NCRB को भेजें अपराध के बिल्कुल सटीक आंकड़े: पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी का पुलिस को सख्त निर्देश
सुवेंदु अधिकारी (Photo Credits: IANS)

कोलकाता: पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री (West Bengal Chief Minister) सुवेंदु अधिकारी (Suvendu Adhikari) ने गुरुवार को राज्य पुलिस प्रशासन को एक बड़ा निर्देश जारी किया है. मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि अब से राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) को राज्य के भीतर होने वाले अपराधों का बिल्कुल सटीक और वास्तविक डेटा भेजा जाए. राज्य सचिवालय 'नवान्न' में पश्चिम बंगाल पुलिस और कोलकाता पुलिस के शीर्ष अधिकारियों के साथ हुई एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने साफ तौर पर कहा कि एनसीआरबी को अपराध के आंकड़े कम करके (Understate) दिखाने की पुरानी प्रथा को तुरंत बंद किया जाए. यह भी पढ़ें: West Bengal Politics: बंगाल के प्रशासनिक समीकरण में बड़ा शिफ्ट; सीएम शुभेंदु अधिकारी की बैठक में शामिल हुए TMC के दो बागी सांसद और एक विधायक

'बीमारी को छिपाने से उसका असर बढ़ेगा' - मुख्यमंत्री की दोटूक

बैठक के बाद मीडियाकर्मियों से बात करते हुए मुख्यमंत्री ने पिछली ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस (TMC) सरकार पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती शासनकाल में केंद्रीय गृह मंत्रालय को महिलाओं और बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराधों के सही आंकड़े नहीं भेजे जाते थे.

पारदर्शिता पर जोर: मुख्यमंत्री ने कहा, "अब किसी भी शिकायत को छिपाने की कोई जरूरत नहीं है. हर शिकायत को दर्ज करें और जहां जरूरी हो वहां एफआईआर (FIR) जरूर फाइल करें. अगर हम अपनी कमियों या राज्य की 'बीमारी' को छिपाएंगे, तो उसका असर और ज्यादा बढ़ेगा. हमें सही स्थिति को समझना होगा ताकि उसका उचित इलाज और सुधार किया जा सके."

आपातकालीन सेवा (112) का लक्ष्य: 5 मिनट में पहुंचेगी पुलिस

इस महत्वपूर्ण बैठक में मुख्यमंत्री ने ऑन-द-स्पॉट (घटनास्थल पर) त्वरित फैसले लेने के लिए पुलिस के अधिकारों को बढ़ाने पर भी जोर दिया. राज्य में आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली को मजबूत करने के लिए उन्होंने नए लक्ष्यों की घोषणा की.

मुख्यमंत्री ने राज्य के पुलिस महानिदेशक (DGP) को जल्द से जल्द '112 आपातकालीन सेवा' शुरू करने का निर्देश दिया है. उन्होंने कहा, "गुजरात, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में पुलिस औसतन छह मिनट के भीतर घटनास्थल पर पहुंच जाती है, जबकि बंगाल में यह औसत समय तीन घंटे का रहा है. आगामी बजट में पुलिस को और अधिक वाहन उपलब्ध कराए जाएंगे. हमारा लक्ष्य अन्य राज्यों से बेहतर करते हुए महज 5 मिनट के भीतर रेस्पॉन्स टाइम सुनिश्चित करने का है."

साइबर अपराध से निपटने के लिए हर थाने में बनेगा हेल्पडेस्क

बढ़ते डिजिटल फ्रॉड पर चिंता जताते हुए मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने सुरक्षा व्यवस्था में एक और बड़े सुधार की घोषणा की. अब राज्य के सभी थानों में एक समर्पित साइबर अपराध हेल्पडेस्क (Cybercrime Helpdesk) स्थापित किया जाएगा.

मुख्यमंत्री ने कहा कि साइबर धोखाधड़ी अब एक बेहद चिंताजनक स्तर पर पहुंच चुकी है. सामाजिक परियोजनाओं (Social Welfare Schemes) के लिए फॉर्म भरने वाले सीधे-सादे लोग और हाशिए पर मौजूद गरीब नागरिक भी इसका शिकार हो रहे हैं. उनके खातों से कुछ ही सेकंड में भत्ते की छोटी रकम गायब कर दी जाती है. इन पीड़ितों की त्वरित मदद के लिए भारत सरकार के सहयोग से प्रत्येक पुलिस थाने में यह विशेष साइबर हेल्पडेस्क काम करना शुरू करेगा.