नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) और दक्षिण कोरिया (South Korea) के राष्ट्रपति ली जे म्योंग (South Korean President Lee Jae Myung) ने सोमवार को नई दिल्ली में एक उच्च स्तरीय बैठक की. वैश्विक तनाव के मौजूदा दौर में दोनों नेताओं ने इंडो-पैसिफिक (Indo-Pacific) क्षेत्र को शांतिपूर्ण, प्रगतिशील और समावेशी बनाने के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई. पीएम मोदी ने साझा प्रेस वार्ता में कहा कि भारत और दक्षिण कोरिया के लोकतांत्रिक मूल्य और कानून के शासन के प्रति सम्मान दोनों देशों के 'डीएनए' में है. इस दौरान दक्षिण कोरिया ने आधिकारिक तौर पर अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन (ISA) और इंडो-पैसिफिक ओशन्स इनिशिएटिव में शामिल होने की घोषणा की. यह भी पढ़ें: India-US Relations: पीएम मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप के बीच फोन पर बातचीत, हॉर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा और पश्चिम एशिया के हालातों पर हुई चर्चा
'चिप्स से शिप्स' तक का सफर: भविष्य की साझेदारी
पीएम मोदी ने इस यात्रा को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि पिछले 10 वर्षों में दोनों देशों के संबंध अधिक गतिशील हुए हैं. उन्होंने जोर देकर कहा कि अब समय इस 'भरोसेमंद साझेदारी' को 'फ्यूचरिस्टिक पार्टनरशिप' (भविष्य की साझेदारी) में बदलने का है.
सहयोग के विस्तार पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा, "हम चिप्स से लेकर जहाजों (Ships) तक, प्रतिभा से तकनीक तक और पर्यावरण से ऊर्जा तक हर क्षेत्र में सहयोग के नए अवसर तलाशेंगे." दोनों देशों ने व्यापारिक संबंधों को मजबूती देने के लिए एक 'औद्योगिक सहयोग समिति' के गठन की भी घोषणा की.
PM मोदी ने दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति ली जे म्युंग के साथ संयुक्त प्रेस वार्ता की
Addressing the joint press meet with President Lee Jae Myung of the Republic of Korea.@Jaemyung_Lee https://t.co/NpU97z4dzB
— Narendra Modi (@narendramodi) April 20, 2026
आर्थिक सुरक्षा और व्यापारिक लक्ष्य
आर्थिक मोर्चे पर दोनों देशों ने बड़े लक्ष्य निर्धारित किए हैं:
- व्यापार लक्ष्य: वर्तमान द्विपक्षीय व्यापार 27 अरब डॉलर है, जिसे 2030 तक बढ़ाकर 50 अरब डॉलर करने का निर्णय लिया गया है.
- इकोनॉमिक सिक्योरिटी डायलॉग: महत्वपूर्ण तकनीक और सप्लाई चेन में सहयोग के लिए 'आर्थिक सुरक्षा वार्ता' की शुरुआत की जाएगी.
- कोरियन इंडस्ट्रियल टाउनशिप: भारत में दक्षिण कोरियाई कंपनियों, विशेषकर लघु एवं मध्यम उद्योगों (SMEs) की मदद के लिए 'कोरियन इंडस्ट्रियल टाउनशिप' स्थापित की जाएगी.
- व्यापार समझौता: अगले एक साल के भीतर भारत-कोरिया व्यापार समझौते (CEPA) को अपग्रेड किया जाएगा.
सांस्कृतिक विरासत और 'के-पॉप' का जादू
सांस्कृतिक संबंधों को रेखांकित करते हुए पीएम मोदी ने अयोध्या की राजकुमारी सूरीरत्न और कोरिया के राजा किम सूरो की साझा विरासत का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि आज भारत में 'के-पॉप' और 'के-ड्रामा' की लोकप्रियता बढ़ रही है, वहीं कोरिया में भारतीय सिनेमा को सराहा जा रहा है. इस जुड़ाव को और गहरा करने के लिए साल 2028 में 'भारत-दक्षिण कोरिया मैत्री उत्सव' आयोजित करने का निर्णय लिया गया है.
प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपति ली के जीवन को संघर्ष और सेवा का प्रेरणादायक उदाहरण बताते हुए उनका स्वागत किया. आठ साल के अंतराल के बाद किसी दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति की यह भारत यात्रा दोनों देशों के रणनीतिक और आर्थिक भविष्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है.












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