Delhi-Dehradun Expressway Inaugurated: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज बहुप्रतीक्षित दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का आधिकारिक उद्घाटन किया. लगभग 12,000 करोड़ रुपये की लागत से बना यह 213 किलोमीटर लंबा छह-लेन का एक्सप्रेसवे राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के बीच की दूरी और यात्रा के समय को काफी कम कर देगा. इस परियोजना के साथ ही क्षेत्र में सड़क परिवहन और पर्यटन के एक नए युग की शुरुआत हुई है. यह भी पढ़े: PM Modi Ajmer Visit: पीएम मोदी आज राजस्थान के अजमेर के दौरे पर, 16,680 करोड़ की परियोजनाओं का करेंगे शिलान्यास और उद्घाटन
प्रमुख विशेषताएं और सफर में बचत
- यह एक्सप्रेसवे दिल्ली के अक्षरधाम के पास से शुरू होकर बागपत, मुजफ्फरनगर, शामली और सहारनपुर जैसे महत्वपूर्ण शहरों से होते हुए देहरादून तक जाता है. उद्घाटन के बाद, यात्री अब 6 से 6.5 घंटे का लंबा सफर महज 2.5 घंटे में पूरा कर सकेंगे.
- दूरी में कमी: सड़क की कुल लंबाई मौजूदा 235 किलोमीटर से घटकर लगभग 210-213 किलोमीटर रह गई है.
- गति और सुरक्षा: इसे 100 किमी/घंटा की न्यूनतम गति सीमा के साथ डिजाइन किया गया है, जो यात्रियों को एक सुगम और सुरक्षित अनुभव प्रदान करेगा.
- आधुनिक सुविधाएं: इसमें 10 इंटरचेंज, 113 वाहनों के लिए अंडरपास, 62 बस शेल्टर और 14 विश्राम स्थल (wayside amenities) शामिल किए गए हैं.
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का हुआ उद्घाटन
#WATCH देहरादून, उत्तराखंड: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर का उद्घाटन किया।
इस कॉरिडोर से दिल्ली और देहरादून के बीच यात्रा का समय 6 घंटे से घटकर लगभग 2.5 घंटे रह जाएगा। इसे कई फीचर्स के साथ डिज़ाइन किया गया है, जिसका मकसद इंसान-जानवर के टकराव को… pic.twitter.com/Z7WSrkmLUI
— ANI_HindiNews (@AHindinews) April 14, 2026
वन्यजीवों के अनुकूल डिजाइन
इस एक्सप्रेसवे की सबसे बड़ी खासियत इसका पर्यावरण के प्रति संवेदनशील डिजाइन है। इसमें शिवालिक पहाड़ियों के राजजी नेशनल पार्क से गुजरने वाला 12 किलोमीटर लंबा 'एलिवेटेड वाइल्डलाइफ कॉरिडोर' बनाया गया है। यह एशिया के सबसे लंबे वन्यजीव गलियारों में से एक है।
इस कॉरिडोर में जानवरों की सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं, जिनमें 200 मीटर लंबे दो हाथी अंडरपास, छह अन्य पशु क्रॉसिंग और शोर को नियंत्रित करने वाले बैरियर शामिल हैं। यह सुनिश्चित करता है कि वाहनों की तेज रफ्तार का वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास पर कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़े,
क्षेत्रीय विकास और पर्यटन को बढ़ावा
यह एक्सप्रेसवे न केवल दिल्ली और देहरादून को जोड़ेगा, बल्कि हरिद्वार और चारधाम यात्रा मार्ग के लिए भी एक समर्पित लिंक प्रदान करेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे उत्तराखंड के पर्यटन उद्योग को नई गति मिलेगी और व्यापारिक गतिविधियों में तेजी आएगी। इसके अलावा, एडवांस्ड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ATMS) के जरिए यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर भी विशेष ध्यान दिया गया है।
इस एक्सप्रेसवे का उद्घाटन भारत की आधुनिक बुनियादी ढांचा विकास की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर माना जा रहा है, जो भविष्य में क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और आर्थिक समृद्धि के नए द्वार खोलेगा।
क्या आप इस एक्सप्रेसवे पर लागू होने वाले टोल टैक्स या अन्य यात्रा संबंधी जानकारी के बारे में जानना चाहते हैं?













QuickLY