Bharat Bandh Today: ट्रेड यूनियन और किसान संगठनों की देशव्यापी हड़ताल से जनजीवन प्रभावित होने के आसार, जानें आपके राज्य में स्कूल-कॉलेज और बैंक क्या खुला, क्या बंद
देशभर के 10 केंद्रीय ट्रेड यूनियनों और किसान संगठनों ने 12 फरवरी 2026 को भारत बंद का आह्वान किया है. नए श्रम कानूनों और ट्रेड डील के विरोध में बुलाए गए इस बंद से बैंकिंग और परिवहन सेवाओं पर असर पड़ने की संभावना है.
Bharat Bandh Today: देश के 10 प्रमुख केंद्रीय ट्रेड यूनियनों और विभिन्न किसान संगठनों ने आज, 12 फरवरी 2026 को 'भारत बंद' का आह्वान किया है. यह हड़ताल केंद्र सरकार के नए श्रम कोड (Labour Codes) और प्रस्तावित भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के विरोध में बुलाई गई है. इस विरोध प्रदर्शन में लगभग 30 करोड़ श्रमिकों के शामिल होने का दावा किया गया है, जिसका असर बैंकिंग, सार्वजनिक परिवहन और औद्योगिक क्षेत्रों पर देखने को मिल सकता है.
स्कूलों और कॉलेजों की स्थिति
अभिभावकों और छात्रों के बीच सबसे बड़ा सवाल स्कूलों की छुट्टी को लेकर है. ताज़ा अपडेट के अनुसार: यह भी पढ़े: India–US Trade Deal: भारत-अमेरिका के बीच हुआ ट्रेड डील, जानें कौन-कौन से सामान हो सकते हैं सस्ते? यहां देखें लिस्ट
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दिल्ली, महाराष्ट्र और पंजाब: इन राज्यों में सरकार की ओर से स्कूलों को बंद करने का कोई आधिकारिक आदेश जारी नहीं किया गया है. अधिकांश स्कूल सामान्य रूप से खुलेंगे.
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केरल, ओडिशा और कर्नाटक: इन राज्यों में ट्रेड यूनियनों की मजबूत पकड़ होने के कारण स्थानीय प्रशासन एहतियात के तौर पर स्कूल-कॉलेज बंद रख सकता है.
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उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल: यहां भी शिक्षण संस्थान खुले रहने की संभावना है, हालांकि परिवहन की कमी के कारण उपस्थिति कम रह सकती है.
अभिभावकों को सलाह दी जाती है कि वे अंतिम समय की जानकारी के लिए संबंधित स्कूल प्रबंधन या स्थानीय प्रशासन के संपर्क में रहें.
बैंकिंग और परिवहन सेवाओं पर असर
हड़ताल का सबसे ज्यादा असर सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (PSUs) और सड़क परिवहन पर पड़ सकता है.
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बैंकिंग: बैंक यूनियनों (AIBEA, BEFI) के समर्थन के चलते काउंटर सेवाओं और चेक क्लियरिंग में देरी हो सकती है. हालांकि, नेट बैंकिंग और एटीएम सेवाएं सुचारू रूप से चलती रहेंगी.
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परिवहन: केरल और कर्नाटक जैसे राज्यों में सरकारी बसों के पहिए थम सकते हैं. टैक्सी और ऑटो यूनियन के शामिल होने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है. दिल्ली मेट्रो और निजी दफ्तरों के सामान्य रूप से चलने की उम्मीद है.
क्यों किया जा रहा है विरोध?
प्रदर्शनकारी संगठनों की मुख्य मांगें निम्नलिखित हैं:
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चारों नए श्रम कोड (Labour Codes) को तुरंत वापस लिया जाए.
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प्रस्तावित भारत-अमेरिका ट्रेड डील को रद्द करना, जिससे किसानों को बाजार प्रभावित होने का डर है.
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बिजली संशोधन विधेयक और 'शांति' (SHANTI) एक्ट का विरोध.
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न्यूनतम वेतन की गारंटी और पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली.
क्या खुला रहेगा? (अनिवार्य सेवाएं)
आम जनता की सुविधा के लिए आपातकालीन सेवाओं को बंद से मुक्त रखा गया है:
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अस्पताल, एम्बुलेंस और दवा की दुकानें (Pharmacies).
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दूध और अखबार की सप्लाई.
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फायर ब्रिगेड और पुलिस सेवाएं.
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हवाई अड्डे और ट्रेन सेवाएं (हालांकि स्टेशन पहुंचने में दिक्कत हो सकती है).
यात्रियों को सलाह
यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी असुविधा से बचने के लिए घर से जल्दी निकलें और स्थानीय समाचारों पर नजर रखें.
(The above story first appeared on LatestLY on Feb 12, 2026 09:08 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

