Karnataka School Horror: कर्नाटक के बल्लारी जिले में एक आवासीय गुरुकुल स्कूल के भीतर शनिवार देर रात (7 मार्च) एक भयावह घटना घटी. यहां एक छात्र ने अपने ही सहपाठियों पर लोहे की रॉड से जानलेवा हमला कर दिया. इस हिंसक हमले में एक छात्र की इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि आठ अन्य छात्र घायल हुए हैं. बल्लारी पुलिस के अनुसार, यह हमला तब हुआ जब सभी छात्र हॉस्टल के कमरे में सो रहे थे. आरोपी छात्र ने बिस्तर की लोहे की रॉड (Bed Rod) का इस्तेमाल कर अंधाधुंध वार किए, जिससे पूरे परिसर में चीख-पुकार और दहशत फैल गई.
सोते हुए छात्रों पर किया हमला
पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी छात्र ने हमले के लिए रात के समय का चुनाव किया. शनिवार को रात का खाना खाने के बाद जब सभी छात्र गहरी नींद में थे, तब आरोपी ने अचानक हमला शुरू कर दिया. पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि आरोपी ने लोहे की रॉड उठाई और जो भी सामने आया उस पर वार करता चला गया. कमरे के भीतर मची चीख-पुकार सुनकर स्कूल स्टाफ वहां पहुंचा और आरोपी को काबू में किया, लेकिन तब तक कई छात्र गंभीर रूप से घायल हो चुके थे. यह भी पढ़े: Karnataka Horror: पहले गला घोंटा, फिर पत्थर से चेहरा कुचला बाद में शराबी पति के शव को दो टुकड़ों में काटा, महिला ने अपने ही पति की खौफनाक हत्या
हताहतों की स्थिति और चिकित्सा अपडेट
घटना के तुरंत बाद आपातकालीन सेवाओं को सूचित किया गया और सभी 9 घायल छात्रों को स्थानीय अस्पताल ले जाया गया. डॉक्टरों ने पुष्टि की है कि एक छात्र ने घावों के ताव न सहते हुए दम तोड़ दिया है. अन्य 8 घायलों में से 2 की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है और उन्हें आईसीयू (ICU) में शिफ्ट किया गया है. बाकी 6 छात्रों की स्थिति स्थिर बताई जा रही है, हालांकि वे गहरे सदमे में हैं.
जांच और सुरक्षा के कड़े इंतजाम
पुलिस ने आरोपी छात्र को हिरासत में ले लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है. हमले के पीछे का सटीक कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है. फॉरेंसिक टीमें घटना स्थल से साक्ष्य जुटा रही हैं. एहतियात के तौर पर स्कूल प्रशासन ने फिलहाल सभी कक्षाएं निलंबित कर दी हैं और स्कूल परिसर में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है.
अभिभावकों का फूटा गुस्सा
रविवार सुबह घटना की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में डरे हुए अभिभावक स्कूल के गेट पर जमा हो गए. परिजनों ने स्कूल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए सवाल उठाए हैं कि रात के समय वार्डन या सुरक्षाकर्मी कहां थे. छात्रों और स्टाफ की काउंसलिंग के लिए विशेषज्ञों की एक टीम भी स्कूल भेजी गई है ताकि वे इस मानसिक आघात से उबर सकें.













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