Madhya Pradesh Food Poisoning: सीहोर में शादी की दावत के बाद मातम; 'मावा गुलाब जामुन' खाने से 80 से ज्यादा लोग बीमार, अस्पताल में मची चीख-पुकार
प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: File Image)

भोपाल/सीहोर: मध्य प्रदेश ( Madhya Pradesh) के सीहोर जिले (Sehore District) में एक शादी की खुशियां उस वक्त हड़कंप में बदल गईं, जब दावत खाने के बाद 80 से अधिक लोग एक साथ बीमार पड़ गए. मामला जिले की इछावर तहसील के बाबड़िया नोआबाद गांव (Babadiya Noabad Village) का है, जहां बुधवार शाम आयोजित एक विवाह समारोह में भोजन करने के बाद मेहमानों को 'फूड पॉइजनिंग' (Food Poisoning) की शिकायत होने लगी. अधिकारियों के अनुसार, बीमारों में बड़ी संख्या में बुजुर्ग और बच्चे शामिल हैं, जिन्हें तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है. यह भी पढ़ें: Bihar Food Poisoning: बिहार के बांका पुलिस लाइन में मेस का खाना खाने के बाद 100 से ज्यादा ट्रेनी जवान पड़े बीमार, अस्पताल में भर्ती

दावत के कुछ ही घंटों बाद बिगड़ी तबीयत

चश्मदीदों के अनुसार, बुधवार शाम को करीब 150-200 लोगों ने शादी का भोजन किया था. खाना खाने के कुछ ही समय बाद मेहमानों को उल्टी, दस्त और पेट में तेज दर्द की शिकायत होने लगी. देखते ही देखते बीमारों की संख्या बढ़ने लगी और गांव में अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया. स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि इछावर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में मरीजों के लिए बेड कम पड़ गए, जिसके बाद कई लोगों का इलाज स्ट्रेचर और गलियारों में करना पड़ा.

'मावा गुलाब जामुन' पर गहराया शक

ग्रामीणों और बीमार हुए लोगों का आरोप है कि मिठाई में परोसे गए 'मावा गुलाब जामुन' की गुणवत्ता खराब थी. कई मरीजों ने बताया कि मिठाई खाने के बाद ही उनकी तबीयत ज्यादा खराब हुई. अंदेशा जताया जा रहा है कि गुलाब जामुन बनाने में इस्तेमाल किया गया मावा या तो मिलावटी था या काफी पुराना (Expired) था. अक्सर बड़े आयोजनों में भंडारण की कमी या साफ-सफाई की अनदेखी ऐसे हादसों का कारण बनती है. यह भी पढ़ें: Food Poisoning In Government School: दौसा जिले के सरकारी स्कूल में खाना खाने के बाद 50 से ज्यादा छात्र हुए फ़ूड पॉइज़निंग के शिकार, हॉस्पिटल में चल रहा है इलाज; VIDEO

स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई और डॉक्टरों का बयान

घटना की सूचना मिलते ही स्वास्थ्य और खाद्य विभाग की टीमें गांव पहुँचीं. सीहोर के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. सुधीर डेहरिया ने बताया, 'हमने इछावर स्वास्थ्य केंद्र में 80 लोगों को भर्ती किया है, जिनमें डायरिया और उल्टी के लक्षण थे. सभी का उपचार किया गया है और स्थिति नियंत्रण में है। अधिकांश मरीजों को गुरुवार शाम तक छुट्टी दे दी जाएगी.'

डॉ. डेहरिया ने किसी भी मरीज की स्थिति गंभीर होने की खबरों को खारिज किया है. उन्होंने आगे कहा, 'खाद्य विभाग की टीम ने संदिग्ध खाद्य पदार्थों के नमूने एकत्र कर लिए हैं और उन्हें विस्तृत विश्लेषण के लिए प्रयोगशाला भेज दिया गया है. रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा कि जहरखुरानी का असली कारण बैक्टीरिया का संक्रमण था या रसायनों की मिलावट.'