Women's Reservation Bill: पीएम मोदी ने उत्तराखंड से की महिला आरक्षण विधेयक के लिए सर्वसम्मति की अपील, 2029 से पहले लागू करने का लक्ष्य
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Photo Credits: IANS)

देहरादून: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने मंगलवार को 'देवभूमि' उत्तराखंड (Uttarakhand)  में 12,000 करोड़ रुपये की लागत वाले दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर (Delhi-Dehradun Economic Corridor) का उद्घाटन किया. इस अवसर पर उन्होंने राज्य के विकास के लिए 'डबल इंजन' सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई. अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री ने एक महत्वपूर्ण राजनीतिक अपील करते हुए महिला आरक्षण विधेयक (Women's Reservation Bill) (नारी शक्ति वंदना अधिनियम) के लिए सभी दलों से सर्वसम्मत समर्थन देने का आग्रह किया. यह भी पढ़ें: Women’s Reservation Bill 2026: महिला आरक्षण विधेयक को लेकर संसद के विशेष सत्र से जगी उम्मीदें, नेताओं और दिग्गजों ने आम सहमति की अपील की

महिला आरक्षण: 2029 से पहले क्रियान्वयन का लक्ष्य

प्रधानमंत्री ने विधायी निकायों में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत प्रतिनिधित्व की वकालत करते हुए सभी राजनीतिक दलों से प्रस्तावित संशोधनों का समर्थन करने की अपील की. उन्होंने कहा कि 16 अप्रैल से संसद में इस पर विशेष चर्चा निर्धारित है.

पीएम मोदी ने जोर देकर कहा, 'देश की भावना है कि इसे 2029 के लोकसभा चुनावों से पहले लागू किया जाना चाहिए. महिलाओं के अधिकारों में और देरी नहीं होनी चाहिए.' उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने देश की सभी "माताओं और बहनों" के नाम एक पत्र लिखा है, जिसे पढ़ने का उन्होंने आग्रह किया.

यूसीसी पर उत्तराखंड की सराहना

प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली उत्तराखंड सरकार की प्रशंसा की, जो समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने वाला पहला राज्य बना है. उन्होंने कहा कि देवभूमि ने पूरे देश को रास्ता दिखाया है और इसे राष्ट्रव्यापी स्तर पर लागू करना हमारे संविधान की अपेक्षा है. उन्होंने संकेत दिया कि उत्तराखंड का मॉडल पूरे देश में यूसीसी के रोल-आउट के लिए एक उदाहरण बनेगा.

दिल्ली-देहरादून की दूरी अब और कम

उद्घाटन किया गया दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर 210 किलोमीटर लंबा राजमार्ग है. इस परियोजना के पूरा होने से दिल्ली और देहरादून के बीच यात्रा का समय 6.5 घंटे से घटकर मात्र 2.5 घंटे रह जाने की उम्मीद है.

राजनीतिक दलों से एकजुट होने की अपील

प्रधानमंत्री ने अपने भाषण के अंत में दोहराया कि 2029 तक देश की आधी आबादी को उनके पूरे अधिकार मिलना सुनिश्चित किया जाएगा. उन्होंने विपक्षी दलों से आग्रह किया कि वे दलगत राजनीति से ऊपर उठकर देश की बेटियों और बहनों के अधिकारों के लिए एक साथ आएं और इस कार्य को बिना किसी बाधा के आगे बढ़ाएं.