MP: मशहूर इन्फ्लुएंसर से 50 लाख रुपये की ठगी, साइबर जालसाजों ने दी अकाउंट बैन करने की धमकी
मध्य प्रदेश के जबलपुर में 5.7 करोड़ फॉलोअर्स वाले इन्फ्लुएंसर अजीम अहमद से 50 लाख रुपये की ठगी हुई है. साइबर अपराधियों ने उन्हें फर्जी कॉपीराइट स्ट्राइक भेजकर उनके इंस्टाग्राम अकाउंट्स को बैन करने की धमकी दी. अपने अकाउंट्स को बचाने के डर से अजीम ने ब्लैकमेलर्स को पैसे दे दिए, पुलिस अब इस 'नए जमाने के साइबर क्राइम' की जांच कर रही है.
मध्य प्रदेश के जबलपुर में एक जाने-माने सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर के साथ 50 लाख रुपये की डिजिटल ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. साइबर अपराधियों ने इन्फ्लुएंसर को ब्लैकमेल किया और धमकी दी कि अगर उन्होंने पैसे नहीं दिए, तो वे उनके सारे इंस्टाग्राम अकाउंट्स को बैन करवा देंगे.
कौन हैं पीड़ित इन्फ्लुएंसर?
पीड़ित का नाम 28 वर्षीय अजीम अहमद है. एनडीटीवी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अजीम 96 इंस्टाग्राम पेज मैनेज करते हैं, जिनके कुल मिलाकर 5.7 करोड़ (57 मिलियन) से ज्यादा फॉलोअर्स हैं. अजीम ने सॉफ्टवेयर इंजीनियर के तौर पर अपना करियर शुरू किया था, लेकिन बाद में वे एक डिजिटल आंत्रप्रेन्योर बन गए. उन्होंने 2017 में अपना पहला पेज शुरू किया था, जो 2021 के कोविड लॉकडाउन के दौरान बहुत पॉपुलर हो गया.
कैसे शुरू हुआ यह सब?
यह पूरा मामला मार्च 2022 में शुरू हुआ. भास्कर इंग्लिश की रिपोर्ट के अनुसार, अजीम को पहले एक ईमेल आया, जिसमें लिखा था कि उनके एक वीडियो ने कॉपीराइट नियमों का उल्लंघन किया है. अजीम ने इसे स्पैम समझकर नजरअंदाज कर दिया. लेकिन इसके तुरंत बाद, उनके 20 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स वाले एक पेज पर लगातार चार "स्ट्राइक" आ गईं, और वह पेज सस्पेंड हो गया.
अपने पेज को वापस पाने के लिए अजीम ने इंस्टाग्राम की सपोर्ट टीम से संपर्क किया और इस पूरी प्रक्रिया में उन्हें 10 से 15 लाख रुपये खर्च करने पड़े. पेज तो वापस मिल गया, लेकिन यह बस एक खतरनाक खेल की शुरुआत थी.
धमकी देकर ऐंठे 50 लाख रुपये
अजीम ने एनडीटीवी को बताया, "लगभग एक साल से मुझे फर्जी (फेक) कॉपीराइट स्ट्राइक और धमकियां मिल रही हैं. वे दावा करते हैं कि मेरी पोस्ट उनका कंटेंट है और कहते हैं कि अगर मैं पैसे नहीं देता, तो मेरे अकाउंट्स डिलीट कर दिए जाएंगे."
अपनी मेहनत को बर्बाद होने के डर से अजीम ने ब्लैकमेल करने वालों को पैसे ट्रांसफर करना शुरू कर दिया. धीरे-धीरे यह रकम 50 लाख रुपये तक पहुंच गई. ये जालसाज इतने शातिर थे कि वे अजीम को फोन करते थे और फर्जी इंस्टाग्राम नोटिफिकेशन भी भेजते थे.
अजीम ने कहा, "वे खुद को 'बिचौलिया' (mediator) बताते हैं. पुणे से एक कॉलर ने फर्जी स्ट्राइक हटाने के लिए 25,000 से 30,000 रुपये की मांग की."
पुलिस ने कहा- यह नए जमाने का साइबर क्राइम है
परेशान होकर अजीम ने अब जबलपुर साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई है. पुलिस अभी तक आरोपियों का पता नहीं लगा पाई है.
जबलपुर साइबर सेल के इंचार्ज नीरज नेगी ने पुष्टि की कि यह शहर में अपनी तरह का पहला मामला है, जहां फर्जी कॉपीराइट दावों का इस्तेमाल कर पैसे ऐंठे गए हैं.
उन्होंने समझाया, "यह एक नए जमाने का साइबर क्राइम ट्रेंड है. धोखेबाज इंस्टाग्राम के ऑटोमेटेड कंटेंट सिस्टम का गलत फायदा उठा रहे हैं. जैसे ही किसी यूजर को कई फर्जी स्ट्राइक मिलती हैं, उसका अकाउंट सस्पेंड होने का खतरा बढ़ जाता है." पुलिस अब इंस्टाग्राम की टीम के साथ मिलकर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि ये फर्जी स्ट्राइक कैसे डाली गईं और इस गिरोह के पीछे कौन लोग हैं.
(The above story first appeared on LatestLY on Oct 23, 2025 10:19 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

