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महाराष्ट्र: 85 साल की शांताबाई दो वक्त की रोटी के लिए पुणे के सड़कों पर दिखाती हैं लाठी काठी का हैरान कर देने वाला करतब, देखें VIDEO

दिल में अगर जोश हो और कुछ कर गुजरने की चाह तो उम्र कोई माइनें नहीं रखता है. बस दिल में जोश होना चाहिए. कुछ ऐसा ही नाजरा पुणे में देखने को मिला. जहां इस वक्त कोरोना वायरस ने अपने प्रकोप से तांडव मचा रखा है. वहीं सड़कों पर एक 85 साल की बुजुर्ग दादी ऐसा करतब दिखा रही हैं, जिसे देखकर के नवयुवकों के माथे पर पसीना आ जाए. यकीन नहीं हो रहा है तो जरा इस वीडियो को एक बार आप भी ध्यान से देखें. चहरे पर झुर्रियां हैं लेकिन आंखो में चमक अब भी बरकारर है. शरीर बुढ़ा हो गया है लेकिन हौसलें अब भी जवान हैं. पुणे की सड़कों पर लोगों को जागरूक करने वाली बुजुर्ग दादी का नाम शांता बाई पवार (Shantabai Pawar) है. इनकी उम्र 85 साल है. अपनी आजीविका चलाने के लिए सड़क पर लाठी काठी (Lathi Kathi) का प्रदर्शन करती हैं.

महाराष्ट्र: 85 साल की शांताबाई दो वक्त की रोटी के लिए पुणे के सड़कों पर दिखाती हैं लाठी काठी का हैरान कर देने वाला करतब, देखें VIDEO
85 साल की उम्र में सड़कों पर दिखाती हैं करतब ( फोटो क्रेडिट- ANI)

दिल में अगर जोश हो और कुछ कर गुजरने की चाह तो उम्र कोई माइनें नहीं रखता है. बस दिल में जोश होना चाहिए. कुछ ऐसा ही नाजरा पुणे में देखने को मिला. जहां इस वक्त कोरोना वायरस ने अपने प्रकोप से तांडव मचा रखा है. वहीं सड़कों पर एक 85 साल की बुजुर्ग दादी ऐसा करतब दिखा रही हैं, जिसे देखकर के नवयुवकों के माथे पर पसीना आ जाए. यकीन नहीं हो रहा है तो जरा इस वीडियो को एक बार आप भी ध्यान से देखें. चहरे पर झुर्रियां हैं लेकिन आंखो में चमक अब भी बरकारर है. शरीर बुढ़ा हो गया है लेकिन हौसलें अब भी जवान हैं. पुणे की सड़कों पर लोगों को जागरूक करने वाली बुजुर्ग दादी का नाम शांता बाई पवार (Shantabai Pawar) है. इनकी उम्र 85 साल है. अपनी आजीविका चलाने के लिए सड़क पर लाठी काठी (Lathi Kathi) का प्रदर्शन करती हैं.

शांता बाई पवार पवार महाराष्ट्र के पुणे की रहने वाली हैं. जहां उम्र के इस दहलीज पर भी उनके दो वक्त के रोटी का इंतजाम खुद ही करना पड़ता है. लाठी काठी एक तरह का युद्ध है जिसमें इंसान अपनी रक्षा दुश्मनों से करता है. वैसे इस कला को मार्शल आर्ट में भी सिखाया जाता है. 85 साल की शांताबाई कहती हैं कि जब उनकी उम्र 8 साल की थी तभी उन्हें इसकी ट्रेनिंग मिलनी शुरू हो गई थी.

देखें हैरान कर देने वाला वीडियो:-

न्यूज एजेंसी एएनआई को उन्होंने बताया कि इसकी ट्रेनिंग उनके पिता ने दी थी. उन्होंने कड़ी मेहनत कर के सिखाया था. शांताबाई का कहाना है कि जब वो लोगों के सामने प्रदर्शन करती हैं तो वे उसके साथ कोरोना वायरस महामारी से भी सतर्क रहने का उन्हें संदेश देने का काम करती हैं.

(The above story first appeared on LatestLY on Jul 24, 2020 04:51 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).