नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने जरूरी एंटीबायोटिक्स दवाइयों की कीमतों को लेकर बड़ा फैसला लिया है. सरकार ने आवश्यक दवाओं (Essential Medicines) की नई लिस्ट जारी की है. सरकार के इस फैसले के बाद पेन किलर, एंटीबायोटिक्स दवाओं समेत निकोटीन रिप्लेसमेंट थेरेपी प्रोडक्ट की कीमतों का कम होने का अनुमान है. सरकार ने मंगलवार को कहा कि 34 नई दवाओं को लिस्ट में जोड़ा गया और 26 को आवश्यक दवाओं की सूची से हटा दिया गया है. लिस्ट में शामिल दवाइयों की कीमतों में बदलाव हो सकता है. Cervical Cancer Vaccine: सर्वाइकल कैंसर के लिए लिए आ गई स्वदेशी वैक्सीन, जानें कीमत से लेकर हर जरुरी डिटेल.
एंटीबायोटिक्स, टीके और कैंसर रोधी दवाएं होंगी सस्ती
आवश्यक दवाओं की राष्ट्रीय सूची में इवरमेक्टिन, मुपिरोसिन जैसी कुछ संक्रमण रोधी दवाओं और निकोटीन रिप्लेसमेंट थेरेपी समेत 34 दवाओं को शामिल किए जाने के साथ अब इसमें कुल दवाओं की संख्या 384 हो गई है. कई एंटीबायोटिक्स, टीके और कैंसर रोधी दवाएं सूची में शामिल होने से और अधिक सस्ती हो जाएंगी.
हालांकि, 26 दवाओं जैसे कि रैनिटिडिन, सुक्रालफेट, व्हाइट पेट्रोलेटम, एटेनोलोल और मेथिल्डोपा को संशोधित सूची से हटा दिया गया है. लागत प्रभावशीलता और बेहतर दवाओं की उपलब्धता के मापदंडों के आधार पर इन दवाओं को सूची से बाहर किया गया है.
मंगलवार को सूची जारी करने वाले केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने ट्वीट किया, ‘‘आवश्यक दवाओं की राष्ट्रीय सूची 2022 जारी की. इसमें 27 श्रेणियों में 384 दवाएं शामिल हैं. कई एंटीबायोटिक्स, टीके, कैंसर रोधी दवाएं तथा कई अन्य महत्वपूर्ण दवाएं और सस्ती हो जाएंगी एवं मरीजों का खर्च घटेगा.’’
इन जरूरी दवाओं के भी घटेंगे दाम
अंतस्रावी दवाएं और गर्भनिरोधक फ्लूड्रोकोर्टिसोन, ओरमेलोक्सिफेन, इंसुलिन ग्लरगाइन और टेनेनिग्लिटीन को सूची में जोड़ा गया है. श्वसन तंत्र की दवा मॉन्टेलुकास्ट, और नेत्र रोग संबंधी दवा लैटानोप्रोस्ट का नाम सूची में है. हृदय और रक्त नलिकाओं की देखभाल में उपयोग की जाने वाली दवा डाबीगट्रान और टेनेक्टेप्लेस के अलावा अन्य दवाओं ने भी सूची में जगह बनाई है.
दवाओं पर स्थायी राष्ट्रीय समिति के उपाध्यक्ष डॉ वाई के गुप्ता ने कहा, ‘‘आवश्यक दवाओं की राष्ट्रीय सूची में इवरमेक्टिन, मेरोपेनेम, सेफुरोक्साइम, एमिकासिन, बेडाक्विलाइन, डेलामेनिड, इट्राकोनाजोल एबीसी डोलटेग्रेविर जैसी दवाओं को जोड़ा गया है.’’
डॉ गुप्ता ने कहा कि आवश्यक दवाओं की राष्ट्रीय सूची की दवाएं अनुसूचित श्रेणी में शामिल हैं और उनकी कीमत राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण द्वारा नियंत्रित की जाती है. पिछले साल भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के तहत एक विशेषज्ञ समिति द्वारा 399 ‘फॉर्मूलेशन’ की संशोधित सूची प्रस्तुत की गई थी. भारतीय आवश्यकताओं के विस्तृत विश्लेषण के बाद, मांडविया द्वारा बड़े बदलाव की मांग की गई.













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