जम्मू: जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir) के किश्तवाड़ (Kishtwar) जिले में रविवार, 18 जनवरी 2026 को सुरक्षा बलों और आतंकवादियों के बीच हुई एक भीषण मुठभेड़ में भारतीय सेना (Indian Army) के आठ जवान घायल (Eight Army soldiers) हो गए. यह मुठभेड़ चतरू (Chhatru) इलाके के सोनार गांव (Sonar Village) में उस समय शुरू हुई जब सुरक्षा बल इलाके में तलाशी अभियान (CASO) चला रहे थे. घायलों को तुरंत अस्पताल ले जाया गया है, जिनमें से अधिकांश ग्रेनेड विस्फोट के कारण छर्रे लगने से घायल हुए हैं. यह भी पढ़ें: Pahalgam Attack: आतंकी हमले के एक महीने बाद भी सुनसान पड़ा पहलगाम; स्थानीय लोगों के सामने रोजी-रोटी का संकट
ऑपरेशन 'त्राशी-I' और मुठभेड़ का घटनाक्रम
सुरक्षा बलों को सूचना मिली थी कि किश्तवाड़ के घने जंगलों में जैश-ए-मोहम्मद (JeM) से जुड़े 2-3 विदेशी आतंकवादी छिपे हुए हैं. सेना की 'व्हाइट नाइट कॉर्प्स' ने बताया कि जब घेराबंदी कड़ी की जा रही थी, तब आतंकवादियों ने अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी और घेरा तोड़ने के लिए ग्रेनेड फेंके.
जवाब में सेना, सीआरपीएफ (CRPF) और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने संयुक्त रूप से मोर्चा संभाला. शाम करीब 5:40 बजे तक दोनों ओर से रुक-रुक कर फायरिंग होती रही. इलाके की भौगोलिक स्थिति चुनौतीपूर्ण और घने जंगलों वाली होने के कारण आतंकवादियों को पकड़ने में कठिनाई आ रही है.
आधुनिक तकनीक से घेराबंदी
आतंकवादियों को सुरक्षित निकलने से रोकने के लिए सुरक्षा बलों ने अब तकनीकी मदद ली है:
- ड्रोन और सर्विलांस: पूरे जंगल की निगरानी के लिए हाई-टेक ड्रोन तैनात किए गए हैं.
- खोजी कुत्ते: आतंकियों के छिपने के ठिकानों का पता लगाने के लिए स्निफर डॉग्स की मदद ली जा रही है.
- अतिरिक्त बल: मुठभेड़ स्थल पर अतिरिक्त कुमुक भेजी गई है ताकि घेरा और मजबूत किया जा सके. यह भी पढ़ें: Jammu and Kashmir: जम्मू कश्मीर में पाकिस्तान की गोलेबारी में प्रशासनिक अधिकारी की मौत, दो कर्मचारी गंभीर रूप से घायल
जम्मू संभाग में बढ़ा आतंकी खतरा
यह इस साल जम्मू संभाग में सुरक्षा बलों और आतंकवादियों के बीच तीसरी बड़ी मुठभेड़ है. इससे पहले 7 और 13 जनवरी को कठुआ जिले के बिलावर इलाके में भी मुठभेड़ हुई थी. दिसंबर 2025 से ही जम्मू के पहाड़ी जिलों—कठुआ, पुंछ, राजौरी, किश्तवाड़ और डोडा—में आतंकवादियों की मौजूदगी की खुफिया रिपोर्टों के बाद बड़े पैमाने पर ऑपरेशन चलाए जा रहे हैं.
गणतंत्र दिवस को लेकर हाई अलर्ट
आगामी गणतंत्र दिवस (26 जनवरी) को देखते हुए पूरे केंद्र शासित प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है. खुफिया इनपुट मिले हैं कि सीमा पार से आतंकवादी घुसपैठ की कोशिशें तेज कर सकते हैं. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हाल ही में एक उच्च स्तरीय बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए थे कि जम्मू संभाग के पहाड़ी इलाकों से आतंकवाद का पूरी तरह सफाया किया जाए.
वर्तमान में, सुरक्षा बलों ने पूरे चतरू बेल्ट को सील कर दिया है और घने कोहरे व रात के अंधेरे के बावजूद ऑपरेशन जारी है.












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