UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2025: दिव्यांग उम्मीदवार अब 18 मई तक बदल सकते हैं अपने स्क्राइब
सुप्रीम कोर्ट (Photo: Wikimedia Commons)

UPSC की सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा 25 मई 2025 को होने जा रही है. इस परीक्षा में शामिल हो रहे दिव्यांग उम्मीदवारों के लिए सुप्रीम कोर्ट ने एक राहतभरी खबर दी है. अब ये उम्मीदवार 18 मई 2025, शाम 4 बजे तक अपने लेखक (स्क्राइब) को बदल सकते हैं.

क्या है मामला?

दरअसल, दिव्यांग उम्मीदवारों को पहले से ही परीक्षा के लिए स्क्राइब का नाम UPSC को 18 फरवरी तक देना होता है. लेकिन कई बार ऐसे स्क्राइब लंबे समय तक साथ नहीं रह पाते क्योंकि ये सेवा ज़्यादातर लोग स्वेच्छा से करते हैं. इस वजह से Mission Accessibility नामक संस्था ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी.

याचिका में कहा गया था कि उम्मीदवारों को परीक्षा से कई महीने पहले स्क्राइब तय करना पड़ता है, जो व्यवहारिक रूप से मुश्किल है. कोर्ट ने इस पर सहमति जताते हुए कहा कि दिव्यांग उम्मीदवार अब 18 मई तक अपने स्क्राइब को बदलने का आवेदन दे सकते हैं.

UPSC को आदेश 

कोर्ट ने UPSC को निर्देश दिया है कि यदि कोई उम्मीदवार स्क्राइब बदलने का अनुरोध करता है, तो UPSC उस आवेदन पर तीन कार्यदिवस के भीतर फैसला लेकर उम्मीदवार को सूचित करे. ये फैसला निष्पक्ष और कारण सहित होना चाहिए.

स्क्रीन रीडर सॉफ्टवेयर पर चर्चा जारी

याचिका में एक और मुद्दा उठाया गया है – स्क्रीन रीडर सॉफ्टवेयर (जैसे JAWS) की सुविधा भी दिव्यांग उम्मीदवारों को दी जाए. हालांकि UPSC ने अभी तक इस पर स्पष्ट जवाब नहीं दिया है. कोर्ट अब इस मुद्दे पर 16 मई को फिर से सुनवाई करेगा.

सरकार और UPSC की स्थिति 

सरकार की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल अर्चना पाठक डवे ने बताया कि स्क्रीन रीडर की सुविधा पर विचार किया जा सकता है और इसके लिए किसी क़ानूनी संशोधन की ज़रूरत नहीं है. वहीं UPSC ने कहा है कि यदि यह सुविधा दी जाती है तो सभी पात्र उम्मीदवारों को देनी होगी, जिसके लिए अभी पर्याप्त संसाधन नहीं हैं.

यह फैसला दिव्यांग उम्मीदवारों के लिए एक बड़ी राहत है. सुप्रीम कोर्ट ने यह सुनिश्चित किया है कि ऐसे उम्मीदवारों को समय पर सही सहायता मिल सके और वे बिना किसी बाधा के परीक्षा दे सकें. अब नजरें 16 मई की सुनवाई पर हैं, जहां स्क्रीन रीडर सुविधा को लेकर अंतिम फैसला हो सकता है.