Government’s Decision for Disabled Peoples: देश के इतिहास में पहली बार, दिव्यांगजनों को उनके अधिकार का सम्मान मिला है. केंद्र सरकार ने वो फैसला लिया है, जिसका दशकों से इंतजार था.अब दिव्यांगजनों को सरकारी घरों के आवंटन में 4% आरक्षण मिलेगा.एक ऐसा कदम जो लाखों ज़िंदगियों को बदलने वाला है. इस फैसले के बाद दिव्यांगजनों में ख़ुशी की लहर दौड़ पड़ी है. इस फैसले का फायदा देश के हजारों दिव्यांगो को होगा.
आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय की ओर से इसकी जानकारी दी गई.ये भी पढ़े:UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2025: दिव्यांग उम्मीदवार अब 18 मई तक बदल सकते हैं अपने स्क्राइब
दिव्यांग समुदाय को मिलेगा खुद का घर
अब तक सरकारी आवासों की दौड़ में दिव्यांग अक्सर पीछे रह जाते थे, लेकिन अब उन्हें समान अवसर और प्राथमिकता दोनों दी जाएगी.सरकार के नए नियम के तहत, GPRA (General Pool Residential Accommodation) स्कीम में हर महीने खाली होने वाले घरों में से 4% दिव्यांग कर्मचारियों के लिए आरक्षित होंगे.
सरकारी आदेश जारी
आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय ने सर्कुलर जारी कर बताया कि अब सभी पात्र दिव्यांग सरकारी कर्मचारियों को और लोगों को दिए जाएंगे.
- UDID (Unique Disability ID) कार्ड के आधार पर।
- GPRA वेबसाइट (eSampada) पर।
- हर महीने ऑटोमेटेड बिडिंग सिस्टम से घर मिलेंगे।
- यह व्यवस्था पूरी तरह डिजिटल, पारदर्शी और भेदभाव से मुक्त होगी।
कौन उठा सकता है फायदा? जानिए प्रक्रिया
- केंद्र सरकार के कर्मचारी
- जिनके पास "Benchmark Disability" हो (RPWD Act 2016 के अनुसार)
- जिनके पास UDID कार्ड हो
- जो eSampada पोर्टल पर रजिस्टर्ड हों
- हर आवास श्रेणी (Type-I से Type-V तक) में यह आरक्षण लागू होगा।
- UDID कार्ड को प्रोफाइल में अपलोड करके विभाग से वेरिफाई कराना होगा।
- फिर “PwD” कैटेगरी में बिड लगाकर घर का आवंटन होगा।













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