Bhubaneswar News: ओडिशा (Odisha) से राष्ट्रीय स्कूल कुश्ती चैंपियनशिप (National School Wrestling Championship) में हिस्सा लेने दिल्ली जा रहे छात्र पहलवानों की दर्दनाक यात्रा का एक वीडियो सोशल मीडिया (Social Media) पर वायरल हो गया है. वीडियो में देखा जा सकता है कि युवा पहलवानों को ट्रेन के अनारक्षित डिब्बे (Unreserved Coach) में टॉयलेट के पास (Near Train Toilets) बैठकर और खड़े होकर सफर करना पड़ा.वायरल क्लिप में पुरुष और महिला दोनों वर्ग के पहलवान नजर आ रहे हैं, जिनमें से कई नाबालिग (Minors) बताए जा रहे हैं.
भीड़ भाड़ वाले कोच में जगह न मिलने के कारण खिलाड़ी शौचालय के पास बैठे दिखे. सर्दी के मौसम (Winter Season) में इस तरह की यात्रा ने उनके स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं खड़ी कर दी हैं. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया X पर @nabilajamal_ नाम के हैंडल से शेयर किया गया है. ये भी पढ़े:Pondicherry Shocker: नहीं हुआ सिलेक्शन तो क्रिकेटरों ने किया जानलेवा हमला, कोच को लगे 20 टांके और हाथ भी हुआ फ्रैक्चर, पुडुचेरी की घटना से खेल जगत में खलबली
टॉयलेट के पास बैठकर खिलाड़ियों का सफर
🚨 Utter disgrace to Odisha's sports & education departments!
18 young athletes from #Odisha, travelling to represent their state at the 69th National School Wrestling Championship in Uttar Pradesh, were forced to endure inhumane train travel conditions
Video shows the athletes… pic.twitter.com/TPEBneeJ96
— Nabila Jamal (@nabilajamal_) December 23, 2025
अव्यवस्था के बीच तय करना पड़ा लंबा सफर
जानकारी के मुताबिक, पहलवानों को लंबे समय तक भीड़ और गंदे माहौल (Unhygienic Conditions) में सफर करना पड़ा. विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की यात्रा से खिलाड़ियों की फिटनेस (Fitness) और परफॉर्मेंस (Performance) पर नकारात्मक असर पड़ सकता है, खासकर तब जब उन्हें राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में उतरना हो.
नेशनल चैंपियनशिप खिलाड़ियों के लिए अहम मंच
दिल्ली में होने वाली राष्ट्रीय स्कूल कुश्ती प्रतियोगिता (National School Wrestling Championship) युवा खिलाड़ियों के लिए बेहद अहम मानी जाती है. यह मंच उन्हें देशभर के बेहतरीन पहलवानों के साथ मुकाबला करने और टैलेंट पहचान (Talent Identification) का अवसर देता है. ऐसे में इस तरह की अव्यवस्थित यात्रा ने पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए हैं.
बाबुओं पर गंभीर आरोप
वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं. एक यूज़र ने टिप्पणी की,“सभी बाबू अपने दोस्तों और परिवार के लिए अपने ऑफिशियल रेलवे कोटे का गलत इस्तेमाल करते हैं, लेकिन इन एथलीटों के लिए नहीं.कई लोगों ने सवाल उठाया कि जब अधिकारी अपने रेलवे कोटा (Official Railway Quota) का दुरुपयोग कर सकते हैं, तो इन खिलाड़ियों के लिए बेहतर इंतजाम क्यों नहीं किए गए.
कांग्रेस ने साधा निशाना
इस मामले को लेकर कांग्रेस नेता (Congress Leader) ने बीजेपी सरकार (BJP Government) पर निशाना साधा है.उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार खेल और खिलाड़ियों की बातें तो करती है, लेकिन ज़मीनी स्तर पर लॉजिस्टिक सपोर्ट (Logistical Support) पूरी तरह नाकाम नजर आता है.
जिम्मेदारी किसकी?
आमतौर पर राज्य की टीमों के यात्रा और ठहरने (Travel & Accommodation) की जिम्मेदारी संबंधित School Games Federation या Sports Department की होती है. हालांकि, खबर लिखे जाने तक ओडिशा खेल विभाग (Odisha Sports Department) या स्कूल गेम्स फेडरेशन (School Games Federation) की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है.













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