अमरावती/पार्वतीपुरम: आंध्र प्रदेश के पार्वतीपुरम मान्यम जिले से कर्तव्यनिष्ठा और इंसानियत की एक बेहद प्रेरणादायक खबर सामने आई है. जिले के दूरदराज और दुर्गम जनजातीय क्षेत्र गुम्मालाक्ष्मीपुरम जोन में बुनियादी यातायात सुविधाओं के अभाव के बीच, एक आदिवासी कल्याण आश्रम स्कूल की वार्डन ने गंभीर रूप से बीमार छात्रा को अपनी पीठ पर लादकर 6 किलोमीटर का लंबा सफर पैदल तय किया. वार्डन की इस सूझबूझ और त्वरित कदम के कारण समय पर इलाज मिलने से छात्रा की जान बच गई है. इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय लोगों और प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा वार्डन के इस कृत्य की चौतरफा सराहना की जा रही है. यह भी पढ़ें: दिल्ली के केमिस्ट की ईमानदारी ने जीता विदेशी महिला का दिल, 4 दिन बाद सुरक्षित लौटाए भूले हुए पैसे और दवाइयां (Watch Viral Video)
दो दिनों से तेज बुखार से पीड़ित थी छात्रा
प्रशासनिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, स्थानीय आदिवासी आश्रम स्कूल में रहने वाली सातवीं कक्षा की छात्रा भुवनेश्वरी पिछले दो दिनों से तेज बुखार से पीड़ित थी. इस एजेंसी (जनजातीय) क्षेत्र में इन दिनों मौसमी बीमारियों और मलेरिया के मामलों में काफी बढ़ोतरी देखी जा रही है. गुरुवार को भुवनेश्वरी की स्थिति अचानक बहुत अधिक बिगड़ गई, जिससे उसे तुरंत कूटनीतिक चिकित्सकीय सहायता की आवश्यकता थी.
जब रास्ते बने बाधा, तो वार्डन खुद बनीं सहारा
चूंकि यह गांव एक अत्यंत सुदूर आदिवासी इलाके में स्थित है, इसलिए यहां पक्की सड़कों का भारी अभाव है. खराब रास्तों के कारण गांव तक एम्बुलेंस, चार पहिया वाहन या मोटरसाइकिल का पहुंचना भी नामुमकिन था. यातायात की इस विफलता के कारण होने वाली देरी छात्रा के लिए जानलेवा साबित हो सकती थी.
स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए स्कूल की वार्डन हेमा ने बिना समय गंवाए खुद मोर्चा संभाला. उन्होंने बीमार बच्ची को अपनी पीठ पर उठाया और पथरीले, उबड़-खाबड़ और ढलान वाले घाट रास्तों पर पैदल ही चलना शुरू कर दिया. वार्डन हेमा इसी हालत में करीब 6 किलोमीटर का सफर तय कर मुख्य सड़क तक पहुंचीं. मुख्य सड़क पर पहुंचने के बाद उन्होंने तुरंत एक वाहन का प्रबंध किया और भुवनेश्वरी को नजदीकी सरकारी अस्पताल पहुंचाया. डॉक्टरों ने पुष्टि की है कि समय पर अस्पताल पहुंचने से बच्ची की स्थिति अब पूरी तरह स्थिर और खतरे से बाहर है.
ट्राइबल स्कूल की वॉर्डन बीमार स्टूडेंट को अपनी पीठ पर 6 किलोमीटर दूर अस्पताल ले गईं
VIDEO | Andhra Pradesh: Tribal school warden in Parvathipuram Manyam carries ill student 6 km on her back to hospital after transport fails. pic.twitter.com/DrW2LVaK2a
— Press Trust of India (@PTI_News) July 2, 2026
बुनियादी ढांचे पर उठे सवाल, वार्डन की तारीफ
यह घटना जहां एक ओर वार्डन हेमा के असाधारण साहस और मानवीय दृष्टिकोण को रेखांकित करती है, वहीं दूसरी ओर राज्य के सुदूर जनजातीय बेल्ट में आज भी मौजूद बुनियादी ढांचे (Infrastructure) के बड़े अंतर और कमियों को उजागर करती है. स्थानीय आदिवासी समुदायों और जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने वार्डन हेमा के त्वरित निर्णय और बच्चे की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए किए गए इस अथक प्रयास की जमकर सराहना की है.












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