भगोड़े नित्यानंद स्वामी ने 'कैलासा' में 1 लाख लोगों को बसाने के लिए ई-वीजा, पासपोर्ट और फ्लाइट्स की पेशकश की
विवादास्पद स्वयंघोषित भगवान नित्यानंद, जिस पर अपने आश्रम के बच्चों के साथ बलात्कार और उन्हें गलत तरीके से कैद करने के आरोपों के बाद देश छोड़कर भाग गया, उसने हाल ही में एक वीडियो में घोषणा की कि कैलासा नामक अपने स्वयं के ‘हिंदू संप्रभु राष्ट्र’ के लिए जल्द ही वीजा और उड़ान सेवाएं शुरू की जाएंगी.
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विवादास्पद स्वयंघोषित भगवान नित्यानंद, जिस पर अपने आश्रम के बच्चों के साथ बलात्कार और उन्हें गलत तरीके से कैद करने के आरोपों के बाद देश छोड़कर भाग गया, उसने हाल ही में एक वीडियो में घोषणा की कि कैलासा नामक अपने स्वयं के ‘हिंदू संप्रभु राष्ट्र’ के लिए जल्द ही वीजा और उड़ान सेवाएं शुरू की जाएंगी. इस रहस्यमय द्वीप याकीत्रा करने के लिए कैलासा के वीजा-धारकों को एक नई लॉन्च की गई प्राइवेट चार्टर्ड उड़ान सेवा 'गरुड़'में ऑस्ट्रेलिया से यात्रा करनी होगी, नित्यानंद ने 14 दिसंबर को अपने सत्यापित खाते में पोस्ट किए गए एक 'विशेष सत्संग’ के वीडियो में कहा.
कैलासा की आधिकारिक वेबसाइट पर शेयर किए गए वीडियो में नित्यानंद ने कहा, "आज से आप कैलासा वीज़ा के लिए आवेदन करना शुरू कर सकते हैं. आपको अपने दम पर ऑस्ट्रेलिया पहुंचना होगा. ऑस्ट्रेलिया से कैलासा की अपनी चार्टर्ड उड़ान सेवाएं हैं. विवादास्पद 'गॉडमैन, जो 2019 में बलात्कार के मुकदमे में गिरफ्तारी से बचने के लिए भारत से भाग गया था, उसने आगंतुकों से तीन दिनों से अधिक समय तक 'देश' में रहने का आग्रह किया, इस दौरान उन्हें 'शिव' के दर्शन की अनुमति दी जाएगी. “कृपया तीन दिन से ज्यादा के लिए मत पूछिए. कैलासा अब से केवल तीन दिनों के लिए किसी को भी अकोमोडेशन दे सकता है. यह भी पढ़ें: Nithyananda: देश से फरार नित्यानंद स्वामी गणेश चतुर्थी पर अपने खुद के रिजर्व बैंक की करने जा रहे हैं स्थापना
नित्यानंद ने कहा कि सभी आगंतुकों को उनके प्रवास के दौरान मुफ्त भोजन और आवास प्रदान किया जाएगा. उन्होंने कहा कि यात्रियों कोऑस्ट्रेलिया तक आने के लिए अपनी व्यवस्था खुद करनी होगी, लेकिन कैलासा से हवाई यात्रा नित्यानंद के संगठन द्वारा दिया जाएगा. लगभग एक साल पहले रिपोर्टें सामने आईं थी कि नित्यानंद ने इक्वाडोर के पास एक द्वीप पर अपने ध्वज और राजनीतिक सेटअप के साथ एक हिंदू राष्ट्र कैलासा बनाया है. इस राष्ट्र का अपना ध्वज और पासपोर्ट है. नित्यानंद कैलासा का 'सुप्रीम पोंटिफ़' है. जो इस राष्ट्र की नागरिकता चाहता ही वो हिन्दू अभ्यास कर इस राष्ट्र का नागरिक बन सकता है.
(The above story first appeared on LatestLY on Dec 19, 2020 12:54 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

