‘I Love My Daughter’: यूपी के मेरठ में तलाक के बाद बेटी का ढोल-नगाड़ों से भव्य स्वागत, पिता ने कहा- 'बेटी की खुशी सबसे ऊपर' (Watch Video)
(Photo Credits: X\@benarasiyaa)

‘I Love My Daughter’: उत्तर प्रदेश के मेरठ से सामाजिक रूढ़ियों को तोड़ने वाली एक अनोखी तस्वीर सामने आई है. यहाँ एक पिता ने अपनी बेटी के तलाक होने पर दुखी होने के बजाय, उसका घर में किसी दुल्हन की तरह भव्य स्वागत किया. ढोल-नगाड़ों, आतिशबाजी और डांस के साथ बेटी की घर वापसी का यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. इस पहल की लोग जमकर सराहना कर रहे हैं और इसे महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम मान रहे हैं.

सात साल पुराने रिश्ते का हुआ अंत

जानकारी के अनुसार, प्रनीता शर्मा की शादी सात साल पहले मेजर गौरव अग्निहोत्री के साथ हुई थी. हालांकि, वैचारिक मतभेदों और अन्य कारणों से यह रिश्ता सफल नहीं हो सका. लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद जब कोर्ट से तलाक फाइनल हुआ, तो प्रनीता के परिवार ने इसे एक नए जीवन की शुरुआत के रूप में मनाने का फैसला किया.  यह भी पढ़े:  बस्ती: तलाक की खुशी में युवक ने की 9 किलोमीटर की ‘दंडवत यात्रा’, मन्नत पूरी होने पर मंदिर पहुंचकर टेका मत्था (Watch Video)

'I Love My Daughter' लिखी टी-शर्ट पहनकर पहुंचे परिजन

प्रनीता जब कोर्ट से बाहर निकलीं, तो उनके स्वागत के लिए पूरा परिवार वहां मौजूद था. परिवार के सदस्यों ने विशेष रूप से तैयार की गई टी-शर्ट पहनी थी, जिस पर "I Love My Daughter" लिखा था. कोर्ट से घर तक के रास्ते को एक उत्सव में बदल दिया गया. रास्ते भर परिजनों ने नाच-गाकर प्रनीता का हौसला बढ़ाया और उसे अहसास कराया कि वह अकेली नहीं है.

बेटी का ढोल-नगाड़ों से भव्य स्वागत

रिटायर्ड जज पिता की प्रगतिशील सोच

इस पूरे आयोजन के पीछे प्रनीता के पिता, जो एक रिटायर्ड जज हैं, का मुख्य हाथ था. उन्होंने समाज की परवाह किए बिना अपनी बेटी की गरिमा को सर्वोपरि रखा. उनका कहना है कि समाज में अक्सर तलाक को एक कलंक के रूप में देखा जाता है, जिससे महिलाएं घुट-घुट कर जीने को मजबूर होती हैं. उन्होंने संदेश दिया कि अगर कोई रिश्ता दुख दे रहा हो, तो उसे खत्म कर सम्मान के साथ जीना कहीं बेहतर है.

सोशल मीडिया पर मिली सराहना

सोशल मीडिया पर इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद यूजर्स की मिली-जुली लेकिन काफी हद तक सकारात्मक प्रतिक्रियाएं आ रही हैं. अधिकांश लोगों का मानना है कि हर माता-पिता को अपनी बेटी के साथ इसी तरह खड़ा होना चाहिए ताकि उसे किसी भी मुश्किल स्थिति में समाज का डर न सताए. यह घटना मेरठ ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए एक प्रेरणा बनकर उभरी है.