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Dussehra 2026 Wishes: दशहरा के इन शानदार हिंदी Quotes, WhatsApp Messages, Facebook Greetings के जरिए दें प्रियजनों को शुभकामनाएं

दशहरा 2026: इस साल 20 अक्टूबर, मंगलवार को मनाए जाने वाले विजयादशमी पर्व की सही तिथि, शुभ मुहूर्त, रावण दहन का समय और पूजा विधि जानें. बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक यह महापर्व भगवान राम की रावण पर और देवी दुर्गा की महिषासुर पर विजय का उत्सव है. लेटेस्टली की यह विशेष मार्गदर्शिका आपको इसके महत्व, प्रमुख अनुष्ठानों, अवकाश की विस्तृत जानकारी और शुभकामना.

Dussehra 2026 Wishes: दशहरा के इन शानदार हिंदी Quotes, WhatsApp Messages, Facebook Greetings के जरिए दें प्रियजनों को शुभकामनाएं
दशहरा 2026 (Photo Credits: File Image)

Dussehra 2026 Wishes in Hindi: दशहरा, जिसे विजयादशमी और दसरा के नाम से भी जाना जाता है, भारतीय संस्कृति का एक महत्वपूर्ण त्योहार है जो हर साल बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है. यह पर्व धर्म की अधर्म पर, सत्य की असत्य पर और अच्छाई की बुराई पर विजय का प्रतीक है. इस साल, 2026 में, विजयादशमी का यह पावन अवसर 20 अक्टूबर, मंगलवार को पड़ रहा है. यह दिन भगवान श्री राम द्वारा लंकापति रावण के वध और देवी दुर्गा द्वारा महिषासुर के संहार की याद दिलाता है. यह हमें अपने भीतर के अहंकार और नकारात्मकता को दूर करने की प्रेरणा भी देता है, दस विकारों - काम, क्रोध, लोभ, मोह, मद, मत्सर, अहंकार, आलस्य, हिंसा और चोरी - के परित्याग का संदेश देता है.

दशहरा 2026 कब है?

हिंदू पंचांग के अनुसार, अश्विन माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि इस साल 20 अक्टूबर 2026, मंगलवार को है. दशमी तिथि 20 अक्टूबर 2026 को दोपहर 12 बजकर 50 मिनट पर शुरू होगी और इसका समापन 21 अक्टूबर 2026 को दोपहर 02 बजकर 11 मिनट पर होगा. ऐसे में, यह पर्व 20 अक्टूबर 2026 को ही मनाया जाएगा.

विजयादशमी / दशहरा 2026 की शुभकामनाएं, संदेश और ग्रीटिंग्स

इस शुभ अवसर पर अपने प्रियजनों को इन शुभकामनाओं और संदेशों के साथ खुशियां बांटें:

1- अच्छाई की जीत का संदेश है दशहरा,
बुराई का होता सदैव अंत गहरा.
राम जी का नाम लो दिल से बार-बार,
खुशियों से भर जाए जीवन आपका संसार.
दशहरा की शुभकामनाएं

दशहरा 2026 (Photo Credits: File Image)

2- दशहरा लाए नया उजाला,
हर कोना जगमगाए निराला.
रावण सा हर दुख मिट जाए,
आपका हर सपना सच हो जाए.
दशहरा की शुभकामनाएं

दशहरा 2026 (Photo Credits: File Image)

3- सत्य और धर्म की है पहचान,
राम जी का इसमें है सम्मान.
दशहरे पर करें बुराई का अंत,
जीवन बने खुशियों का संत.
दशहरा की शुभकामनाएं

दशहरा 2026 (Photo Credits: File Image)

4- अच्छाई की राह पे चलें हम सदा,
राम जी का आशीर्वाद रहे हर जगा.
दशहरे की ढेरों शुभकामनाएं,
खुशियों से भर जाएं सबके घर आंगन.
दशहरा की शुभकामनाएं

दशहरा 2026 (Photo Credits: File Image)

5- दशहरे का पर्व है महान,
राम जी की गाथा का गान.
हर बुराई पर जीत मिले,
हर दिल में खुशियां खिलें.
दशहरा की शुभकामनाएं

दशहरा 2026 (Photo Credits: File Image)

  • "अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक, यह दशहरा आपके जीवन में सुख, शांति और समृद्धि लाए. आपको और आपके परिवार को विजयादशमी की हार्दिक शुभकामनाएं!"
  • "रावण दहन के साथ अपने भीतर की बुराइयों का भी नाश करें और एक नई शुरुआत करें. आपको दशहरा 2026 की बहुत-बहुत बधाई!"
  • "मां दुर्गा का आशीर्वाद आप पर सदा बना रहे और आपके सभी कार्य सफल हों. शुभ विजयादशमी!"
  • "हर बुराई का हो विनाश, आपके जीवन में हो खुशियों का वास, इसी कामना के साथ आपको दशहरा की शुभकामनाएं!"
  • "यह विजयादशमी आपके जीवन में साहस, शक्ति और विजय लाए. शुभ दशहरा!"

विजयदशमी/दशहरा क्यों मनाते हैं?

