Ladki Bahin Yojana: BJP सांसद उदयनराजे भोसले ने अपनी ही सरकार पर उठाए सवाल, बोले- लाडकी बहन योजना के चलते 'दूसरे कामों के लिए पैसा ही नहीं बचा' (Watch Video)
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Ladki Bahin Yojana: महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ महायुति सरकार की महत्वाकांक्षी 'मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिन योजना' को लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में बहस तेज हो गई है. इसी कड़ी में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राज्यसभा सांसद उदयनराजे भोसले ने योजना के वित्तीय प्रबंधन पर गंभीर चिंता व्यक्त की है. पुणे में मीडिया से बात करते हुए उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि इस योजना पर हो रहे भारी खर्च के कारण राज्य सरकार के पास अन्य महत्वपूर्ण विकास कार्यों के लिए पर्याप्त बजट नहीं बच रहा है.

राज्य के वित्तीय स्वास्थ्य पर जताई चिंता

सांसद उदयनराजे भोसले ने अपने बयान में इस बात पर जोर दिया कि भले ही यह योजना महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के उद्देश्य से शुरू की गई हो, लेकिन इसके दीर्घकालिक वित्तीय प्रभावों पर विचार करना बेहद आवश्यक है. उन्होंने सीधे शब्दों में कहा, "स्थिति ऐसी हो गई है कि दूसरे कामों के लिए पैसा ही नहीं बचा है."  यह भी पढ़े: Ladki Bahin Yojana: लाडकी बहन योजना में आपका नाम है या कट गया? मिनटों में ऐसे करें अपना स्टेटस चेक

MP उदयनराजे भोसले का बयान

विकास परियोजनाओं पर असर की आशंका

उनके अनुसार, राज्य के बजट का एक बहुत बड़ा हिस्सा इस एकल योजना पर खर्च किया जा रहा है. इससे सड़क निर्माण, सिंचाई परियोजनाएं, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे अन्य बुनियादी क्षेत्रों में जरूरी निवेश प्रभावित हो रहा है. यह बयान ऐसे समय में आया है जब राज्य सरकार विभिन्न विकास परियोजनाओं के लिए धन आवंटन को लेकर चुनौतियों का सामना कर रही है.

क्या है लाडकी बहिन योजना और इसके उद्देश्य?

'मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिन योजना' महाराष्ट्र सरकार द्वारा शुरू की गई एक अत्यंत महत्वाकांक्षी वित्तीय सहायता पहल है. इस योजना के तहत राज्य की पात्र महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से हर महीने सीधे उनके बैंक खातों में निश्चित वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है. सरकार का तर्क है कि यह योजना महिलाओं के जीवन स्तर को ऊपर उठाने और उन्हें सामाजिक सुरक्षा देने में मील का पत्थर साबित हो रही है.

सत्ताधारी गठबंधन के भीतर से उठी आवाज

उदयनराजे भोसले के इस बयान ने महाराष्ट्र की राजनीति में एक नया मोड़ ला दिया है. आमतौर पर विपक्षी दल ही सरकार की वित्तीय नीतियों और लोकलुभावन योजनाओं पर सवाल उठाते रहे हैं, लेकिन सत्ताधारी गठबंधन के भीतर से ही एक वरिष्ठ भाजपा सांसद द्वारा की गई यह आलोचना बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है. अब यह देखना दिलचस्प होगा कि राज्य सरकार विकास और जनकल्याण के बीच संतुलन बनाने के लिए क्या कदम उठाती है.