Sachin Ahir Joins Shinde Sen: महाराष्ट्र की सियासत में मंगलवार को एक बार फिर बड़ा उलटफेर देखने को मिला. शिवसेना (UBT) के प्रमुख उद्धव ठाकरे को उस समय बड़ा राजनीतिक झटका लगा, जब उनके बेहद करीबी और विधान परिषद सदस्य (MLC) सचिन अहीर मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल हो गए. इस दलबदल के तुरंत बाद, सचिन अहीर ने महायुति सरकार के समर्थन से महाराष्ट्र विधान परिषद के उपसभापति पद के लिए अपना नामांकन भी दाखिल कर दिया है.
नामांकन पत्र दाखिल करने के दौरान डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और अन्य वरिष्ठ नेता उनके साथ मौजूद रहे. सचिन अहीर का पाला बदलना उद्धव ठाकरे गुट के लिए मुंबई, विशेषकर वर्ली क्षेत्र में एक बहुत बड़ा नुकसान माना जा रहा है. यह भी पढ़े: Uddhav Thackeray On Shiv Sena (UBT) MP Defection: 'मुझे मतदाताओं से माफी मांगनी है', सांसदों की बगावत पर उद्धव ठाकरे का बड़ा बयान
MLC सचिन अहिर शिंदे गुट में शामिल
Mumbai, Maharashtra: Shiv Sena (UBT) MLC Sachin Ahir joined the Shiv Sena led by DCM Eknath Shinde and filed his nomination for the post of Deputy Chairman of the Maharashtra Legislative Council as the Shiv Sena candidate pic.twitter.com/F53g9T1NMD
— IANS (@ians_india) June 30, 2026
सचिन अहिर शिंदे गुट में शामिल
सचिन अहिर यांनी शिवसेनेकडून उपसभापती पदासाठी अर्ज दाखल केला #sachinahir #shivsena pic.twitter.com/QKhhaaSaAQ
— अल्पेश करकरे Alpesh Karkare (@alpeshreport) June 30, 2026
शिंदे गुट का 'ऑपरेशन टाइगर' दूसरे चरण में
राजनीतिक गलियारों में सचिन अहीर के इस कदम को एकनाथ शिंदे कैंप की रणनीति 'ऑपरेशन टाइगर' के दूसरे चरण के रूप में देखा जा रहा है. लोकसभा और विधानसभा चुनावों के बाद उद्धव ठाकरे गुट के कई सांसदों को अपने पाले में करने के बाद, अब शिंदे गुट का पूरा ध्यान शिवसेना (UBT) के विधायकों और विधान परिषद सदस्यों (MLCs) को अपने साथ जोड़ने पर केंद्रित हो गया है.
वर्ली और मुंबई की राजनीति में अहम कद
सचिन अहीर ने 90 के दशक में मिल मजदूरों के नेता के रूप में अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की थी. वह साल 1999 में पहली बार वर्ली विधानसभा सीट से विधायक चुने गए थे और लगातार तीन बार इस सीट का प्रतिनिधित्व किया. बाद में, उन्होंने उद्धव ठाकरे के बेटे आदित्य ठाकरे के लिए यह सीट छोड़ दी थी, जिसके बाद 2014 में आदित्य ठाकरे यहां से चुनाव जीते. मुंबई के स्थानीय कार्यकर्ताओं और ठाकरे परिवार के साथ लंबे समय से जुड़े होने के कारण अहीर का राजनीतिक कद काफी मजबूत माना जाता है.
मंत्री संजय शिरसाट की प्रतिक्रिया
सचिन अहीर के शिंदे गुट में शामिल होने पर महाराष्ट्र सरकार के मंत्री संजय शिरसाट ने खुशी जाहिर की. उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा, "आज विधान परिषद में उपसभापति पद के लिए सचिन अहीर का नाम आगे बढ़ाया गया है. वह आधिकारिक तौर पर शिंदे के नेतृत्व वाली असली शिवसेना में शामिल हो गए हैं. उनके आने से पार्टी को और मजबूती मिलेगी."
'राजनीति में वफादारी पूरी तरह खत्म': अबू आजमी
इस बड़े उलटफेर पर समाजवादी पार्टी (SP) के विधायक अबू आजमी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने राजनीतिक नेताओं के इस तरह पाला बदलने की कड़े शब्दों में आलोचना की.
अबू आजमी ने कहा, "आजकल की राजनीति में कोई नहीं कह सकता कि कौन कब कहां चला जाएगा. वफादारी नाम की चीज अब पूरी तरह से खत्म हो चुकी है. लोग सिर्फ यह देखते हैं कि उन्हें कहां बेहतर अवसर मिल रहे हैं, वे कहां मंत्री बन सकते हैं या किस जगह उन्हें ज्यादा फायदा होने वाला है. मेरा मानना है कि यह दृष्टिकोण बेहद गलत और चिंताजनक है."
शिंदे गुट के नेताओं ने संकेत दिए हैं कि आने वाले महीनों में उद्धव गुट के कुछ और विधायक भी उनके पाले में आ सकते हैं. इस घटनाक्रम के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में दोनों गुटों के बीच वर्चस्व की लड़ाई और तेज होने की उम्मीद है.












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