Bank Strike: देशभर में 27 जनवरी से लगातार 4 दिन बंद रहेंगे बैंक; जानें क्या हैं कर्मचारियों की मांगें
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 Bank Strike: देश के करोड़ों बैंक ग्राहकों के लिए जरूरी खबर है. यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) ने 27 जनवरी 2026 को देशव्यापी बैंक हड़ताल का आह्वान किया है. इस हड़ताल के कारण सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के बैंकों में कामकाज प्रभावित होने की संभावना है. सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि हड़ताल की तारीख के पहले पड़ने वाले सार्वजनिक अवकाशों के कारण बैंक शाखाएं लगातार चार दिनों तक बंद रह सकती हैं.

लगातार 4 दिनों तक क्यों बंद रहेंगे बैंक?

जनवरी के अंतिम सप्ताह में छुट्टियों और हड़ताल के मेल से बैंकिंग सेवाओं पर लंबा असर पड़ेगा. यह भी पढ़े: Bank Strike: 21 मार्च तक निपटा लें बैंक के काम, 4 दिन बंद रहेंगे बैंक! ये हैं मुख्य मांगें

  • 24 जनवरी: चौथा शनिवार (अवकाश)

  • 25 जनवरी: रविवार (साप्ताहिक अवकाश)

  • 26 जनवरी: गणतंत्र दिवस (राष्ट्रीय अवकाश)

  • 27 जनवरी: प्रस्तावित देशव्यापी बैंक हड़ताल

इस प्रकार, 23 जनवरी के बाद सीधे 28 जनवरी को ही बैंकों में नियमित कामकाज शुरू हो पाएगा. ग्राहकों को सलाह दी गई है कि वे अपने चेक क्लियरिंग और नकदी से जुड़े जरूरी काम 23 जनवरी तक निपटा लें.

क्या हैं बैंक कर्मचारियों की मुख्य मांगें?

बैंक यूनियनों की यह हड़ताल मुख्य रूप से '5-डे वर्क वीक' (5-Day Work Week) को लागू करने की मांग को लेकर है.

  1. सभी शनिवारों की छुट्टी: कर्मचारी चाहते हैं कि महीने के सभी शनिवारों को अवकाश घोषित किया जाए. वर्तमान में केवल दूसरे और चौथे शनिवार को छुट्टी होती है.

  2. काम के घंटों में बदलाव: यूनियनों का तर्क है कि वे शनिवार की छुट्टी के बदले सोमवार से शुक्रवार तक प्रतिदिन 40 मिनट अतिरिक्त काम करने को तैयार हैं.

  3. समानता की मांग: कर्मचारियों का कहना है कि जब आरबीआई (RBI), एलआईसी (LIC), और केंद्र सरकार के कार्यालयों में 5 दिन का कार्य सप्ताह लागू है, तो बैंकों में इसे लागू करने में देरी क्यों की जा रही है?

हड़ताल का डिजिटल सेवाओं पर असर

यद्यपि बैंक शाखाओं में काउंटर सेवाएं, जैसे कि चेक जमा करना, ड्राफ्ट बनवाना और पासबुक अपडेट करना प्रभावित रहेगा, लेकिन डिजिटल बैंकिंग सेवाएं काफी हद तक चालू रहने की उम्मीद है.

  • UPI और नेट बैंकिंग: सामान्य रूप से काम करेंगे.

  • ATM सेवाएं: शुरुआती दिनों में चालू रहेंगी, लेकिन लंबी बंदी के कारण कैश की किल्लत हो सकती है.

  • मोबाइल ऐप: ट्रांजेक्शन के लिए उपलब्ध रहेंगे.

सरकार और IBA का रुख

इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) और बैंक यूनियनों के बीच मार्च 2024 के वेतन समझौते के दौरान 5-दिवसीय कार्य सप्ताह पर सैद्धांतिक सहमति बनी थी. हालांकि, अंतिम मंजूरी अभी भी केंद्र सरकार के पास लंबित है. इसी देरी के विरोध में यूनियनों ने अब सड़क पर उतरने का फैसला किया है. यदि सरकार 27 जनवरी से पहले कोई ठोस आश्वासन देती है, तो हड़ताल वापस भी ली जा सकती है.