Mirzapur ‘Barking Boy’ Case Update: उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले से सामने आए ‘भौंकने वाले लड़के’ के मामले में अब बड़ा अपडेट सामने आया है. मशहूर मनोचिकित्सक डॉ. शेफाली बत्रा समेत कई मेडिकल एक्सपर्ट्स ने साफ किया है कि यह किशोर रेबीज से पीड़ित नहीं है, बल्कि उसे Dissociative Conversion Disorder नाम की मानसिक बीमारी है. यह एक ऐसी स्थिति होती है, जिसमें गहरे मानसिक आघात का असर व्यक्ति के व्यवहार और शरीर पर दिखाई देता है. Mirzapur Rabies Case: कुत्ते के काटने के 4 महीने बाद किशोर में दिखे रेबीज के लक्षण, पानी से डर और कुत्ते जैसी आवाजें निकालने लगा
सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में 14 साल का यह लड़का कुत्ते की तरह भौंकता और उसी तरह चलने की कोशिश करता नजर आया था. शुरुआती रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि उसे कुछ महीने पहले कुत्ते ने काटा था और उसी के कारण उसे रेबीज हो गया. इस खबर के बाद लोगों में डर और भ्रम की स्थिति पैदा हो गई थी.
हालांकि, डॉक्टरों ने जांच के बाद बताया कि लड़के के लक्षण रेबीज से मेल नहीं खाते. आमतौर पर रेबीज के मरीजों में पानी से डर, निगलने में दिक्कत और तेजी से शारीरिक स्थिति बिगड़ने जैसे लक्षण दिखते हैं, न कि इस तरह का लंबे समय तक जानवर जैसा व्यवहार. विशेषज्ञों के मुताबिक, यह मामला पूरी तरह मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ा है.
किशोर को रेबीज हो गया और कुत्ते के काटने के 4 महीने बाद उसका व्यवहार कुत्ते जैसा हो गया
अचानक लड़का कुत्ते की तरह भौंकने लगा।
मिर्जापुर के करन को 4 महीने पहले कुत्ते ने काटा।
दिव्यांग पिता सिर्फ 2 डोज रेबीज वैक्सीन लगवा पाए थे इस लिए कुछ दिनों बाद लड़का कुत्ते की करने लगा।
परिवार ने पहले मंदिर घुमाया फिर अस्पताल ले गए।
डॉक्टर ने रेबीज के लक्षण बताते हुए कहा पूरा… pic.twitter.com/FSARwHMTK0
— Ankit Yadav (@Ankitydv92) March 14, 2026
डॉ शेफाली बत्रा और अन्य विशेषज्ञों ने बताया कि Dissociative Conversion Disorder में व्यक्ति अपने मानसिक तनाव या डर को अनजाने में व्यवहार के जरिए व्यक्त करने लगता है. इस मामले में कुत्ते के काटने का डर और अन्य मानसिक दबाव इस स्थिति का कारण बन सकते हैं, जिससे लड़का उसी चीज की नकल करने लगा जिससे वह डरता था.
डॉक्टरों के अनुसार, यह बीमारी इलाज योग्य है. किशोर को अब एक नियंत्रित वातावरण में रखा गया है, जहां उसे काउंसलिंग, मनोचिकित्सा और जरूरत पड़ने पर दवाइयों के जरिए इलाज दिया जा रहा है. विशेषज्ञों ने यह भी साफ किया कि लड़का यह सब जानबूझकर नहीं कर रहा, बल्कि वह मानसिक रूप से इस स्थिति से गुजर रहा है.
मिर्ज़ापुर के किशोर को डिसोसिएटिव कन्वर्ज़न डिसऑर्डर का पता चला
The Barking Boy of Mirzapur DOES NOT have rabies.
Medical evaluation by BHU and Dr. Shefali Batra confirms it is Dissociative Conversion Disorder (ICD F44), a psychiatric response to trauma.
Stop sharing misinformation.
Humans do not bark when they have rabies.
Support mental… pic.twitter.com/hXE7jc8gzK
— j.a.h.n.a.v.i._.i.y.e.r (@JahnaviIyer) March 23, 2026
इस घटना के बाद स्वास्थ्य अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि किसी भी जानवर के काटने पर तुरंत वैक्सीनेशन करवाएं और अगर किसी में असामान्य व्यवहार दिखे तो उसे मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ के पास जरूर ले जाएं. यह मामला मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता की जरूरत को भी उजागर करता है.












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