Jharkhand में अब तेजी से होगा विकास, CM द्वारा गोविंदपुर-साहिबगंज मार्ग पर औद्योगिक गलियारा विकसित करने की कार्ययोजना बनाने के निर्देश
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बृहस्पतिवार को राज्य की लंबित सड़क परियोजनाओं को समय से पूरा करने और गोविंदपुर-जामताड़ा-दुमका-साहेबगंज सड़क पर औद्योगिक गलियारा विकसित करने की कार्ययोजना बनाने का निर्देश दिया. सोरेन ने पथ निर्माण विभाग की बैठक में ये निर्देश दिए.
रांची, 24 जून : झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन (Hemant Soren) ने बृहस्पतिवार को राज्य की लंबित सड़क परियोजनाओं को समय से पूरा करने और गोविंदपुर-जामताड़ा-दुमका-साहेबगंज सड़क (Govindpur-Jamtara-Dumka-Sahebganj Road) पर औद्योगिक गलियारा विकसित करने की कार्ययोजना बनाने का निर्देश दिया. सोरेन ने पथ निर्माण विभाग की बैठक में ये निर्देश दिए. इस दौरान उन्होंने विभिन्न सड़क परियोजनाओं की प्रगति, नई सड़क निर्माण से संबंधित कार्य योजनाओं और राजस्व संग्रह की समीक्षा की. मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘सड़कें अच्छी और समय पर बनें. लंबित सड़क परियोजनाओं का कार्य तेजी के साथ पूरा किया जाए. नई सड़कों के निर्माण में उसकी उपयोगिता का विशेष ध्यान रखा जाए.’’ मुख्यमंत्री ने कहा कि गोविंदपुर-जामताड़ा-दुमका-साहिबगंज मार्ग पर औद्योगिक गलियारा विकसित करने की काफी संभावनाएं है. इस मार्ग में कुछ इलाकों का चयन कर उसे वेयर हाउस, लॉजिस्टिक सेंटर अथवा उद्योगों को विकसित करने के लिए कार्य योजना बनाएं. उन्होंने कहा कि इससे यह सड़क संथाल परगना क्षेत्र की जीवन-रेखा बन सकती है.
मुख्यमंत्री ने विभागीय अधिकारियों से कहा कि विभिन्न खानों के क्षेत्रों में समर्पित सड़क बनाने की दिशा में कार्य योजना बनाएं. ऐसी सड़कों के निर्माण में इस बात का विशेष ध्यान रखा जाए कि ये घनी आबादी अथवा गांवों को ज्यादा प्रभावित नहीं करे. इस मौके पर विभाग की ओर से बताया गया कि राज्य में कुछ सड़कों पर टोल प्लाजा प्रस्तावित है. यहां मालवाहक वाहनों से टोल टैक्स लिया जाएगा. इस संबन्ध में 4856 किलोमीटर लंबी 425 सड़कों का सर्वेक्षण किया जा चुका है. मुख्यमंत्री ने कहा कि टोल प्लाजा के लिए सड़कों का चयन इस तरह किया जाए कि उसका आम जनता पर बोझ नहीं पड़े. इसके अलावा ऐसी सड़कों की गुणवत्ता बेहतर होनी चाहिए तथा यहां से कितना राजस्व प्राप्त हो सकता है, इसका भी बारीकी से आकलन किया जाए. समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क परियोजनाओं के लिए वन विभाग की अनुमति और भूमि अधिग्रहण से जुड़ी समस्याओं का यथाशीघ्र निराकरण हो. उन्होंने विभाग से कहा कि इस संबन्ध में प्रत्येक 15 दिन पर भू-अधिग्रहण से जुड़े मामलों की समीक्षा हो और इसके लिए संबंधित विभागों के साथ समन्वय बनाएं. यह भी पढ़ें : Punjab: पिछली सरकार को अस्थिर करने में कांग्रेस और आप की भूमिका की जांच करे एसआईटी- मजीठिया
विभाग की ओर से बताया गया कि राज्य में पिछले चार सालों में राष्ट्रीय राजमार्ग के लिए कुछ 612.65 किलोमीटर सड़क योजना को स्वीकृति मिली है वहीं केंद्र सरकार को 30 जून 2021 तक 184.23 किलोमीटर, 15 जुलाई 2021 तक 307.18 किलोमीटर और 31 जुलाई 2021 तक 180 किलोमीटर सड़क योजना का डीपीआर भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. इन सड़क योजनाओं का लगभग 3160 करोड़ रुपये का बजट है. वहीं, राज्य पथ निर्माण विभाग के तहत 17 सड़क परियोजनाओं को स्वीकृति के लिए भेजा गया है और 10 परियोजनाओं पर राज्य अधिकार प्राप्त समिति के स्तर पर निर्णय लिया जाना है.
बैठक में मुख्य सचिव सुखदेव सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव राजीव अरुण एक्का, मुख्यमंत्री के सचिव विनय कुमार चौबे आदि अधिकारी मौजूद रहे.
(The above story first appeared on LatestLY on Jun 25, 2021 12:34 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

