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डिजिटल इंडिया का विस्तार: UMANG और DigiLocker से आसान हुई सरकारी सेवाएं, करोड़ों लोगों को मिल रहा फायदा

भारत सरकार के डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के तहत UMANG और DigiLocker जैसे प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से डिजिटल सेवाओं का तेजी से विस्तार हो रहा है. राज्यसभा में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, इन मंचों से करोड़ों नागरिक जुड़ चुके हैं और ग्रामीण क्षेत्रों तक सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित की जा रही है.

डिजिटल इंडिया का विस्तार: UMANG और DigiLocker से आसान हुई सरकारी सेवाएं, करोड़ों लोगों को मिल रहा फायदा

भारत सरकार के डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के तहत देश में नागरिक-केंद्रित सेवाओं का डिजिटल वितरण तेजी से बढ़ रहा है. जुलाई 2015 में शुरू की गई इस पहल के तहत 'उमंग' (UMANG) और 'डिजिलॉकर' (DigiLocker) जैसे प्रमुख प्लेटफॉर्म्स का निरंतर विस्तार किया जा रहा है. 7 अगस्त 2026 को केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने राज्यसभा में एक लिखित उत्तर के दौरान इन डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की प्रगति और आंकड़ों की जानकारी साझा की.

'उमंग' और 'डिजिलॉकर' पर उपलब्ध सेवाएं और उपयोगकर्ता

31 जुलाई 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार, उमंग प्लेटफॉर्म पर कुल 2,575 सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं. इनमें केंद्र सरकार की 880 और विभिन्न राज्य सरकारों की 1,695 सेवाएं शामिल हैं. उमंग प्लेटफॉर्म पर पंजीकृत उपयोगकर्ताओं की संख्या 11.66 करोड़ से अधिक हो चुकी है, जिन्होंने पिछले तीन वर्षों में लगभग 798 करोड़ डिजिटल लेनदेन किए हैं.

दूसरी ओर, डिजिलॉकर प्लेटफॉर्म पर 5,437 प्रकार के दस्तावेज़ और सेवाएं उपलब्ध हैं, जिनमें केंद्र की 661 और राज्यों की 4,776 सेवाएं शामिल हैं. डिजिलॉकर के पंजीकृत उपयोगकर्ताओं का आंकड़ा 72.43 करोड़ से अधिक पहुंच गया है. पिछले तीन वर्षों में उपयोगकर्ताओं ने इसके माध्यम से लगभग 72.86 करोड़ दस्तावेजों का उपयोग किया है.

ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में डिजिटल पहुंच

ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में डिजिटल सेवाओं को पहुंचाने के लिए कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) नेटवर्क को मजबूत किया गया है. यह केंद्र बैंकिंग, वित्तीय, बीमा, पेंशन और उपयोगिता भुगतान जैसी सुविधाएं ग्रामीण नागरिकों को उपलब्ध कराते हैं.

30 जून 2026 तक देश की ग्राम पंचायतों में 4,07,122 कॉमन सर्विस सेंटर कार्य कर रहे थे. डिजिटल समावेशिता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इनमें से 70,069 सीएससी का संचालन महिला ग्राम स्तरीय उद्यमियों द्वारा किया जा रहा है.

सेवाओं को पारदर्शी और सुगम बनाने के प्रमुख उपाय

डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना (DPI) को सशक्त करने के लिए सरकार द्वारा कई तकनीकी कदम उठाए गए हैं:

  • मोबाइल और वेब-आधारित पहुंच: दोनों प्लेटफॉर्म मोबाइल ऐप और वेब पोर्टल के माध्यम से 24x7 उपलब्ध हैं.

  • डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर से एकीकरण: ई-साइन और एपीआई सेतु जैसे घटकों के साथ एकीकरण से कागज रहित (paperless) प्रक्रियाएं संभव हुई हैं.

  • सुरक्षित प्रमाणीकरण: डिजिटल दस्तावेज़ सत्यापन और सहमति-आधारित डेटा साझाकरण से भौतिक रूप से सरकारी दफ्तर जाने की आवश्यकता कम हुई है.

  • डिजिटल साक्षरता और बहुभाषी सुविधा: 'पीएमजीदिशा' (PMGDISHA) जैसी योजनाओं से डिजिटल साक्षरता बढ़ाई जा रही है. साथ ही, यह सेवाएं कई भारतीय भाषाओं में उपलब्ध कराई जा रही हैं ताकि अधिक से अधिक नागरिक इसका लाभ उठा सकें.

(The above story first appeared on LatestLY on Aug 12, 2026 04:15 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).