दी है. विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision - SIR) प्रक्रिया के तहत जिन मतदाताओं को नोटिस जारी किए गए हैं, उन्हें अब चुनाव कार्यालयों के चक्कर काटने की आवश्यकता नहीं होगी. आयोग ने स्पष्ट किया है कि बूथ लेवल अधिकारी (BLO) खुद मतदाताओं के घर जाकर जरूरी दस्तावेज एकत्र करेंगे और उन्हें डिजिटल पोर्टल पर अपलोड करेंगे.
घर-घर पहुंचकर दस्तावेज सत्यापित करेंगे BLO
निर्वाचन आयोग के नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, मतदाता सूची में विसंगतियों या विवरण न मिलने के कारण जारी नोटिसों का निवारण अब डोर-टू-डोर प्रक्रिया से होगा. BLO मतदाता के आवास पर जाकर दस्तावेजों की जांच करेंगे और सत्यापन की प्रक्रिया पूरी करके रिपोर्ट पोर्टल पर दर्ज करेंगे. इसके बाद मतदाता पंजीकरण अधिकारी (ERO) इन अपलोड किए गए दस्तावेजों के आधार पर अंतिम निर्णय लेंगे. आयोग ने यह भी साफ किया है कि SIR से जुड़ा यह फैसला पूरी तरह सर्वसम्मति से लिया गया है. यह भी पढ़े: Maharashtra SIR: मतदाता सूची पुनरीक्षण के खिलाफ 4 अक्टूबर को मुंबई की सड़कों पर उतरेंगे ठाकरे बंधु, जनमोर्चे का ऐलान
केवल जटिल मामलों में होगी सुनवाई
आयोग ने स्पष्ट किया है कि सामान्य मामलों में मतदाताओं को कार्यालय बुलाने की जरूरत नहीं पड़ेगी. केवल बेहद खास या जटिल मामलों में ही मतदाता को ERO या सहायक मतदाता पंजीकरण अधिकारी (AERO) के समक्ष सुनवाई के लिए बुलाया जाएगा. आयोग का प्रयास रहेगा कि ऐसी आवश्यक सुनवाइयों को भी मुख्य रूप से ऑनलाइन माध्यम से ही पूरा किया जाए.
परिवार के वयस्क सदस्य को भेजने की छूट
यदि किसी विशेष परिस्थिति में मतदाता का व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना अनिवार्य होता है, तो आयोग ने इसमें भी छूट दी है. यदि संबंधित मतदाता स्वयं उपस्थित होने में असमर्थ है, तो उसकी जगह परिवार का कोई भी वयस्क सदस्य सुनवाई प्रक्रिया में शामिल हो सकता है. इस निर्णय से उन नागरिकों को बड़ी राहत मिलेगी जो नौकरी, अस्वस्थता या अन्य कारणों से दूर रहते हैं.
(The above story first appeared on LatestLY on Sep 28, 2026 12:20 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

