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मोदी कैबिनेट का बड़ा फैसला: EPFO की वेतन सीमा 15,000 रुपये से बढ़कर 25,000 रुपये हुई, 51 लाख कर्मचारियों को मिलेगा फायदा

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने EPFO के तहत अनिवार्य कवरेज की वेतन सीमा 15,000 रुपये से बढ़ाकर 25,000 रुपये प्रति माह कर दी है. इस फैसले से लगभग 51 लाख कर्मचारियों को सीधे लाभ मिलेगा और सामाजिक सुरक्षा का दायरा मजबूत होगा.

मोदी कैबिनेट का बड़ा फैसला: EPFO की वेतन सीमा 15,000 रुपये से बढ़कर 25,000 रुपये हुई, 51 लाख कर्मचारियों को मिलेगा फायदा

EPFO Salary Ceiling: केंद्रीय मंत्रिमंडल ने श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के उस प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है, जिसके तहत कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के अंतर्गत अनिवार्य कवरेज की मासिक वेतन सीमा को 15,000 रुपये से बढ़ाकर 25,000 रुपये प्रति माह करने का निर्णय लिया गया है. यह नया नियम 17 सितंबर से प्रभावी होगा. सरकार के इस कदम से करीब 51 लाख नए कर्मचारियों को सीधा फायदा मिलेगा और इस योजना पर सरकारी खजाने से 11,339 करोड़ रुपये का खर्च आएगा.

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट की बैठक के बाद संवाददाताओं को संबोधित करते हुए कहा कि यह लंबे समय से चली आ रही एक प्रमुख मांग थी, जिसे अब प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में मंजूरी दे दी गई है. उन्होंने बताया कि कई राज्यों में अकुशल श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी पहले ही 15,000 रुपये के पार निकल चुकी थी, जिसके कारण 2014 में तय की गई पुरानी सीमा अप्रासंगिक हो चुकी थी. व्यापक विचार-विमर्श के बाद इस सीमा को बढ़ाने का फैसला लिया गया है, जिससे कर्मचारियों और नियोक्ताओं दोनों को मदद मिलेगी.

सामाजिक सुरक्षा का दायरा होगा मजबूत

वर्तमान नियमों के अनुसार, 15,000 रुपये से अधिक के शुरुआती वेतन पर नौकरी शुरू करने वाले कर्मचारी अनिवार्य रूप से EPFO कवरेज में शामिल नहीं होते थे. इसके चलते एक बड़ी आबादी अनिवार्य प्रोविडेंट फंड, पेंशन और बीमा सुरक्षा के लाभ से वंचित रह जाती थी.

वेतन सीमा में वृद्धि से 15,000 रुपये से 25,000 रुपये के वेतन बैंड में आने वाले लाखों कामकाजी लोग अब वैधानिक सामाजिक सुरक्षा दायरे में आ जाएंगे. विशेष रूप से नए नौकरीपेशा युवाओं के लिए यह फैसला वित्तीय सुरक्षा और बचत के नए अवसर प्रदान करेगा.

क्या मिलेंगे प्रमुख फायदे?

कैबिनेट के इस फैसले के बाद पात्र कर्मचारियों को कई महत्वपूर्ण वैधानिक सुरक्षा योजनाएं मिलेंगी:

  • भविष्य निधि बचत (EPF): अनिवार्य योगदान के जरिए कर्मचारियों के लिए दीर्घकालिक बचत प्रणाली मजबूत होगी.

  • पेंशन सुरक्षा (EPS): कर्मचारी पेंशन योजना के तहत सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन की सुविधा उपलब्ध होगी.

  • बीमा कवर (EDLI): कर्मचारी जमा लिंक्ड बीमा योजना के तहत कर्मचारियों को जीवन बीमा सुरक्षा का लाभ प्राप्त होगा.

2014 के बाद पहला बड़ा संशोधन

EPFO की वेतन सीमा वर्ष 2004 से 2014 तक 6,500 रुपये पर स्थिर थी, जिसे सितंबर 2014 में बढ़ाकर 15,000 रुपये किया गया था. पिछले एक दशक में वेतन वृद्धि, बढ़ती आय और औपचारिक रोजगार के विस्तार को देखते हुए इस सीमा को संशोधित करना आवश्यक हो गया था. नया ढांचा वर्तमान वेतन स्तरों और आर्थिक वास्तविकताओं के साथ अधिक सटीक रूप से मेल खाता है.

(The above story first appeared on LatestLY on Sep 16, 2026 03:46 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).