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Lucknow Shelter Tragedy: लखनऊ के सरकारी बाल गृह में दूषित पानी पीने से 2 बच्चों की मौत, 25 अस्पताल में भर्ती

लखनऊ के निर्वाण राजकीय बाल गृह पुनर्वास केंद्र में दूषित पानी पीने से दो बच्चों की मौत हो गई, जबकि 25 अन्य अस्पताल में भर्ती हैं. प्रशासन ने जांच के आदेश दिए हैं, और 70 बच्चों को निगरानी में रखा गया है. स्वास्थ्य विभाग ने स्वच्छ जल आपूर्ति और पानी की टंकियों की सफाई के निर्देश जारी किए हैं.

Lucknow Shelter Tragedy: लखनऊ के सरकारी बाल गृह में दूषित पानी पीने से 2 बच्चों की मौत, 25 अस्पताल में भर्ती

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां मोहन रोड स्थित निर्वाण राजकीय बाल गृह विशिष्ट पुनर्वास केंद्र में दूषित पानी पीने से दो विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की मौत हो गई, जबकि 25 अन्य बच्चों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

मंगलवार शाम (25 मार्च) को लोकबंधु अस्पताल में उपचार के दौरान रेनू और दीपा नाम की दो बच्चियों ने दम तोड़ दिया. प्राथमिक जांच में इनके बीमार होने का कारण दूषित पानी को बताया जा रहा है.

25 बच्चे अस्पताल में भर्ती, दो की हालत गंभीर

ईटीवी भारत की रिपोर्ट के अनुसार, दूषित पानी पीने के बाद बच्चों को उल्टी, दस्त और गंभीर डिहाइड्रेशन की समस्या हुई. लोकबंधु अस्पताल के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक राजीव दीक्षित ने द इंडियन एक्सप्रेस को बताया, "21 मार्च से अब तक 25 बच्चों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जिनमें डिहाइड्रेशन, उल्टी और एनीमिया के लक्षण देखे गए हैं. इनमें से दो बच्चों की इलाज के दौरान मौत हो गई."

अधिकारियों के अनुसार, दो बच्चों की हालत बेहद नाजुक होने के कारण उन्हें किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) रेफर किया गया है.

जांच के आदेश, पानी की टंकियों की सफाई के निर्देश

लखनऊ के डीएम ने बताया कि यह पुनर्वास केंद्र पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर संचालित होता है. उन्होंने जानकारी दी कि मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) की एक टीम को जांच के लिए मौके पर भेजा गया है. प्रारंभिक जांच में दूषित पानी को ही बच्चों की बीमारी का कारण माना जा रहा है.

स्वास्थ्य विभाग ने तुरंत प्रभाव से केंद्र में सभी बच्चों का चिकित्सा परीक्षण कराने के निर्देश दिए हैं. साथ ही, पुनर्वास केंद्र को स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था करने और पानी की टंकियों की सफाई कराने के सख्त निर्देश दिए गए हैं.

70 बच्चों को निगरानी में रखा गया

सीएमओ डॉ. एनबी सिंह ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की अलग-अलग टीमें मौके पर भेजी गई हैं और अब तक 70 बच्चों की जांच की जा चुकी है. उन्हें एहतियातन निगरानी में रखा गया है ताकि किसी भी संभावित खतरे को टाला जा सके.

स्वास्थ्य विभाग द्वारा जल्द ही पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर मौत के सही कारणों का खुलासा किया जाएगा. इस घटना ने सरकारी पुनर्वास केंद्रों की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.

(The above story first appeared on LatestLY on Mar 27, 2025 02:16 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).