दशहरा मनाने के पीछे दो प्रमुख पौराणिक कथाएं हैं: एक भगवान राम और दूसरी देवी दुर्गा से संबंधित है. भगवान राम ने दस दिनों तक चले युद्ध के बाद इसी दिन लंकापति रावण का वध किया था, जिसने माता सीता का अपहरण किया था. यह बुराई पर धर्म की विजय का प्रतीक बन गया. वहीं, एक अन्य मान्यता के अनुसार, देवी दुर्गा ने नौ दिनों तक महिषासुर नामक राक्षस से युद्ध करने के बाद दशमी तिथि पर उसका संहार किया था, इसलिए इस दिन को 'विजयादशमी' भी कहा जाता है. यह त्योहार वर्षा ऋतु की समाप्ति और शरद के आरंभ का भी सूचक है, जब दिग्विजय यात्राओं और व्यापार के पुनः आरंभ की तैयारियाँ होती हैं.

प्रमुख अनुष्ठान और परंपराएं

दशहरे के दिन कई महत्वपूर्ण अनुष्ठान और परंपराएं निभाई जाती हैं:

  • रावण दहन: देशभर में रावण, मेघनाद और कुंभकरण के विशाल पुतलों का दहन किया जाता है, जो बुराई के अंत और अच्छाई की जीत का प्रतीक है. यह आमतौर पर सूर्यास्त के बाद प्रदोष काल में होता है. 2026 में रावण दहन का शुभ मुहूर्त 20 अक्टूबर को शाम 05:45 बजे के बाद रहेगा.
  • शस्त्र पूजा और अपराजिता पूजा: इस दिन शस्त्रों और औजारों की पूजा करने का भी विधान है, जिसे 'आयुध पूजा' कहते हैं. साथ ही, देवी अपराजिता की पूजा कर उनसे हर कार्य में विजय की कामना की जाती है.
  • शमी पूजा: शमी वृक्ष की पूजा भी शुभ मानी जाती है. माना जाता है कि पांडवों ने अपने अज्ञातवास के दौरान अपने अस्त्र-शस्त्र शमी वृक्ष में छिपाए थे.
  • रामलीला: कई स्थानों पर दशहरे से पहले रामलीला का मंचन किया जाता है, जो भगवान राम के जीवन और रावण पर उनकी विजय की कहानी को दर्शाता है.

शुभ मुहूर्त 2026

पूजा/अनुष्ठान समय अवधि
दशमी तिथि प्रारंभ 20 अक्टूबर 2026, दोपहर 12:50 PM -
दशमी तिथि समाप्त 21 अक्टूबर 2026, दोपहर 02:11 PM -
विजय मुहूर्त दोपहर 01:59 PM से 02:45 PM 45 मिनट्स
अपराह्न पूजा का समय दोपहर 01:14 PM से 03:30 PM 2 घंटे 16 मिनट्स
रावण दहन का शुभ मुहूर्त 20 अक्टूबर 2026, शाम 05:45 PM के बाद प्रदोष काल में

कृपया ध्यान दें कि विजय मुहूर्त और रावण दहन का सटीक समय स्थानीय सूर्योदय और सूर्यास्त के अनुसार थोड़ा भिन्न हो सकता है, इसलिए स्थानीय पंचांग की भी सलाह ली जा सकती है.

क्षेत्रीय भिन्नताएं और अवकाश

दशहरा पूरे भारत में एक राजपत्रित अवकाश (gazetted holiday) है, जिसका अर्थ है कि अधिकांश सरकारी कार्यालय और व्यवसाय 20 अक्टूबर 2026 को बंद रहेंगे. स्कूलों में भी आमतौर पर इस दिन छुट्टी होती है, और कुछ राज्यों में लंबी छुट्टियां भी होती हैं. उदाहरण के लिए, तेलंगाना में स्कूलों में दशहरा के लिए 10 अक्टूबर से 22 अक्टूबर तक 13 दिनों का अवकाश रहेगा. पश्चिम बंगाल में, दशमी (21 अक्टूबर) को दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन होता है, और वहां दुर्गा पूजा के लिए 15 अक्टूबर से 26 अक्टूबर तक लंबी छुट्टियां होती हैं. केरल में 21 अक्टूबर को विजयादशमी से संबंधित अवकाश होता है.

उत्तरी भारत में यह मुख्य रूप से रामलीलाओं और रावण दहन से जुड़ा है, जबकि पूर्वी भारत में, विशेष रूप से पश्चिम बंगाल में, यह दुर्गा पूजा के भव्य समापन और देवी दुर्गा की प्रतिमाओं के विसर्जन का दिन होता है. दक्षिणी भारत में, इसे विद्यारंभ के लिए एक शुभ दिन माना जाता है, जहाँ बच्चे अपनी शिक्षा शुरू करते हैं या कला सीखते हैं. कर्नाटक में इसे मैसूर दशहरा के नाम से भव्य जुलूसों और झाँकियों के साथ मनाया जाता है.

दशहरा सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि जीवन में सकारात्मकता और नए संकल्पों का संदेश है. यह हमें सिखाता है कि अंततः सत्य और धर्म की ही जीत होती है. इस पावन पर्व पर आप सभी को लेटेस्टली की ओर से हार्दिक शुभकामनाएं!

(The above story first appeared on LatestLY on Oct 19, 2026 03:00 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).