Bihar Hooch Tragedy: बिहार में फिर 'जहरीली शराब' का तांडव, पूर्वी चंपारण में 4 की मौत, दर्जनों बीमार; इंडस्ट्रियल स्पिरिट मिलाने की आशंका
बिहार के मोतिहारी में संदिग्ध ज़हरीली शराब त्रासदी में चार की मौत (Photo Credits: IANS)

पटना/मोतिहारी: बिहार (Bihar) में पूर्ण शराबबंदी के बावजूद जहरीली शराब का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है. ताजा मामला पूर्वी चंपारण (East Champaran) जिले का है, जहां संदिग्ध जहरीली शराब (Suspected Poisonous Liquor) पीने से अब तक चार लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि दर्जनों अन्य गंभीर रूप से बीमार हैं. यह घटना तुरकौलिया थाना क्षेत्र (Turkauliya Police Station Area) के बालगंगा गांव (Balganga Village) में बुधवार शाम को हुई. इस घटना के बाद प्रभावित गांवों में दहशत का माहौल है और पुलिस ने मुख्य आरोपी को हिरासत में लेकर जांच शुरू कर दी है. यह भी पढ़ें: Bihar Poisonous Liquor Case: बिहार के सीवान में जहरीली शराब पीने से 20 लोगों की मौत, तीन गिरफ्तार

मृतकों की पहचान और मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी

स्थानीय सूत्रों के अनुसार, मृतकों की पहचान प्रमोद यादव, चंदू कुमार और परीषण मांझी के रूप में हुई है, जबकि एक अन्य व्यक्ति की पहचान की जा रही है. जिला पुलिस ने इस मामले में नागा राय नामक व्यक्ति को हिरासत में लिया है, जिस पर ग्रामीणों को जहरीली शराब सप्लाई करने का आरोप है. पुलिस ने उसके खिलाफ हत्या की धाराओं के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज की है.

इंडस्ट्रियल स्पिरिट और आंखों की रोशनी जाने का दावा

प्रत्यक्षदर्शियों और पीड़ितों का आरोप है कि शराब में 'इंडस्ट्रियल स्पिरिट' मिलाया गया था. शराब पीने के कुछ ही घंटों बाद लोगों को बेचैनी, तेज सिरदर्द, उल्टी और शारीरिक कमजोरी महसूस होने लगी. एक पीड़ित ने बताया कि उसकी आंखों के सामने अंधेरा छा गया और अब उसे कुछ दिखाई नहीं दे रहा है.

अस्पताल में भर्ती लोहा ठाकुर नामक युवक ने बताया, 'हमने इसे सामान्य शराब समझकर पिया था, लेकिन इसमें स्पिरिट मिला हुआ था. मेरे एक दोस्त की आंखों की रोशनी चली गई है और मेरी हालत भी खराब है.'

कानूनी कार्रवाई के डर से छिपा रहे बीमारी

स्थानीय डॉक्टरों का कहना है कि जहरीली शराब में अक्सर 'मेथनॉल' जैसे घातक तत्व होते हैं, जो सीधे तंत्रिका तंत्र पर हमला करते हैं और अंधापन या मौत का कारण बनते हैं. वहीं, शराबबंदी कानून के तहत कार्रवाई के डर से कई ग्रामीण सरकारी अस्पतालों में जाने के बजाय निजी या गुप्त तरीके से इलाज करा रहे हैं, जिससे मौतों का आंकड़ा बढ़ने की आशंका है.

वार्ड पार्षद रमाशंकर ठाकुर ने बताया कि बीमार लोगों की संख्या काफी अधिक है, हालांकि मौतों की आधिकारिक पुष्टि और वेरिफिकेशन की प्रक्रिया अभी जारी है. यह भी पढ़ें: Bihar Poisonous Liquor Case: बिहार में जहरीली शराब का अवैध कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है, सरकार लगाम लगाए; प्रियंका गांधी

पुरानी यादें हुईं ताजा

इस घटना ने करीब ढाई साल पहले मोतिहारी में हुई उस बड़ी त्रासदी की यादें ताजा कर दी हैं, जिसमें 42 लोगों की जान चली गई थी. बिहार में शराबबंदी लागू होने के बावजूद अवैध शराब के नेटवर्क का सक्रिय होना प्रशासन और प्रवर्तन एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है. पुलिस फिलहाल पूरे इलाके में सर्च ऑपरेशन चला रही है ताकि शराब के स्टॉक को नष्ट किया जा सके.