
आज के समय में शहरों में घर खरीदना एक बड़ा सपना बन गया है, क्योंकि इसके लिए लाखों रुपए की आवश्यकता होती है. लेकिन, हर किसी के पास इतनी बड़ी राशि एक साथ नहीं होती है. ऐसे में, होम लोन (Home Loan) एक बेहतरीन विकल्प बनकर सामने आता है. मौजूदा समय में भारत में होम लोन की ब्याज दरें 8.10% से लेकर 12% तक हैं. यह ब्याज दर आपके सिबिल स्कोर (CIBIL Score) और लोन लेने वाली संस्था की वित्तीय स्थिति के आधार पर तय होती है. अगर आपका सिबिल स्कोर अच्छा है (750 और उससे ऊपर), तो आपको कम ब्याज दर पर लोन मिल सकता है. इसलिए, समय-समय पर अपने क्रेडिट रिपोर्ट की जांच करें और किसी भी ग़लत जानकारी को सही करवाएं. अगर आप भी घर खरीदने का सपना देख रहे हैं, तो आपको यह जानना जरूरी है कि, होम लोन के लिए किन बातों का ध्यान रखना आवश्यक है.
होम लोन लेते समय किन बातों का ध्यान रखना है जरुरी?
होम लोन लेते समय आपके पास इमरजेंसी फंड के तौर पर कम से कम 5 से 6 महीने की सैलरी होनी चाहिए. होम लोन की अवधि कम से कम 20 साल होती है, इस दौरान कुछ दिक्कतें आने की आशंका बनी रहती है, इसलिए इमरजेंसी फंड होना जरुरी है. इसलिए घर खरीदते समय संबंधित व्यक्ति के पास कम से कम उस घर की कीमत का 20 फीसदी हिस्सा होना चाहिए, जिसे वह खरीद रहा है. यानी, अगर 20 फीसदी का डाउन पेमेंट कर दिया जाए तो व्यक्ति पर ज्यादा तनाव नहीं रहेगा. इसके अलावा होम लोन लेते समय यह सुनिश्चित करें कि, आपकी ईएमआई (EMI) आपकी मासिक सैलरी के 40 से 50 फीसदी से ज्यादा न हो. यदि, आप अपनी सैलरी का एक बड़ा हिस्सा ईएमआई में खर्च करेंगे, तो आपका जीवनस्तर प्रभावित हो सकता है. साथ ही, अन्य आवश्यक खर्चों के लिए भी पर्याप्त राशि उपलब्ध नहीं रहेगी. इसलिए, ईएमआई का आकार समझदारी से तय करना जरुरी है.
मान लीजिए यदि, कोई व्यक्ति 9 फीसदी की ब्याज दर पर 20 साल की अवधि के लिए 50 लाख रुपये का होम लोन लेता है, तो उसे हर महीने कितनी किस्त देनी होगी, यह जानना जरूरी है. अगर कोई व्यक्ति 9 फीसदी की ब्याज दर पर लोन लेता है, तो उसे हर महीने 44,986 रुपये की किस्त देनी होगी. अगर वह 50 लाख रुपये के लोन को 20 साल में नियमित रूप से चुकाने का फैसला करता है, तो उसे 57,96,711 रुपये का ब्याज देना होगा. यानी मूल राशि से ज्यादा ब्याज के तौर पर चुकाना होगा. कुल चुकौती राशि 1 करोड़ 7 लाख 96 हजार 711 रुपये हो जाएगी. अगर ब्याज दर 8.5 फीसदी है, तो 20 साल तक 43,391 रुपये की किस्त देनी होगी.
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इस बीच, होम लोन लेते समय आपको यह भी जानना होगा कि, ब्याज दर किस तरह लागू होगी. अगर कोई स्थिर ब्याज दर है, तो यह पूरे लोन अवधि के दौरान स्थिर रहती है. हालांकि, अगर कोई फ्लोटिंग ब्याज दर है, तो यह नियमित रूप से बदलती रहती है. अगर ब्याज दर में कमी जारी रहती है, तो इससे उधारकर्ता को फायदा होगा. हालांकि, अगर RBI रेपो रेट बढ़ाता है, तो लोन की ब्याज दर उसी हिसाब से बढ़ सकती है, जिससे पुनर्भुगतान राशि में वृद्धि हो सकती है. इसलिए, होम लोन लेते समय ब्याज दर के प्रकार को समझना बहुत महत्वपूर्ण होता है.