हाफिज सईद के खिलाफ NIA ने दाखिल की चार्जशीट, स्लीपर सेल बनाने का है आरोप
एनआईए का कहना है कि जांच के बाद यह पाया गया कि एफआईएफ का मुखिया हाफिज और उसके साथी शाहिद महमूद ने 2012 में धार्मिक कार्यों जैसे कि मस्जिद निर्माण, मदरसे की शिक्षा, मुस्लिम लड़कियों की शादी के लिए आर्थिक सहायता देने की आड़ में दिल्ली और हरियाणा में स्लीपर सेल और लॉजिस्टिक बेस बनाने का काम किया.
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने मुंबई हमले के दोषी आतंकी हाफिज सईद (Hafiz Saeed) के पाकिस्तान स्थित फलाह-ए-इंसानियत (FIF) संगठन के खिलाफ नई चार्जशीट दाखिल की है. एफआईएफ लश्कर-ए-तैयबा (LET) का फ्रंट ऑर्गेनाइजेशन है. इस पर दिल्ली और हरियाणा में स्लीपर सेल बनाने का आरोप है. एफआईएफ के खिलाफ दाखिल की गई चार्जशीट में एलईटी के संस्थापक हाफिज सईद का नाम भी शामिल है. शुक्रवार को जारी हुए बयान में एनआईए ने कहा कि जांच के बाद यह पाया गया कि एफआईएफ का मुखिया हाफिज और उसके साथी शाहिद महमूद ने 2012 में धार्मिक कार्यों जैसे कि मस्जिद निर्माण, मदरसे की शिक्षा, मुस्लिम लड़कियों की शादी के लिए आर्थिक सहायता देने की आड़ में दिल्ली और हरियाणा में स्लीपर सेल और लॉजिस्टिक बेस बनाने का काम किया.
एनआईए की इस चार्जशीट में दिल्ली के 51 साल के मोहम्मद सलमान, नागपुर के 62 साल के मोहम्मद सलीम और पाकिस्तानी नागरिक मोहम्मद कामरान का नाम भी शामिल है. इसे अंजाम देने के लिए शाहिद महमूद ने अपने करीबी मोहम्मद कामरान को लगाया जो दुबई स्थित पाकिस्तानी नागरिक है. एनआई का कहना है, कामरान ने दुबई में स्थित कुछ भारतीयों की पहचान की जिसमें से एक मोहम्मद सलमान है, जो नई दिल्ली का रहने वाला है. उसने धार्मिक कार्यों के नाम पर हवाला के जरिए स्लीपर सेल के लिए काम किया. यह भी पढ़ें- अलगाववादी नेता सैयद शाह गिलानी पर ED की बड़ी कार्रवाई, लगा 14 लाख रूपये का जुर्माना, यासीन मलिक पर भी गिरेगी गाज
इस कार्य के लिए उसने हरियाणा के पलवल में खुल्फा-ए-राशिदीन मस्जिद का निर्माण करवाया और मुस्लिम लड़कियों की शादी करवाई. मोहम्मद सलमान को दुबई के रहने वाले मोहम्मद कामरान से इन कार्यों के लिए बहुत बड़ी राशि मिली थी. इस मामले में आगे की जांच जारी है. आरोपियों के खिलाफ आईपीसी (IPC) की धारा 173 (8) के तहत जांच की जा रही है.
बता दें कि एनआईए के अलावा ईडी भी आतंकियों के खिलाफ नकेल कसने में लगा है. टेरर फंडिंग मामले में मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम के तहत हाफिज सईद और उसके मददगारों से जुड़ी 25 संपत्तियों की पहचान की गई है, जिन्हें जल्द ही जब्त किया जा सकता है. इनकी कीमत करीब 7 करोड़ आंकी गई है.
(The above story first appeared on LatestLY on Mar 23, 2019 11:29 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

