देश

Uddhav Thackeray On Shiv Sena (UBT) MP Defection: 'मुझे मतदाताओं से माफी मांगनी है', सांसदों की बगावत पर उद्धव ठाकरे का बड़ा बयान

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह घटनाक्रम 2022 की उस बड़ी बगावत की याद दिलाता है जब एकनाथ शिंदे 39 विधायकों के साथ अलग हो गए थे. उसी बगावत के बाद शिंदे गुट ने मूल शिवसेना का नाम और चुनाव चिन्ह "धनुष-बाण" अपने पास बनाए रखा था. मातोश्री में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उद्धव ठाकरे ने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं से हिम्मत न हारने की अपील की है.

Uddhav Thackeray On Shiv Sena (UBT) MP Defection: 'मुझे मतदाताओं से माफी मांगनी है', सांसदों की बगावत पर उद्धव ठाकरे का बड़ा बयान
उद्धव ठाकरे, एकनाथ शिंदे (Photo Credits: IANS)

Uddhav Thackeray On Shiv Sena (UBT) MP Defection: महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बड़ा भूचाल आ गया है. शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने अपनी पार्टी के अधिकांश लोकसभा सांसदों के बगावत कर एकनाथ शिंदे गुट का रुख करने के बाद मतदाताओं से सार्वजनिक रूप से माफी मांगी है. सोशल मीडिया पर जारी अपने संदेश में उद्धव ठाकरे ने कहा कि उन्हें उन मतदाताओं से माफी मांगनी है जिन्होंने 2024 लोकसभा चुनाव में शिवसेना (UBT) के उम्मीदवारों को वोट दिया था.

छह सांसदों ने किया बगावत का ऐलान

राजनीतिक संकट तब और गहरा गया जब शिवसेना (UBT) के छह लोकसभा सांसद पार्टी की महत्वपूर्ण बैठक से अनुपस्थित रहे. बागी सांसदों में नरेश पाटिल आष्टीकर, संजय देशमुख, संजय जाधव, संजय दीना पाटिल, ओमराजे निंबालकर और भाऊसाहेब वाकचौरे शामिल बताए जा रहे हैं.

रिपोर्ट्स के अनुसार, इन सांसदों ने अलग बैठक कर एक औपचारिक पत्र पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसमें उन्होंने एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में विलय की इच्छा जताई है. संख्या के लिहाज से ये सांसद दल-बदल विरोधी कानून के तहत जरूरी दो-तिहाई आंकड़े को पूरा करते हैं, जिससे उन्हें तत्काल अयोग्यता से राहत मिल सकती है.

उद्धव गुट के पास बचे सिर्फ तीन सांसद

इस घटनाक्रम के बाद लोकसभा में उद्धव ठाकरे गुट की ताकत काफी घट गई है. अब पार्टी के पास केवल तीन सांसद बचे हैं. राजनीतिक गलियारों में इस पूरे घटनाक्रम को "ऑपरेशन टाइगर" नाम दिया जा रहा है.

बगावत के बाद पार्टी के वरिष्ठ नेता और सांसद Arvind Sawant ने लोकसभा अध्यक्ष Om Birla को पत्र लिखकर अनुरोध किया है कि किसी भी अलग गुट को तुरंत मान्यता न दी जाए और पार्टी का पक्ष सुने बिना कोई फैसला न लिया जाए.

संजय राउत ने लगाए गंभीर आरोप

शिवसेना (UBT) के नेता संजय राउत ने बागी सांसदों पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने आरोप लगाया कि सांसदों को पार्टी छोड़ने के लिए बड़े पैमाने पर आर्थिक प्रलोभन दिए गए. संजय राउत ने बागी नेताओं को "बेईमान" बताते हुए कहा कि जनता उनके फैसले का जवाब देगी.

शिवसेना स्थापना दिवस के बीच बढ़ा सियासी संकट

यह पूरा घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब शिवसेना अपनी स्थापना के 60 वर्ष पूरे होने का जश्न मना रही है. दोनों गुटों ने अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित किए थे. ऐसे में सांसदों की बगावत ने उद्धव ठाकरे खेमे के लिए मुश्किलें और बढ़ा दी हैं.

वहीं मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने इस घटनाक्रम को अपने नेतृत्व पर विश्वास का प्रतीक बताया है और इसे महायुति गठबंधन के लिए बड़ी राजनीतिक सफलता करार दिया है.

2022 की बगावत की याद हुई ताजा

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह घटनाक्रम 2022 की उस बड़ी बगावत की याद दिलाता है जब एकनाथ शिंदे 39 विधायकों के साथ अलग हो गए थे. उसी बगावत के बाद शिंदे गुट ने मूल शिवसेना का नाम और चुनाव चिन्ह "धनुष-बाण" अपने पास बनाए रखा था. मातोश्री में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उद्धव ठाकरे ने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं से हिम्मत न हारने की अपील की है. वहीं इस पूरे मामले को लेकर अब दिल्ली में कानूनी और संवैधानिक लड़ाई भी तेज होने की संभावना है.

(The above story first appeared on LatestLY on Jun 19, 2026 09:24 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).