फॉरेन पॉलिसी को समझना है तो इस किताब को पढ़िए, राहुल गांधी को PM मोदी की सलाह
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, कुछ लोगों को लगता है कि अगर वे फॉरेन पॉलिसी पर नहीं बोलते हैं, तो वे परिपक्व नहीं दिखते. उन्हें लगता है कि उन्हें फॉरेन पॉलिसी पर जरूर बोलना चाहिए, भले ही इससे देश को नुकसान ही क्यों न हो.
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर जारी चर्चा का जवाब दिया. बता दें कि इससे पहले सोमवार को लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने चर्चा में हिस्सा लेते हुए मोदी सरकार पर जमकर निशाना साधा था. जिसके बाद पीएम मोदी ने राहुल गांधी के आरोपों पर जवाब दिया. पीएम मोदी ने इस दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी का नाम लिए बगैर उनपर तंज कसा.
देश के करोड़ों रुपयों से हमने शीशमहल नहीं बनाया… बिना नाम लिए पीएम मोदी का केजरीवाल पर अटैक.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, कुछ लोगों को लगता है कि अगर वे फॉरेन पॉलिसी पर नहीं बोलते हैं, तो वे परिपक्व नहीं दिखते. उन्हें लगता है कि उन्हें फॉरेन पॉलिसी पर जरूर बोलना चाहिए, भले ही इससे देश को नुकसान ही क्यों न हो. मैं ऐसे लोगों से कहना चाहूंगा - अगर उन्हें फॉरेन पॉलिसी के विषय में वाकई रुचि है, अगर वे इसे समझना चाहते हैं और आगे बढ़कर कुछ करना चाहते हैं, तो उन्हें एक किताब ज़रूर पढ़नी चाहिए, 'जेएफके फॉरगॉटन क्राइसिस'...यह किताब विदेश नीति के एक प्रसिद्ध विद्वान ने लिखी है...इस किताब में पहले प्रधानमंत्री का ज़िक्र है, जो विदेश नीति को भी देखते थे.
राहुल गांधी को पीएम मोदी ने दी सलाह
#WATCH | PM Narendra Modi says, "While discussing the President's Address, foreign policy was also discussed here. A few people think that they don’t appear mature if they don’t speak on foreign policy. They think that they should definitely speak on foreign policy, even if it… pic.twitter.com/LDXPl0c3q4
— ANI (@ANI) February 4, 2025
पीएम मोदी ने कहा, "यह किताब पंडित नेहरू और तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति जॉन एफ कैनेडी के बीच हुई चर्चाओं और निर्णयों के बारे में विस्तार से बताती है. जब देश कई चुनौतियों का सामना कर रहा था, उस समय विदेश नीति के नाम पर क्या किया जा रहा था, उसे इस किताब के ज़रिए सामने लाया गया है..."
अर्बन नक्सल पर पीएम मोदी का जवाब
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि आजकल कुछ लोग खुलेआम अर्बन नक्सलियों की भाषा बोल रहे हैं...जो लोग इस भाषा को बोलते हैं, वे न तो संविधान को समझ सकते हैं और न ही राष्ट्र की एकता को समझ सकते हैं. 7 दशकों तक जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को उनके संवैधानिक अधिकारों से वंचित रखा गया. यह न केवल संविधान के साथ बल्कि इन क्षेत्रों के लोगों के साथ भी अन्याय था...हम संविधान की भावना के अनुसार जीते हैं और इसीलिए हम मजबूत फैसले भी लेते हैं. हमारा संविधान भेदभाव करने का अधिकार नहीं देता..."
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में कहा, "हम लगातार युवा भविष्य को ध्यान में रखकर काम कर रहे हैं लेकिन कुछ दल हैं, जो युवाओं को धोखा दे रहे हैं. ये दल चुनाव के दौरान वादा तो करते हैं लेकिन पूरा नहीं करते हैं. ये दल युवाओं के भविष्य पर आपदा बनकर गिरे हुए हैं...हम कैसे काम करते हैं, ये हरियाणा में देश ने देखा है. बिना खर्ची-बिना पर्ची नौकरी देने का वादा किया था, सरकार बनते ही नौजवानों को नौकरी मिल गई. हम जो कहते हैं, उसी का परिणाम है, हरियाणा में भव्य विजय हुई..."
(The above story first appeared on LatestLY on Feb 04, 2025 07:08 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

