देश

Monsoon Update: पंजाब, हरियाणा में आगे बढ़ रहा है मानसून; दिल्ली में जल्द होगी एंट्री, जानें कब होगी झमाझम बारिश

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मंगलवार को जानकारी दी कि उत्तर भारत के कई हिस्सों में मानसून ने तेजी से दस्तक देना शुरू कर दिया है. खासकर हिमाचल प्रदेश, जम्मू, उत्तर पश्चिम उत्तर प्रदेश, हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब के कई इलाकों तक मानसून पहुंच चुका है.

Monsoon Update: पंजाब, हरियाणा में आगे बढ़ रहा है मानसून; दिल्ली में जल्द होगी एंट्री, जानें कब होगी झमाझम बारिश
Representational Image | PTI

 Monsoon Update: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मंगलवार को जानकारी दी कि उत्तर भारत के कई हिस्सों में मानसून ने तेजी से दस्तक देना शुरू कर दिया है. खासकर हिमाचल प्रदेश, जम्मू, उत्तर पश्चिम उत्तर प्रदेश, हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब के कई इलाकों तक मानसून पहुंच चुका है. अब दिल्ली, हरियाणा और पंजाब के शेष हिस्सों में भी अगले 36 घंटों के भीतर मानसून पहुंचने की पूरी संभावना है.

मौसम विभाग के अनुसार, मानसून की उत्तरी सीमा इस समय बाड़मेर, जोधपुर, जयपुर (राजस्थान), आगरा, रामपुर, बिजनौर (यूपी), करनाल (हरियाणा) और हलवाड़ा (पंजाब) से गुजर रही है. यानी मानसून का अगला पड़ाव अब सीधे दिल्ली, हरियाणा और बाकी पंजाब की ओर बढ़ रहा है.

IMD के अनुसार, हाल ही में सब-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, गुजरात, कोंकण, पूर्वी राजस्थान, उत्तराखंड, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय और मध्य भारत के कई हिस्सों में भारी से अति भारी बारिश दर्ज की गई है. ओडिशा, कर्नाटक और मणिपुर के कुछ इलाकों में भी छिटपुट भारी बारिश हुई है.

अगले कुछ दिनों में कहां होगी बारिश?

IMD के अनुसार, 30 जून तक पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, हिमाचल, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और राजस्थान के विभिन्न इलाकों में भारी बारिश की संभावना है. साथ ही, गंगीय पश्चिम बंगाल और दक्षिण यूपी में बने लो-प्रेशर सिस्टम की वजह से इस सप्ताह अच्छी बारिश देखने को मिलेगी.

इस बार जल्दी आया मानसून

इस साल केरल में मानसून 24 मई को ही पहुंच गया, जो सामान्य समय से 8 दिन पहले है. आमतौर पर भारत के सभी हिस्सों में मानसून 15 जुलाई तक पूरी तरह फैल जाता है. लेकिन इस बार उत्तर भारत के अधिकतर हिस्से पहले ही कवर हो चुके हैं, जो कि एक सकारात्मक संकेत है.

क्यों जरूरी है मानसून?

भारत की करीब 51 फीसदी कृषि भूमि वर्षा पर निर्भर है. देश की 40 फीसदी कृषि उपज और 47 फीसदी आबादी की आजीविका मानसून पर टिकी हुई है. ऐसे में समय पर और भरपूर बारिश होना किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था दोनों के लिए बेहद जरूरी है.

(The above story first appeared on LatestLY on Jun 24, 2025 04:25 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).