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मध्यप्रदेश: प्रदेशाध्यक्ष को लेकर चल रही खींचतान के बीच कांग्रेस महासचिव ज्योतिरादित्य सिंधिया ने चला ये दांव

मध्य प्रदेश में कांग्रेस के नए प्रदेशाध्यक्ष को लेकर चल रही खींचतान के बीच एक बड़े दावेदार और कांग्रेस महासचिव ज्योतिरादित्य सिंधिया के इंदौर दौरे के दौरान एक नया सियासी अंदाज नजर आया. उनके इस दौरे को राजनीति और समर्थकों की नब्ज टटोलने के तौर पर देखा जा रहा है

मध्यप्रदेश: प्रदेशाध्यक्ष को लेकर चल रही खींचतान के बीच कांग्रेस महासचिव ज्योतिरादित्य सिंधिया ने चला ये दांव
ज्योतिरादित्य सिंधिया (Photo: IANS)

भोपाल: मध्य प्रदेश में कांग्रेस के नए प्रदेशाध्यक्ष को लेकर चल रही खींचतान के बीच एक बड़े दावेदार और कांग्रेस महासचिव ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) के इंदौर दौरे के दौरान एक नया सियासी अंदाज नजर आया. उनके इस दौरे को राजनीति और समर्थकों की नब्ज टटोलने के तौर पर देखा जा रहा है, क्योंकि सिंधिया आम तौर पर कार्यकर्ताओं के घर जाने से कतराने वाले नेताओं में गिने जाते हैं। इस दौरान वह विरोधी गुट के नेताओं से भी मिले। सिंधिया अपने इस प्रवास के दौरान उन नेताओं के घर भी गए, जिनकी पहचान कांग्रेस के दूसरे नेताओं के करीबी के तौर पर है सिंधिया के रविवार के इंदौर दौरे के दौरान उनका उन कार्यकर्ताओं और नेताओं से भी मेल मुलाकात का दौर चला, जो कांग्रेस के विभिन्न नेताओं मसलन कमलनाथ, दिग्विजय सिंह, सुरेश पचौरी के करीबी माने जाते हैं. सिंधिया ने इन नेताओं के घर जाकर अलग-अलग मुलाकात की.

कांग्रेस नेता सिंधिया ने अपने प्रवास के दौरान सुरेश पचौरी के धुर समर्थक विधायक संजय शुक्ला के निवास पर जाकर उनसे मुलाकात की और अलग से चर्चा की। सिंधिया का यहां जोरदार स्वागत हुआ। इसके अलावा सिंधिया ने कमलनाथ के करीबी विनय बाकलीवाल, दिग्विजय समर्थक नेताओं पंकज सिंघवी, सत्यनारायण पटेल सहित अन्य कई नेताओं से मुलाकात की. इंदौर प्रवास को लेकर संवाददाताओं ने जब सिंधिया से सवाल किया तो उनका कहना था कि इंदौर से उनका अलग लगाव है और इंदौर उनका घर है. "हर कार्यकर्ता से मुलाकात हुई। कांग्रेस के कार्यकर्ताओं की सुनवाई हो, उनकी समस्याओं का समाधान निकले, जनता की विकास की योजनाएं बनें." यह भी पढ़े: सोनिया गांधी ने सीएम कमलनाथ और ज्योतिरादित्य सिंधिया को दिल्ली किया तलब, मध्यप्रदेश में अध्यक्ष पद की कुर्सी को लेकर चल रही है खींचतान

सिंधिया ने संगठन की मजबूती पर जोर देते हुए कहा, "संगठन को पुनर्जीवित करना जरूरी है, सिर्फ प्रदेश ही नहीं पूरे देश में। यह हम सभी की जिम्मेदारी है। जहां तक प्रदेशाध्यक्ष की बात है, उसे हाईकमान को तय करना है. सिंधिया के इंदौर प्रवास के दौरान कार्यकर्ताओं का खासा जमावड़ा रहा और रंगून गार्डन के कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं में धक्का-मुक्की की भी स्थिति बनी। मंच पर से कुछ कार्यकर्ता गिरे, जिससे उन्हें मामूली चोटें भी आईं।सिंधिया ने सोमवार को कार्यकर्ताओं के सम्मान की बात करते हुए ट्वीट किया, "कांग्रेस कार्यकर्ताओं के खून-पसीने से बनी है। मध्य प्रदेश में उनका मान-सम्मान बनाए रखना मेरा फर्ज है."

ज्ञात हो कि राज्य के मुख्यमंत्री कमलनाथ अध्यक्ष पद से इस्तीफे की पेशकश कर चुके हैं. इसी के बाद से राज्य के नए प्रदेशाध्यक्ष को लेकर कवायद चल रही है। कमलनाथ और सिंधिया की पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात भी हो चुकी है। सिंधिया को प्रदेशाध्यक्ष का बड़ा दावेदार माना जा रहा है। राज्य सरकार के कई मंत्री खुले तौर पर सिंधिया को प्रदेशाध्यक्ष बनाए जाने की वकालत कर चुके हैं। वहीं सिंधिया का रास्ता रोकने के लिए कमलनाथ और दिग्विजय सिंह की ओर से पूरे इंतजाम किए जा रहे हैं.

(The above story first appeared on LatestLY on Sep 17, 2019 10:00 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).