महाराष्ट्र में 'एपस्टीन फाइल्स' जैसा घृणित कांड, अमरावती सेक्स स्कैंडल और अशोक खरात वीडियो केस से मचा हड़कंप
अशोक खरात वायरल वीडियो विवाद, अमरावती सेक्स स्कैंडल (Photo Credits: Facebook/X)

मुंबई: महाराष्ट्र (Maharashtra) में व्यापक यौन शोषण और डिजिटल ब्लैकमेलिंग (Sexual Exploitation and Digital Blackmail) की समानांतर जांच ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है. अमरावती (Amravati) और नासिक (Nashik) से सामने आए इन मामलों की तुलना अब अंतरराष्ट्रीय स्तर के 'जेफ्री एपस्टीन' (Jeffrey Epstein) जैसे बड़े सिस्टमिक शोषण मामलों (Cases of Systemic Exploitation) से की जा रही है. इन घटनाओं में न केवल महिलाओं और नाबालिगों का शोषण किया गया, बल्कि उनकी अश्लील सामग्री रिकॉर्ड कर उसे ब्लैकमेलिंग के हथियार के रूप में इस्तेमाल करने के गंभीर आरोप लगे हैं. यह भी पढ़ें: Ayaan Shaikh Viral Video: अमरावती सेक्स स्कैंडल के नाम पर फैल रहा है खतरनाक 'मालवेयर', भूलकर भी न करें इन लिंक्स पर क्लिक

अमरावती सेक्स स्कैंडल: अयान अहमद की गिरफ्तारी

अमरावती के परतवाड़ा इलाके में पुलिस ने 19 वर्षीय अयान अहमद तनवीर अहमद को गिरफ्तार किया है. अयान पर आरोप है कि उसने नाबालिग लड़कियों को अपने जाल में फंसाया, उनकी मर्जी के बिना अश्लील वीडियो और फोटो रिकॉर्ड किए और फिर उन्हें सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर ब्लैकमेल किया.

यद्यपि स्थानीय रिपोर्टों में सैकड़ों पीड़ितों के शामिल होने की आशंका जताई गई थी, लेकिन पुलिस ने अब तक आधिकारिक तौर पर आठ पीड़ितों की पहचान की है. राज्य सरकार ने कार्रवाई करते हुए आरोपी के आवास के अवैध हिस्सों को ढहा दिया है. मामले की तह तक जाने और इसके पीछे छिपे नेटवर्क का पता लगाने के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है.

अशोक खरात वीडियो केस: धर्म की आड़ में शोषण

वहीं नासिक में, खुद को 'ज्योतिषी' और 'धर्मगुरु' बताने वाले अशोक खरात के खिलाफ जांच तेज हो गई है. खरात को मार्च में यौन उत्पीड़न और धार्मिक हेरफेर के आरोपों में गिरफ्तार किया गया था. पुलिस और प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच में जबरन वसूली और मनी लॉन्ड्रिंग का एक जटिल जाल सामने आया है.

आरोप है कि खरात 'दिव्य शक्तियों' का दावा करके महिलाओं का यौन शोषण करता था और उन्हें उनके परिवार को नुकसान पहुंचाने की धमकी देता था. हालिया छापेमारी में भारी मात्रा में नकदी बरामद हुई है और उससे जुड़े कई बैंक खातों को फ्रीज कर दिया गया है.

'एपस्टीन फाइल्स' से तुलना और राजनीतिक घमासान

इन मामलों ने महाराष्ट्र में भारी राजनीतिक विवाद पैदा कर दिया है. शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत ने इन घटनाओं पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "यह सब 'जेफ्री एपस्टीन फाइल्स' जैसा है, बल्कि उससे भी ज्यादा भयावह है. मेरे पास कुछ वीडियो आए हैं और मेरा मानना है कि इसमें सत्ताधारी गठबंधन के कुछ लोग भी शामिल हो सकते हैं."

इन आरोपों ने सरकार और विपक्ष के बीच जुबानी जंग तेज कर दी है. सामाजिक कार्यकर्ताओं का मानना है कि ये मामले डिजिटल युग में असुरक्षित नागरिकों और धर्म या ज्योतिष के नाम पर धोखा देने वालों के खिलाफ सुरक्षा प्रणालियों की विफलता को दर्शाते हैं. यह भी पढ़ें: Amravati S*x Scandal: अमरावती यौन शोषण मामले में जांच के लिए 47 सदस्यीय SIT गठित, मुख्य आरोपी अयान अहमद समेत चार गिरफ्तार

जांच और पीड़ितों के लिए सुरक्षा का वादा

अमरावती और नासिक की SIT टीमें वर्तमान में सबूतों को जुटाने में लगी हैं. पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती अधिक से अधिक पीड़ितों को सामने आने के लिए प्रोत्साहित करना है. अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि गवाही देने वालों की पहचान पूरी तरह गुप्त रखी जाएगी और उन्हें हर संभव सुरक्षा प्रदान की जाएगी.