Indore Shocker: देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर में दूषित पानी पीने से 8 लोगों की मौत, 34 से ज्यादा हॉस्पिटल में एडमिट, मचा हाहाकार
देश के सबसे साफ शहरों में गिने जाने वाले इंदौर (Indore) में पेयजल से जुड़ा गंभीर संकट सामने आया है.भागीरथपुरा क्षेत्र (Bhagirathpura Area) में दूषित पानी (Contaminated Drinking Water) पीने के कारण अब तक आठ नागरिकों की जान चली गई है.
Indore News: देश के सबसे साफ शहरों में गिने जाने वाले इंदौर (Indore) में पेयजल से जुड़ा गंभीर संकट सामने आया है.भागीरथपुरा क्षेत्र (Bhagirathpura Area) में दूषित पानी (Contaminated Drinking Water) पीने के कारण अब तक आठ नागरिकों की जान चली गई है. स्थानीय लोगों का कहना है कि कई दिनों से पानी की गुणवत्ता खराब थी, लेकिन शिकायतों पर समय रहते ध्यान नहीं दिया गया.सोमवार को हालात तब बिगड़े जब 100 से ज्यादा लोग (Affected Residents) उल्टी-दस्त की शिकायत लेकर हॉस्पिटल पहुंचे.
इनमें से 34 मरीजों (Critical Patients) की हालत गंभीर होने पर उन्हें भर्ती किया गया. मंगलवार तक इस बीमारी से मरने वालों की संख्या आठ तक पहुंच गई.ये भी पढ़े:Lucknow Shelter Tragedy: लखनऊ के सरकारी बाल गृह में दूषित पानी पीने से 2 बच्चों की मौत, 25 अस्पताल में भर्ती
शुरुआती चेतावनियों को किया गया नजरअंदाज
जानकारी के अनुसार 26 दिसंबर (First Fatality Date) को क्षेत्र में इस बीमारी से पहली मौत हो चुकी थी, लेकिन संबंधित विभागों ने समय पर ठोस कदम नहीं उठाए. प्रभावित इलाका इंदौर-1 विधानसभा क्षेत्र (Indore-1 Constituency) में आता है.
जांच में सामने आई बड़ी लापरवाही
स्वास्थ्य विभाग (Health Department) और नगर निगम (Municipal Corporation) की संयुक्त जांच में पता चला कि इलाके की मुख्य जल लाइन (Main Water Supply Line) के ऊपर ही सार्वजनिक शौचालय (Public Toilet) बना हुआ है. पाइपलाइन के क्षतिग्रस्त होने से ड्रेनेज का गंदा पानी (Sewage Water) पेयजल में मिल गया, जो घर-घर तक पहुंचता रहा.कई अन्य स्थानों पर भी जल वितरण लाइन में टूट-फूट पाई गई.
नर्मदा जल आपूर्ति बंद
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पूरे भागीरथपुरा इलाके में नर्मदा नदी की जल आपूर्ति (Narmada Water Supply) रोक दी गई है. फिलहाल पानी के टैंकरों (Water Tankers) के माध्यम से लोगों को साफ पानी उपलब्ध कराया जा रहा है.
मुख्यमंत्री ने की मुआवजे की घोषणा
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (CM Mohan Yadav) ने इस घटना को बेहद दुखद बताया. उन्होंने मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये की सहायता देने की घोषणा की है. साथ ही सभी बीमार लोगों के इलाज का खर्च राज्य सरकार (State Government) उठाएगी.
जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई
कलेक्टर शिवम वर्मा (Collector Shivam Verma) के अनुसार मामले में लापरवाही बरतने वाले जोनल अधिकारी (Zonal Officer) और सहायक यंत्री (Assistant Engineer) को निलंबित किया गया है,जबकि प्रभारी उपयंत्री (In-charge Sub-Engineer) को सेवा से अलग कर दिया गया है.
तीन सदस्यीय समिति करेगी जांच
पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति (Three-Member Committee) गठित की गई है. यह जांच आईएएस नवजीवन पंवार (IAS Navjeevan Panwar) के नेतृत्व में होगी. समिति में प्रदीप निगम (Superintending Engineer) और डॉ. शैलेश राय (Medical College Associate Professor) भी शामिल हैं.
(The above story first appeared on LatestLY on Dec 31, 2025 01:10 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

