Kolhapur Shocker! 20 दिन की बच्ची को दूध पिलाते समय मां को आया हार्ट अटैक, महिला की मौत से पसरा मातम
प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: Pixabay)

Kolhapur Shocker: कोल्हापुर में एक दिल दहला देने वाली घटना घटी है, जहां एक मां ने अपनी 20 दिन की बच्ची के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया और आखिरी सांस तक मातृत्व का निर्वाह किया. बताया जा रहा है कि सुबह अपनी बच्ची को दूध पिलाते समय महिला को दिल का दौरा पड़ा, जिससे उसकी मौत हो गई. संभाजीनगर की मोरे कॉलोनी में हुई इस दुखद घटना ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है. जन्म के बाद 20 दिन की बच्ची पीयूषा कुछ ही दिन पहले अपने घर आई थी, जिसके बाद घर में खुशियों का माहौल था, लेकिन मां के इस तरह चले जाने से घर की खुशियां मातम में तब्दील हो गईं और एक नन्ही सी मासूम हमेशा के लिए अपनी मां से दूर हो गई.

बता दें कि स्वप्निल और रचना चौगले (उम्र 27) 2018 में शादी के बाद से खुशहाल जिंदगी जी रहे थे. स्वप्निल एक निजी कंपनी में काम करते हैं. रचना ने 2 जुलाई को अपनी दूसरी बेटी पीयूषा को जन्म दिया. पहली बेटी स्वरा (7 साल) और 20 दिन की पीयूषा के जन्म से परिवार में खुशियों का माहौल था. बच्ची के जन्म के बाद, मां और बच्ची दोनों बहुत खुश थे. एक हफ्ते पहले ही बच्ची के बारसा समारोह को धूमधाम से मनाया गया और नवजात बच्ची का नाम पीयूषा रखा गया. यह भी पढ़ें: Sudden Death Video: जिम में हुई अचानक मौत! जबलपुर में हार्ट अटैक से शख्स ने तोड़ा दम, CPR से भी नहीं बची जान

रिपोर्ट्स के मुताबिक, बुधवार सुबह पीयूषा भूख लगने के कारण रोने लगी. रचना ने हमेशा की तरह उसे गोद में उठाकर दूध पिलाया. कुछ देर बाद बच्ची सो गई, लेकिन एक घंटे बाद वह फिर रोने लगी. हालांकि, इस बार रचना नहीं जागी. रचनी की मां ने उसे आवाज दी, लेकिन कोई जवाब नहीं आया. फिर जब उसके पति ने रचना को जगाने की कोशिश की, तो वह बेहोश मिली. इसके तुरंत बाद रचना को सावित्रीबाई फुले अस्पताल और फिर सीपीआर अस्पताल इलाज के लिए ले जाया गया. हालांकि, डॉक्टरों ने प्रारंभिक जानकारी दी कि इलाज से पहले ही रचना की दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई.

रचना के पति स्वप्निल चौगले एक निजी कंपनी में काम करते हैं. ससुराल वालों और दो बेटियों समेत पूरे परिवार पर अचानक दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है. 20 दिन की मासूम पीयूषा और उसकी 7 साल की बहन से किस्मत ने हमेशा के लिए ममता का दामन छीन लिया है. रचना इलाके में महिलाओं के स्वास्थ्य और जागरूकता के लिए आशा कार्यकर्ता के तौर पर काम कर रही थीं. उन्होंने अपनी सेवा और मददगार रवैये से समुदाय का विश्वास जीत लिया था. अपनी मुस्कुराहट, मिलनसार और मददगार स्वभाव के कारण रचना ने सभी के दिलों में घर कर लिया था.  ऐसे में अचानक हुई इस घटना से घर और इलाके में मातम पसर गया है.