नई दिल्ली: लोकप्रिय मैसेजिंग प्लेटफॉर्म व्हाट्सएप (WhatsApp) द्वारा साल 2026 के अंत तक पूरी तरह रोलआउट किए जाने वाले 'यूजरनेम फीचर' (Username Feature) को लेकर भारत में विवाद खड़ा हो गया है. बिना फोन नंबर शेयर किए लोगों से जुड़ने की सुविधा देने वाले इस फीचर पर पहचान चोरी (Impersonation) और साइबर घोटालों को बढ़ावा देने के आरोप लग रहे हैं. आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया (Manish Sisodia) द्वारा इस मुद्दे को उठाए जाने के बाद, भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने कड़ा रुख अपनाते हुए पैरेंट कंपनी 'मेटा' (Meta) को एक आधिकारिक नोटिस जारी कर दिया है. यह भी पढ़ें: व्हाट्सएप का बड़ा बदलाव: अब बिना फोन नंबर शेयर किए कर सकेंगे चैट! जानें क्या है WhatsApp Username फीचर और कैसे करेगा काम
मनीष सिसोदिया ने साझा किया अपना अनुभव
यह विवाद तब और गरमा गया जब 1 जुलाई 2026 को 'आप' नेता मनीष सिसोदिया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर एक पोस्ट के जरिए अपना अनुभव साझा किया. सिसोदिया ने बताया कि जब उन्होंने व्हाट्सएप पर अपने नाम का यूजरनेम रिजर्व (सुरक्षित) करने की कोशिश की, तो उनके नाम से जुड़े कई कॉम्बिनेशन जैसे Manish.Sisodia.AAP या ManishSisodiaAAP पहले से ही किसी और के द्वारा रिजर्व दिखाए जा रहे थे.
उन्होंने सवाल उठाया कि जब आम आदमी पार्टी में उनके नाम का कोई अन्य लोकप्रिय व्यक्ति नहीं है, तो ये यूजरनेम किसने ब्लॉक किए हैं? सिसोदिया ने चिंता जताई कि इस लूपहोल का इस्तेमाल सार्वजनिक हस्तियों के नाम पर लोगों को ठगने और गुमराह करने के लिए किया जा सकता है. उन्होंने मेटा से एक मजबूत वेरिफिकेशन और शिकायत निवारण तंत्र बनाने की मांग की.
क्या WhatsApp यूज़रनेम से स्कैम हो सकते हैं? मनीष सिसोदिया ने जताई चिंता
With WhatsApp rolling out usernames, I tried to reserve mine today.
I completely understand that ‘Manish Sisodia’ is not a unique name, so it’s quite possible that many versions of my name have already been taken.
But what surprised me is that almost every variation using my… https://t.co/KXxXYOs2VP
— Manish Sisodia (@msisodia) July 1, 2026
भारत सरकार का सख्त रुख और मेटा को नोटिस
दिसंबर में होने वाले पूर्ण रोलआउट से पहले ही भारत सरकार ने इस मामले पर संज्ञान लिया है. सरकार का मानना है कि इस फीचर के आने से देश में 'डिजिटल अरेस्ट', फिशिंग और निवेश धोखाधड़ी जैसे घोटालों में भारी बढ़ोतरी हो सकती है, क्योंकि जालसाज बैंकों या सरकारी अधिकारियों से मिलते-जुलते यूजरनेम बनाकर लोगों को निशाना बना सकते हैं.
केंद्र सरकार ने मेटा को नोटिस जारी कर तीन दिनों के भीतर इस पर विस्तृत स्पष्टीकरण देने को कहा है. इसके साथ ही सरकार ने निर्देश दिया है कि जब तक इस विषय पर पूरी कूटनीतिक और तकनीकी समीक्षा (Consultations) पूरी नहीं हो जाती, तब तक इस फीचर को भारत में लॉन्च न किया जाए. अधिकारियों का कहना है कि अगर इस फीचर से धोखाधड़ी के रास्ते खुलते हैं, तो इसके लिए सीधे तौर पर प्लेटफॉर्म को जिम्मेदार ठहराया जाएगा.
मेटा ने WhatsApp यूज़रनेम के गलत इस्तेमाल से जुड़ी चिंताओं पर बात की
Username reservations are here, as more and more people claim theirs, here’s answers to the top questions you’re asking ⬇️
Q: Are usernames mandatory?
A: Nope, they are optional.
Q: What if the username I want isn’t available?
A: There’s a few reasons you might not be able to…
— WhatsApp (@WhatsApp) July 1, 2026
व्हाट्सएप (मेटा) की सफाई और सुरक्षा के दावे
सरकार और विपक्ष के चौतरफा घेराव के बाद व्हाट्सएप के प्रवक्ता ने 2 जुलाई को इस पर सफाई देते हुए कई महत्वपूर्ण बिंदु स्पष्ट किए हैं:
- अनिवार्य नहीं: यह फीचर पूरी तरह से वैकल्पिक (Optional) होगा और यूजर्स पहले की तरह फोन नंबर का इस्तेमाल जारी रख सकते हैं.
- हाई-प्रोफाइल नाम सुरक्षित: कंपनी ने दावा किया है कि मशहूर हस्तियों, सरकारी संस्थाओं, राजनेताओं और मेटा-वेरिफाइड अकाउंट्स के नाम पहले से ही होल्ड पर रखे गए हैं, ताकि कोई और उनका गलत इस्तेमाल न कर सके.
- अतिरिक्त सुरक्षा (Username Key): यूजर्स की सुरक्षा के लिए एक 'यूजरनेम की' (एक अतिरिक्त कोड) का विकल्प दिया जाएगा. इसके बिना कोई भी केवल यूजरनेम जानकर मैसेज नहीं कर पाएगा.
- अलर्ट सिस्टम: जब भी कोई अज्ञात यूजरनेम पहली बार मैसेज करेगा, तो व्हाट्सएप स्क्रीन पर चेतावनी दिखाएगा कि यह खाता नया है, पुराना है या किस देश के कोड से संचालित हो रहा है.
व्हाट्सएप का कहना है कि यह फीचर अभी लाइव नहीं हुआ है, केवल प्री-बुकिंग (रिजर्वेशन) की प्रक्रिया चल रही है. कंपनी फिलहाल यूजर्स और सरकारों से फीडबैक ले रही है और भारत सरकार के कूटनीतिक परामर्श के बाद ही इस सुरक्षा ढांचे को अंतिम रूप दिया जाएगा.












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