Noida Techie Death: सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता मौत मामले में बिल्डर अभय कुमार गिरफ्तार, SIT जांच शुरू (Watch Video)

नोएडा: ग्रेटर नोएडा (Greater Noida) के सेक्टर 150 (Sector 150) में सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता (Yuvraj Mehta) की दर्दनाक मौत के मामले में नोएडा पुलिस (Noida Police) ने बड़ी कार्रवाई की है. मंगलवार को नॉलेज पार्क थाना पुलिस ने लापरवाही के आरोप में बिल्डर सह डेवलपर अभय कुमार (Abhay Kumar) को गिरफ्तार कर लिया. अभय कुमार 'विजटाउन प्लानिंग प्राइवेट लिमिटेड' के निदेशक हैं. यह गिरफ्तारी उस एफआईआर (FIR) के आधार पर की गई है, जो निर्माण स्थल पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी और आपराधिक लापरवाही के चलते दर्ज की गई थी. यह भी पढ़ें: Noida: टेक पेशेवर युवराज मेहता की मौत का सच: पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दम घुटने और हार्ट फेल्योर का खुलासा

हादसे की भयावहता और प्रशासनिक सुस्ती

27 वर्षीय युवराज मेहता की मौत पिछले शुक्रवार (17 जनवरी) की रात को हुई थी. घने कोहरे के बीच गुरुग्राम से घर लौटते समय उनकी एसयूवी (SUV) अनियंत्रित होकर एक जर्जर ड्रेनेज दीवार तोड़ते हुए पानी से भरे गहरे गड्ढे में गिर गई थी. यह गड्ढा बेसमेंट निर्माण के लिए खोदा गया था. चश्मदीदों के अनुसार, युवराज मदद के लिए चिल्लाते रहे, लेकिन प्रशासन और रेस्क्यू टीम की कथित सुस्ती के कारण उनकी जान नहीं बचाई जा सकी. इस घटना के बाद से ही स्थानीय निवासियों और परिजनों में भारी रोष व्याप्त है.

बिल्डर की लापरवाही पर पुलिस का शिकंजा

जांच में सामने आया है कि जिस कमर्शियल साइट पर यह हादसा हुआ, वहां न तो कोई चेतावनी बोर्ड लगा था और न ही कोई मजबूत बैरिकेडिंग की गई थी. चौंकाने वाली बात यह है कि इसी स्थान पर 15 दिन पहले भी एक ऐसा ही हादसा हुआ था, फिर भी बिल्डर ने कोई सुरक्षा इंतजाम नहीं किए. पुलिस अब गिरफ्तार बिल्डर अभय कुमार को कोर्ट में पेश कर रिमांड की मांग करेगी. पुलिस बिल्डर के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड और नोएडा अथॉरिटी के प्रति उसके बकाया करोड़ों रुपये के भुगतान की भी जांच कर रही है.

मुख्यमंत्री के निर्देश पर SIT जांच

मामले की गंभीरता को देखते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को विशेष जांच दल (SIT) के गठन का आदेश दिया. SIT न केवल हादसे की परिस्थितियों की जांच करेगी, बल्कि दोषी बिल्डरों और लापरवाह अधिकारियों की जवाबदेही भी तय करेगी. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पहले ही पुष्टि हो चुकी है कि युवराज की मौत पानी में डूबने के कारण दम घुटने (Asphyxiation) और उसके बाद हुए हार्ट फेल्योर से हुई थी.

सेक्टर 150 में सुरक्षा पर सवाल

नोएडा का सेक्टर 150 तेजी से विकसित हो रहा है, लेकिन निर्माणाधीन साइट्स पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी अब जानलेवा साबित हो रही है. निवासियों का आरोप है कि अथॉरिटी और बिल्डरों के बीच मिलीभगत के कारण नियमों को ताक पर रखा जाता है. इस गिरफ्तारी के बाद अब अन्य डेवलपर्स पर भी निर्माण स्थलों को सुरक्षित बनाने का दबाव बढ़ गया है.