COVID-19: ओमिक्रॉन से भी अधिक संक्रामक हो सकता है कोरोना का अगला वेरिएंट; WHO की चेतावनी
दुनियाभर में कोरोना के ओमिक्रॉन वेरिेएंट के मामले अब तेजी से कम होने लगे हैं. कोरोना का कहर कुछ कम हुआ ही है कि इस बीच WHO ने महामारी को लेकर नई चेतावनी दी है. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) का कहना है कि कोरोना का अगला वेरिएंट ज्यादा संक्रामक और ज्यादा घातक हो सकता है.
दुनियाभर में कोरोना के ओमिक्रॉन (Omicron) वेरिेएंट के मामले अब तेजी से कम होने लगे हैं. कोरोना का कहर कुछ कम हुआ ही है कि इस बीच WHO ने महामारी को लेकर नई चेतावनी दी है. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) का कहना है कि कोरोना का अगला वेरिएंट ज्यादा संक्रामक और ज्यादा घातक हो सकता है. China: महज 2 ओमिक्रॉन के मामले मिलने पर पूरे शहर में लगा दिया लॉकडाउन, जीरो कोविड नीति बनी चीनियों की मुसीबत.
WHO की महामारी विशेषज्ञ डॉ. मारिया वान केरखोव ने कहा कि महामारी अभी खत्म नहीं हुई. चिंता की बात यह है कि भविष्य में आने वाले वेरिएंट ओमिक्रॉन की तुलना में ज्यादा संक्रामक हो सकते हैं. यानी की अभी तक दुनिया में कोरोना से जितनी तबाही मची है उससे कहीं ज्यादा तबाही भविष्य में मच सकती है. उन्होंने कहा कि अगला वैरिएंट इम्युनिटी को चकमा दे सकता है और वैक्सीन का असर भी कम हो सकता है.
WHO ने कहा, ओमिक्रॉन के बीए.2 उप प्रकार के विश्व स्तर पर फैलने की आशंका है. सीएनबीसी ने बताया कि डब्ल्यूएचओ के कोविड-19 तकनीकी नेतृत्व मारिया वान केरखोव के अनुसार, बीए.2 सबवेरिएंट, जो वर्तमान में प्रमुख बीए.1 वेरिएंट की तुलना में अधिक संक्रामक है, संभवत: अधिक सामान्य हो जाएगा.
वान केरखोव ने मंगलवार को डब्ल्यूएचओ के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लाइव स्ट्रीम किए गए एक प्रश्न और उत्तर सत्र के दौरान कहा, "बीए.2 बीए.1 की तुलना में अधिक पारगम्य है, इसलिए हम बीए.2 को दुनिया भर में बढ़ते हुए देखने की उम्मीद करते हैं."
वैन केरखोव ने कहा, डब्ल्यूएचओ यह देखने के लिए बीए.2 की निगरानी कर रहा है कि क्या सबवेरिएंट उन देशों में नए संक्रमणों की वृद्धि का कारण बनता है, जिनमें तेजी से वृद्धि देखी गई और फिर ओमिक्रॉन मामलों में तेज गिरावट आई.
उन्होंने कहा कि शोध अभी भी जारी है, लेकिन दोनों में से किसी एक के कारण होने वाले संक्रमण की गंभीरता में अंतर का कोई संकेत नहीं है. हालांकि ओमिक्रॉन तेजी से फैलता है, यह अल्फा और डेल्टा वेरिएंट की तुलना में हल्के संक्रमण का कारण बनता है.
डेनमार्क में शोधकर्ताओं ने पाया है कि बीए.2 बीए.1 की तुलना में लगभग 1.5 गुना अधिक संक्रमणीय है और यह उन लोगों को संक्रमित करने में अधिक कुशल है जिन्हें टीका लगाया गया है और यहां तक कि बढ़ाया भी गया है. हालांकि, जिन लोगों को पूरी तरह से टीका लगाया गया है, उनमें असंक्रमित लोगों की तुलना में इसके फैलने की संभावना कम होती है.
वैन केरखोव ने कहा कि टीके गंभीर बीमारी और मृत्यु को रोकने में अत्यधिक प्रभावी हैं, हालांकि वे सभी संक्रमणों को नहीं रोकते हैं. उन्होंने लोगों से टीकाकरण करने और घर के अंदर मास्क पहनने का आह्वान किया.
रिपोर्ट में कहा गया है कि डब्ल्यूएचओ के कोविड घटना प्रबंधक डॉ. आब्दी महमूद ने कहा कि यह स्पष्ट नहीं है कि बीए.2 उन लोगों को फिर से संक्रमित कर सकता है जिनको पहले बीए.1 था. यह जानकारी इस बात पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकती है कि वायरस कितना फैल सकता है. यूके में एक अध्ययन में पाया गया कि ओमिक्रॉन से संक्रमित होने वाले दो-तिहाई लोगों ने कहा कि उन्हें पहले भी कोविड था.
(The above story first appeared on LatestLY on Feb 09, 2022 04:47 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

