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Digital Arrest Scam in Pune: महाराष्ट्र के पुणे में डिजिटल अरेस्ट का मामला, CID अधिकारी बनकर एनेस्थेसियोलॉजिस्ट से उडाए 70 लाख रुपये, FIR दर्ज

देश में सरकार के प्रयासों के बावजूद डिजिटल ठगी के मामले तेजी से बढ़ते जा रहे हैं. पुणे से ऐसा ही एक मामला सामने आया है, जिसमें एक 50 वर्षीय अनस्थीसियोलॉजिस्ट से ठगों ने 'दिल्ली CID अधिकारी' बनकर 70 लाख रुपये ठग लिए.

Digital Arrest Scam in Pune:  महाराष्ट्र के पुणे में डिजिटल अरेस्ट का मामला, CID अधिकारी बनकर एनेस्थेसियोलॉजिस्ट  से उडाए 70 लाख रुपये, FIR दर्ज

Digital Arrest Scam in Pune:  देश में सरकार के प्रयासों के बावजूद डिजिटल ठगी के मामले तेजी से बढ़ते जा रहे हैं. पुणे से ऐसा ही एक मामला सामने आया है, जिसमें एक 50 वर्षीय अनस्थीसियोलॉजिस्ट से ठगों ने 'दिल्ली CID अधिकारी' बनकर 70 लाख रुपये ठग लिए. इन धोखेबाजों ने उसे अंतरराष्ट्रीय अंग तस्करी रैकेट से जुड़ा होने का आरोप लगाते हुए उसे डिजिटल गिरफ्तार" कर लिया. अधिकारियों ने यह दावा किया कि वह CBI की निगरानी में है. दबाव में आकर, पीड़िता ने अपने बचत खाते से पैसे धोखाधड़ी खाते में ट्रांसफर कर दिए, यह सोचते हुए कि यह एक आधिकारिक जांच का हिस्सा है.

धोखेबाजों ने ऐसे की ठगी

पुलिस में दिए अपने बयान में पड़ता ने बतया अकी यह ठगी उसके साथ फरवरी के अंत में शुरू हुई, जब उसे एक धोखेबाज ने कॉल किया और कहा कि उसका बैंक कार्ड अवैध गतिविधियों से जुड़ा है. इसके बाद, उसे एक फर्जी "दिल्ली CID अधिकारी" से जोड़ा गया, जिसने पुलिस स्टेशन जैसी सेटिंग से वीडियो कॉल करके आरोप लगाया कि उसकी खातों के जरिए 3 करोड़ रुपये की रकम फनल (Funnelled) की गई है. धोखेबाजों ने उसे धमकी दी, अगर उसने उनके निर्देशों का पालन नहीं किया तो उसे गिरफ्तार कर लिया जायेगा. यह भी पढ़े: Mumbai Digital Arrest Case: आधार कार्ड के फर्जी इस्तेमाल का डर दिखाकर किया ‘डिजिटल अरेस्ट’, बुजुर्ग महिला से ठगे ₹20.25 करोड़; मुंबई पुलिस ने दो आरोपियों को किया गिरफ्तार

कानूनी कार्रवाई का डर दिखाकर पैसे ठगे

ठगों ने पीड़ित को पहले कानूनी कार्रवाई का डर दिखाया. जिसे वह जब डर गया तो उनकी मांगों को मानने के बाद और अपने बैंक की जानकारी उनके साथ साझा की. द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, इसके बाद पीड़िता से एक और धोखेबाज ने संपर्क किया, जिसने खुद को सरकारी अभियोजक बताकर उसे अपने सभी बचत और निवेश सरकारी खाते में ट्रांसफर करने को कहा. धोखेबाज ने पीड़िता को यह आश्वासन दिया कि "जांच" पूरी होने के बाद उसके पैसे वापस मिल जाएंगे. मार्च की शुरुआत में, पीड़िता ने कई ट्रांजेक्शंस के जरिए कुल 70 लाख रुपये धोखाधड़ी खाते में ट्रांसफर कर दिए.

साइबर क्राइम जांच में जुटी

पीड़िता ने पुलिस को बतया अकी जब धोखेबाजों ने और अधिक पैसे की मांग की और उसे अपनी संपत्ति गिरवी रखने के लिए कहा, तब पीड़िता ने एक रिश्तेदार से संपर्क किया. धोखाधड़ी का अहसास होने के बाद, डॉक्टर ने साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज करवाई. शिकायत के बाद पुलिस ने मामले में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

(The above story first appeared on LatestLY on Mar 19, 2025 11:53 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).