PNB ने शुरू की जीरो-बैलेंस वाले इनएक्टिव खाते बंद करने की प्रक्रिया, जानें क्या है कारण और अब ग्राहकों के पास क्या है विकल्प?
पंजाब नेशनल बैंक (PNB) ने 16 अप्रैल 2026 से उन इनएक्टिव खातों को बंद करना शुरू कर दिया है, जिनमें पिछले तीन वर्षों से कोई लेनदेन नहीं हुआ है. बैंक ने यह कदम सुरक्षा और परिचालन दक्षता को सुधारने के उद्देश्य से उठाया है.
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नई दिल्ली: पंजाब नेशनल बैंक (Punjab National Bank) यानी पीएनबी (PNB) ने शुक्रवार, 16 अप्रैल 2026 से उन बैंक खातों (Bank Accounts) को बंद करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है जो लंबे समय से निष्क्रिय (Dormant) पड़े थे. बैंक द्वारा दी गई समय सीमा 15 अप्रैल को समाप्त होने के बाद यह कदम उठाया गया है. इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य बैंक के रिकॉर्ड को दुरुस्त करना और उन खातों को सिस्टम से हटाना है जिनका उपयोग वर्षों से नहीं किया जा रहा था. बैंक ने मार्च में ही इस संबंध में एडवाइजरी जारी कर ग्राहकों को आगाह कर दिया था. यह भी पढ़ें: RBI New Rules for Digital Payments: आरबीआई के नए नियम, 1 अप्रैल 2026 से डिजिटल पेमेंट के लिए टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन होगा अनिवार्य, चेक डिटेल्स
क्यों बंद किए जा रहे हैं ये खाते?
PNB का यह निर्णय बैंकिंग परिचालन में सुधार और सुरक्षा जोखिमों को कम करने की एक नियमित प्रक्रिया का हिस्सा है. बैंक के अनुसार, जिन खातों में कोई बैलेंस नहीं होता और जो लंबे समय तक निष्क्रिय रहते हैं, उनके दुरुपयोग की संभावना बढ़ जाती है.
ऐसे खाते धोखाधड़ी (Fraud) या अनधिकृत गतिविधियों के लिए सॉफ्ट टारगेट हो सकते हैं. इन खातों को बंद करके बैंक न केवल वित्तीय सुरक्षा को मजबूत कर रहा है, बल्कि नियामक मानकों (Regulatory Norms) का पालन भी सुनिश्चित कर रहा है.
कौन से खाते हुए प्रभावित?
बैंक ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई विशेष रूप से उन खातों पर की गई है जो निम्नलिखित शर्तों को पूरा करते थे:
- पिछले तीन वर्षों से कोई भी लेनदेन (Transaction) न हुआ हो.
- खाते में जीरो बैलेंस (शून्य शेष) हो.
- बैंक रिकॉर्ड में खाता 'इनएक्टिव' या 'डॉर्मेंट' श्रेणी में वर्गीकृत हो.
जिन ग्राहकों ने 15 अप्रैल की समय सीमा तक अपने खाते को फिर से सक्रिय नहीं कराया या केवाईसी (KYC) अपडेट नहीं किया, उनके खाते अब बंद किए जा रहे हैं.
ग्राहकों के पास क्या था बचाव का रास्ता?
खाता बंद होने से बचाने के लिए PNB ने ग्राहकों को अपने नजदीकी शाखा में जाकर केवाईसी दस्तावेज अपडेट करने और कम से कम एक लेनदेन करने की सलाह दी थी. बैंक ने डिजिटल माध्यमों और आधिकारिक सूचनाओं के जरिए ग्राहकों को बार-बार सूचित किया था कि वे अंतिम समय की देरी से बचने के लिए जल्द से जल्द कार्रवाई करें. यह भी पढ़ें: Bank Holiday 2026 List: अगले साल 100 से ज्यादा दिनों तक बंद रहेंगे बैंक, RBI ने छुट्टियों का कैलेंडर किया जारी; देखें पूरी लिस्ट
खाता बंद होने के बाद अब क्या करें?
जिन ग्राहकों के खाते बंद हो चुके हैं, उन्हें बैंकिंग सेवाएं फिर से शुरू करने के लिए अतिरिक्त प्रक्रियाओं से गुजरना होगा। इसमें शामिल हो सकते हैं:
- संबंधित शाखा में जाकर खाता फिर से खोलने का आवेदन देना.
- नए सिरे से दस्तावेजीकरण और पूर्ण केवाईसी सत्यापन (KYC Verification) कराना.
- यदि पुराना खाता बहाल नहीं हो सकता, तो नया खाता खोलने की प्रक्रिया पूरी करना.
PNB ने अपने ग्राहकों को भविष्य में ऐसी स्थिति से बचने के लिए नियमित रूप से खाते की निगरानी करने और समय-समय पर छोटे-मोटे लेनदेन करते रहने की सलाह दी है, ताकि खाता सक्रिय बना रहे. किसी भी संशय की स्थिति में ग्राहक बैंक की हेल्पलाइन या अपनी शाखा से संपर्क कर सकते हैं.
(The above story first appeared on LatestLY on Apr 17, 2026 03:02 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

