Elvish Yadav Death Threat: मशहूर यूट्यूबर और 'बिग बॉस ओटीटी 2' के विजेता एल्विश यादव एक बार फिर बड़ी मुसीबत में फंस गए हैं. रिपोर्टों के अनुसार, एल्विश यादव को लॉरेंस बिश्नोई गिरोह से जुड़े होने का दावा करने वाले व्यक्तियों ने जान से मारने की धमकी दी है और 10 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी है. इस मामले की गंभीरता को देखते हुए गुरुग्राम पुलिस ने तुरंत जांच शुरू कर दी है और मामले को क्राइम ब्रांच को सौंप दिया है.
व्हाट्सएप के जरिए मिली धमकी और फिरौती की मांग
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह धमकी भरे संदेश कथित तौर पर एक अंतरराष्ट्रीय फोन नंबर से भेजे गए थे. शिकायतकर्ता ने बताया कि संदेश भेजने वाले ने अपनी पहचान रणदीप मलिक के रूप में बताई और दावा किया कि वह लॉरेंस बिश्नोई गिरोह से जुड़ा है. संदेश में चेतावनी दी गई थी कि यदि दो दिनों के भीतर 10 करोड़ रुपये नहीं दिए गए, तो इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे. विशेष बात यह है कि यह संदेश न केवल एल्विश को, बल्कि उनके पिता को भी भेजा गया था. यह भी पढ़े: Firing at Elvish Yadav House: एल्विश यादव के घर पर फायरिंग करने वाला शूटर फरीदाबाद से गिरफ्तार
क्राइम ब्रांच को सौंपी गई जांच
गुरुग्राम के सेक्टर-56 पुलिस स्टेशन में इस संबंध में मामला दर्ज किया गया है. पुलिस सूत्रों ने बताया कि 5 मई को एल्विश को एक विदेशी नंबर से व्हाट्सएप कॉल आई थी, जिसे वह उठा नहीं सके थे. इसके तुरंत बाद धमकी भरा मैसेज आया. वर्तमान में, साइबर सेल और तकनीकी निगरानी टीमें उन डिजिटल निशानों की जांच कर रही हैं जिनके जरिए संदेश भेजा गया था. पुलिस यह भी पता लगा रही है कि क्या संदेश भेजने वाले का वास्तव में बिश्नोई गिरोह से कोई संबंध है या यह किसी की शरारत है.
पिछले साल घर के बाहर हुई थी फायरिंग
यह पहली बार नहीं है जब एल्विश यादव को इस तरह के खतरे का सामना करना पड़ा है. इससे पहले अगस्त 2025 में, गुरुग्राम में एल्विश के आवास के बाहर गोलीबारी की एक घटना हुई थी. उस समय अज्ञात हमलावरों ने उनके घर के पास कई राउंड फायरिंग की थी. उस हमले के बाद 'भाऊ गैंग' ने सोशल मीडिया पर इसकी जिम्मेदारी ली थी और इसे सट्टेबाजी ऐप्स के प्रचार से जुड़ी चेतावनी बताया था.
रडार पर लॉरेंस बिश्नोई गैंग
लॉरेंस बिश्नोई गिरोह पिछले कुछ वर्षों से लगातार सुर्खियों में है. यह गिरोह देश के विभिन्न राज्यों में मशहूर हस्तियों, व्यापारियों और सार्वजनिक हस्तियों को निशाना बनाने, जबरन वसूली करने और हत्या जैसे गंभीर अपराधों में शामिल रहा है. हालांकि लॉरेंस बिश्नोई फिलहाल जेल में बंद है, लेकिन जांच एजेंसियों का मानना है कि उसके सहयोगी ऑनलाइन माध्यमों और अंतरराष्ट्रीय नंबरों का उपयोग करके बाहर से सिंडिकेट चला रहे हैं.
फिलहाल, पुलिस ने एल्विश यादव की सुरक्षा की समीक्षा की है और संदिग्धों को पकड़ने के लिए छापेमारी जारी है. अभी तक इस मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है.












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