कंप्यूटर बाबा ने संभाला नदी न्यास के अध्यक्ष का पदभार, कमलनाथ सरकार से मांगा हेलीकॉप्टर, कहा- आधुनिक अस्त्र-शस्त्र भी चाहिए
कंप्यूटर बाबा ने नर्मदा परिक्रमा के लिए मध्यप्रदेश सरकार से हेलीकॉप्टर की मांग की.
लोकसभा चुनाव 2019 (Lok Sabha Elections 2019) के दौरान चर्चा में रहे कंप्यूटर बाबा (Computer Baba) उर्फ नामदेव त्यागी एक बार फिर से सुर्खियों में हैं. दरअसल, मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) की कमलनाथ (Kamal Nath) सरकार ने कंप्यूटर बाबा को ‘मां नर्मदा, मां क्षिप्रा एवं मां मंदाकिनी नदी न्यास’ का अध्यक्ष नियुक्त किया था. मंगलवार को कंप्यूटर बाबा ने बाकायदा मंत्रालय में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पदभार भी ग्रहण कर लिया. इस अवसर पर राज्यसभा सदस्य दिग्विजय सिंह (Digivijaya Singh), जनसम्पर्क मंत्री पी. सी. शर्मा, संतगण और अन्य जन-प्रतिनिधि मौजूद थे. पदभार ग्रहण करते ही कंप्यूटर बाबा ने नर्मदा परिक्रमा के लिए मध्यप्रदेश सरकार से हेलीकॉप्टर (Helicopter) की मांग की. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि अगर नदियों को बचाना है तो उन्हें आधुनिक अस्त्र-शस्त्र (Astra-Shastra) की भी जरूरत होगी.
मंत्री पी. सी. शर्मा ने बताया, "यह न्यास नर्मदा, मन्दाकिनी एवं क्षिप्रा नदियों के हित संरक्षण के लिए कार्य करेगा. यह न्यास जनमानस की अध्यात्मिक, सांस्कृतिक, सामाजिक, आर्थिक एवं पर्यावरणीय आकांक्षाओं के अनुरूप काम करेगा. न्यास नदियों के पारिस्थितिक तंत्र को सुरक्षित एवं संरक्षित करेगा. जनमानस को नदियों के हित में कार्य आरंभ करने के लिए प्रेरित करेगा." आधिकारिक बयान के अनुसार, इस न्यास में 16 नामांकित सदस्य हैं. इनमें नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण, जल संसाधन, संस्कृति, पर्यटन, आवास एवं पर्यावरण, वन और खनिज विभागों के मंत्री तथा नर्मदाघाटी विकास प्राधिकरण के अपर मुख्य सचिव सदस्य मनोनीत किए गए हैं. यह भी पढ़ें- कंप्यूटर बाबा पर मेहरबान हुई मध्यप्रदेश सरकार, बनाया मां नर्मदा, मां क्षिप्रा और मंदाकनी नदी न्यास का अध्यक्ष
बयान के अनुसार, अध्यात्म विभाग के अपर मुख्य सचिव न्यास के सदस्य सचिव हैं. न्यास में नदियों से संबंद्ध जिलों से दो विधायक और चार अन्य अशासकीय सदस्य राज्य शासन द्वारा नामांकित किए जाएंगे. बता दें कि चुनाव आयोग की तरफ से 2019 लोकसभा चुनाव के कार्यक्रम की घोषणा से पहले कमलनाथ सरकार ने 8 मार्च को कम्प्यूटर बाबा को नदी न्यास का अध्यक्ष नियुक्त करने का आदेश जारी किया था. इससे पहले अप्रैल 2018 में मध्यप्रदेश की तत्कालीन शिवराज सिंह चौहान सरकार ने कम्प्यूटर बाबा को राज्य मंत्री का दर्जा दे दिया था, जिसे लेकर काफी विवाद हुआ था. हालांकि अक्टूबर 2018 में कम्प्यूटर बाबा ने आरोप लगाते हुए इस दर्जे से इस्तीफा दे दिया था.
आईएएनएस इनपुट
(The above story first appeared on LatestLY on Jun 05, 2019 09:06 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

