देश

Himachal Pradesh: रामपुर में राजकीय सम्मान के साथ पूर्व सीएम Virbhadra Singh का किया गया अंतिम संस्कार, देखें तस्वीर

हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह का शनिवार यानी आज पूरे राजकीय सम्मान के साथ रामपुर में अंतिम संस्कार किया गया. बता दें कि बीते गुरुवार को तड़के तीन बजकर 40 मिनट पर प्रदेश की राजधानी शिमला स्थित इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में उनका निधन हो गया था. उन्होंने अपने जीवन की आखिरी सांस 87 वर्ष की अवस्था में ली थी.

Himachal Pradesh: रामपुर में राजकीय सम्मान के साथ पूर्व सीएम Virbhadra Singh का किया गया अंतिम संस्कार, देखें तस्वीर
वीरभद्र सिंह को दिया गया अंतिम संस्कार (Photo Credits: ANI)

शिमला, 10 जुलाई: हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) के पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह (Virbhadra Singh) का शनिवार यानी आज पूरे राजकीय सम्मान के साथ रामपुर (Rampur) में अंतिम संस्कार किया गया. बता दें कि बीते गुरुवार को तड़के तीन बजकर 40 मिनट पर प्रदेश की राजधानी शिमला (Shimla) स्थित इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (Indira Gandhi Medical College & Hospital) में उनका निधन हो गया था. उन्होंने अपने जीवन की आखिरी सांस 87 वर्ष की अवस्था में ली थी.

निधन के पश्चात् राज्य के पूर्व सीएम के पार्थिव शरीर को दिन भर अंतिम दर्शन के लिए उनके आवास हॉली लॉज (Holly Lodge) में रखा गया था. इसके अगले एक दिन बाद रिज मैदान में 11:30 बजे से आम लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी. आम जनता के श्रद्धांजलि के बाद उनके पार्थिव शरीर को 11 बजकर 40 मिनट से लेकर दोपहर एक बजे तक कार्यालय में रखा गया.

यह भी पढ़ें- देश की खबरें | भाजपा अध्यक्ष जे पी नड्डा ने दी वीरभद्र सिंह को श्रद्धांजलि

इन दोनों ही जगहों पर उनके समर्थकों की भारी जन सैलाब उमड़ी रही. लोगों ने इस दौरान नारे लगाते हुए कहे 'राजा साहब, अमर रहें', 'जब तक सूरज चांद रहेगा, राजा साहब का नाम रहेगा,' और 'राजा नहीं फकीर था, जनता की तकदीर था.'

बता दें कि वीरभद्र सिंह हिमाचल प्रदेश के छह बार मुख्यमंत्री रह चुके हैं. उन्हें प्रदेश में विशेष रूप से 'राजा साब' के रूप में जाना जाता था. वह बुशहर की तत्कालीन रियासत में पैदा हुए थे. वीरभद्र सिंह 50 से अधिक वर्षों से तक सक्रिय राजनीति में रहे.

यह भी पढ़ें- देश की खबरें | जे पी नड्डा और राहुल गांधी कल शिमला में वीरभद्र सिंह को श्रद्धांजलि देंगे

सिंह ने अपने हर चुनाव में चाहे वह विधानसभा हो या संसदीय अकेले ही प्रचार किया और हर दिन 15 से 20 बैठकें कीं. राजनीतिक पर्यवेक्षकों का कहना है कि उनके निधन से कांग्रेस नेतृत्व के लिए एक बहुत बड़ा शून्य पैदा हुआ हो गया है.

(The above story first appeared on LatestLY on Jul 10, 2021 08:32 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).