Lakhimpur Kheri: नवजात बच्चे के शव को झोले में लेकर DM ऑफिस पहुंचा पिता, हॉस्पिटल पर लगाया लापरवाही का आरोप, लखीमपुर खीरी का VIDEO देखकर लोगों का दिल पसीजा
सरकारी हॉस्पिटलों की लापरवाही आएं दिन सामने आती रहती है. लेकिन प्राइवेट हॉस्पिटल भी लापरवाही करने में पीछे नहीं है. ऐसा ही एक मामला उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में सामने आया है.
लखीमपुर, खीरी, उत्तर प्रदेश: सरकारी हॉस्पिटलों (Government Hospitals) की लापरवाही आएं दिन सामने आती रहती है. लेकिन प्राइवेट हॉस्पिटल (Private Hospitals) भी लापरवाही करने में पीछे नहीं है. ऐसा ही एक मामला उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के लखीमपुर खीरी जिले (Lakhimpur Kheri District) में सामने आया है.जहांपर एक पिता अपने एक नवजात बच्चे (Newborn Baby) को एक झोले में लेकर डीएम (DM )के ऑफिस पहुंचा और डीएम से कहने लगा ,' मेरे बच्चे को जिंदा कर दीजिए. इस मजबूर पिता ने एक प्राइवेट हॉस्पिटल पर लापरवाही का आरोप लगाया है. पिता को इस तरह से देखकर ऑफिस में मौजूद और आसपास मौजूद लोगों का दिल भी पसीज गया. इस मजबूर पिता ने आरोप लगाया है कि महेवागंज ( Mahevaganj) के गोलदार हॉस्पिटल (Goldar Hospital) में इलाज के लिए पैसों की मांग के चलते उनके बच्चे की मौत हो गई और उनकी पत्नी की हालत गंभीर है.
इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया X पर @priyarajputlive नाम के हैंडल से शेयर किया गया है. ये भी पढ़े:Lakhimpur Shocker: लोगों की जान के साथ खिलवाड़! बिना रजिस्ट्रेशन वाले डॉक्टर ने OT में किया ऑपरेशन, वीडियो सामने आने के बाद उठे सवाल;VIDEO
नवजात बच्चे को झोले में लेकर पहुंचा पिता
उत्तर प्रदेश📍
लखीमपुर खीरी में निजी अस्पताल के लापरवाह के कारण एक नवजात बच्चे की जान चली गईं ।
नवजात बच्चे का शव झोले में लेकर डीएम कार्यालय पहुंचा पिता, अफसरों से लगाई न्याय की गुहार pic.twitter.com/CtZldvDqZD
— Priya singh (@priyarajputlive) August 22, 2025
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के मुताबिक़ लखीमपुर खीरी जिले (Lakhimpur Kheri) नौसर जोगी गांव ( Nausar Jogi Village) के रहनेवाले विपिन गुप्ता की पत्नी रूबी गर्भवती थी. जब उसे प्रसव पीड़ा होने लगी तो उन्हें बिजुआ के प्राथमिक स्वास्थ केंद्र ले जाया गया. वहां डॉक्टरों ने कहा की अभी डिलीवरी का समय नहीं आया है, लेकिन उनकी हालत खराब होती गई, इसके बाद उन्हें जिला हॉस्पिटल भेजा गया.इस बीच उनकी बहन ने उन्हें महेवागंज के गोलदार हॉस्पिटल में एडमिट होने के लिए कहा. बताया जा रहा है की रूबी को रात ढाई बजे गोलदार हॉस्पिटल ( Goldar Hospital) में एडमिट करवाया गया. इस दौरान मौजूद डॉ.हुकुमा गुप्ता और डॉ.मनीष गुप्ता ने परिजनों से कहा की सामान्य डिलीवरी के लिए 10 हजार रूपए और छोटे ऑपरेशन के 12 हजार रूपए लगेंगे. इसके बाद महिला की हालत बिगड़ी तो डॉक्टरों ने ऑपरेशन के लिए 25 हजार रूपए की मांग की. इसके बाद उनके पति विपिन ने 5 हजार रूपए जमा किए और बाकी सुबह तक जमा करने की बात, लेकिन डॉक्टरों ने इलाज देरी से शुरू किया.
पति का आरोप है की डॉक्टरों ने लेट इलाज का आरोप लगाया. पति का आरोप है की हालत बिगड़ने के बावजूद डॉक्टरों ने इलाज में देरी की. इसके बाद हॉस्पिटल मैनेजमेंट ( Hospital Management) ने इलाज से इनकार करते हुए रूबी को जबरदस्ती हॉस्पिटल से निकाल दिया. इसके बाद उसे दुसरे हॉस्पिटल में ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने बताया की बच्चे की मौत हो चुकी है और गलत दवाईयां दी गई थी. इसके बाद ऑपरेशन के बाद बच्चे को बाहर निकाला गया.
न्याय की मांग को लेकर शव को झोले में भरकर डीएम ऑफिस पहुंचे पिता
इसके बाद विपिन अपने नवजात बच्चे के शव को लेकर डीएम ऑफिस (DM Office ) पहुंचे और उन्होंने हॉस्पिटल के संचालकों पर लापरवाही, लालच और भ्रूण हत्या (( Feticide) का मामला दर्ज करवाने की मांग की. इसके बाद हॉस्पिटल को सील करने के आदेश दिए गए है और इस मामले की जांच पुलिस कर रही है.
(The above story first appeared on LatestLY on Aug 23, 2025 12:51 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

