LPG Booking Rules: क्या बदल गए रसोई गैस बुकिंग के नियम? सरकार ने रिपोर्टों को बताया 'भ्रामक', रिफिल मानदंडों पर दी बड़ी सफाई
सोशल मीडिया पर एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग समयसीमा में बदलाव की खबरों को सरकार ने पूरी तरह से खारिज कर दिया है. पेट्रोलियम मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि रिफिल बुकिंग के मौजूदा नियमों में कोई बदलाव नहीं किया गया है और देश में ईंधन का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है.
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नई दिल्ली: केंद्र सरकार (Central Government) ने बुधवार, 25 मार्च को उन मीडिया रिपोर्टों और सोशल मीडिया पोस्टों को सिरे से खारिज कर दिया है, जिनमें एलपीजी (LPG) रिफिल बुकिंग की समयसीमा में बदलाव का दावा किया गया था. पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय (Ministry of Petroleum and Natural Gas) (MoPNG) ने एक आधिकारिक बयान जारी कर इन खबरों को 'भ्रामक और निराधार' करार दिया है. मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि रसोई गैस कनेक्शन (LPG Connection) के लिए मौजूदा रिफिल बुकिंग मानदंडों में कोई संशोधन नहीं किया गया है. यह भी पढ़ें: LPG Cylinder Refills Update: रसोई गैस संकट के बीच क्या भारत में 14.2 किलो की जगह 10 kg का LPG सिलेंडर मिलेगा? समझें हॉर्मुज विवाद का असर
भ्रामक दावों का खंडन
पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर यह दावा किया जा रहा था कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) के लाभार्थियों के लिए बुकिंग की समयसीमा बदलकर 45 दिन कर दी गई है. साथ ही, गैर-उज्ज्वला सिंगल सिलेंडर उपभोक्ताओं के लिए 25 दिन और डबल सिलेंडर उपभोक्ताओं के लिए 35 दिन की नई समयसीमा की खबरें वायरल हो रही थीं.
सरकार ने स्पष्ट शब्दों में कहा, 'ऐसे कोई बदलाव नहीं किए गए हैं.' आधिकारिक बयान में जोर देकर कहा गया कि रिफिल बुकिंग की वर्तमान समयसीमा पहले की तरह ही लागू रहेगी.
क्या हैं मौजूदा नियम?
मौजूदा मानदंडों के अनुसार, एलपीजी रिफिल की बुकिंग शहरी क्षेत्रों में 25 दिनों के बाद और ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिनों के बाद की जा सकती है. यह नियम कनेक्शन के प्रकार (सिंगल या डबल सिलेंडर) से परे सभी उपभोक्ताओं पर समान रूप से लागू होता है. सरकार ने नागरिकों से आग्रह किया है कि वे ऐसी किसी भी गलत सूचना पर विश्वास न करें और न ही इसे आगे बढ़ाएं.
आपूर्ति को लेकर पैनिक न करने की सलाह
मंत्रालय ने देशवासियों को आश्वस्त किया है कि देश भर में एलपीजी का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और चिंता का कोई कारण नहीं है। सरकार ने अनावश्यक या 'पैनिक बुकिंग' से बचने की सलाह दी है। रिपोर्ट के अनुसार:
- सभी घरेलू रिफाइनरियां पूरी क्षमता से काम कर रही हैं.
- कच्चे तेल (Crude Oil) का भंडार पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है.
- पेट्रोल और डीजल का उत्पादन बढ़ा है और भारत इनका शुद्ध निर्यातक (Net Exporter) बना हुआ है. यह भी पढ़ें: LPG Cylinder Price: दिल्ली में रसोई गैस की कीमतों में बड़ा उछाल, घरेलू सिलिंडर 913 रुपये का हुआ; कमर्शियल गैस के दाम 144 रुपये बढ़े
वैश्विक संकट और सरकारी तैयारी
ईरान युद्ध और पश्चिम एशिया के हालातों के बीच, सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी भारत पेट्रोलियम (BPCL) ने भी पुष्टि की है कि देश में ईंधन की कोई कमी नहीं है. सरकार ने विभिन्न देशों से कच्चे तेल और एलपीजी ले जाने वाले जहाजों का आगमन सुनिश्चित किया है.
इसके अलावा, केंद्र सरकार ने तेल, गैस, उर्वरक, आपूर्ति श्रृंखला और मुद्रास्फीति जैसे क्षेत्रों पर युद्ध के प्रभाव से निपटने के लिए अधिकारियों और विशेषज्ञों के सात अधिकार प्राप्त समूह गठित किए हैं. ये समूह निरंतर स्थिति की निगरानी कर रहे हैं ताकि देश में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति निर्बाध बनी रहे.
(The above story first appeared on LatestLY on Mar 25, 2026 02:11 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

