Delhi Cab Viral Audio: 'मेरी गाड़ी में मुसलमान अलाउड नहीं है'; धार्मिक भेदभाव के आरोप में दिल्ली के कैब ड्राइवर का अकाउंट सस्पेंड
दिल्ली-एनसीआर में एक कैब ड्राइवर द्वारा यात्री को उसकी धार्मिक पहचान के आधार पर सवारी देने से इनकार करने का मामला सामने आया है. सोशल मीडिया पर शिकायत और कथित ऑडियो वायरल होने के बाद संबंधित कंपनी ने ड्राइवर को प्लेटफॉर्म से हटा दिया है.
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Delhi Cab Viral Audio: देश की राजधानी दिल्ली (Delhi) और आसपास के इलाकों (NCR) में एक प्रमुख राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म (Ride-Hailing Platform) ने अपने एक ड्राइवर का अकाउंट तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है. यह कार्रवाई एक यात्री द्वारा लगाए गए उन गंभीर आरोपों के बाद की गई है, जिसमें दावा किया गया था कि ड्राइवर ने उनकी धार्मिक पहचान (Religious Identity) के कारण उन्हें कैब में बिठाने से मना कर दिया. इस घटना ने भारत के उभरते हुए गिग सेक्टर (Gig Sector) में काम करने वालों के व्यवहार और उनके संवेदीकरण (Sensitization) प्रशिक्षण पर एक नई बहस छेड़ दी है. यह भी पढ़ें: Ride Hailing Apps: राइड-हेलिंग ऐप्स पर ‘एडवांस टिपिंग’ पर सरकार की रोक, महिलाओं के लिए ‘फीमेल ड्राइवर’ विकल्प अनिवार्य
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ मामला
यह पूरा मामला तब प्रकाश में आया जब पीड़ित यात्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (पूर्व में ट्विटर) पर अपनी आपबीती विस्तार से साझा की. शिकायतकर्ता के अनुसार, ड्राइवर पिकअप लोकेशन पर तो पहुँचा, लेकिन यात्री का नाम और उनकी धार्मिक पृष्ठभूमि की पुष्टि करने के बाद उसने ट्रिप शुरू करने से इनकार कर दिया. यात्री का आरोप है कि ड्राइवर ने उन्हें गाड़ी से उतारते समय कई अपमानजनक और भेदभावपूर्ण टिप्पणियां भी कीं.
पोस्ट के वायरल होते ही कैब कंपनी ने एक औपचारिक बयान जारी कर पुष्टि की कि संबंधित ड्राइवर को जांच पूरी होने तक प्लेटफॉर्म से 'ऑफबोर्ड' (हटा दिया) कर दिया गया है. कंपनी के प्रवक्ता ने कहा, 'हमारे प्लेटफॉर्म पर किसी भी तरह के भेदभाव के लिए जीरो टॉलरेंस की नीति है. हम यात्रियों और पार्टनर्स दोनों की गरिमा सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों के साथ सहयोग कर रहे हैं.'
ऑडियो वायरल होने के बाद दिल्ली का कैब ड्राइवर सस्पेंड
"Musalmaan allowed nahi hai meri gaadi mein (Muslims are not allowed in my vehicle)," a Rapido driver allegedly told his Muslim passenger and refused to pick up despite a confirmed booking.
The incident occurred on Saturday, March 21, in the national capital, when India… pic.twitter.com/mGPzP7bUFn
— The Siasat Daily (@TheSiasatDaily) March 22, 2026
नियामक ढांचा और भेदभाव विरोधी नीतियां
हालांकि ऐप-आधारित एग्रीगेटर्स के अपने "आचार संहिता" (Code of Conduct) होते हैं, लेकिन यह घटना विकेंद्रीकृत कार्यबल (Decentralized Workforce) में इन नियमों को लागू करने की चुनौतियों को उजागर करती है. सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय द्वारा जारी 'मोटर वाहन एग्रीगेटर गाइडलाइंस' के तहत, खराब रेटिंग या शिकायत का सामना करने वाले ड्राइवरों के लिए सुधारात्मक प्रशिक्षण अनिवार्य है. हालांकि, सांप्रदायिक भेदभाव जैसे गंभीर मामलों में कंपनियां आमतौर पर ब्रांड जोखिम और कानूनी दायित्व से बचने के लिए सीधे निलंबन का रास्ता चुनती हैं.
यात्रियों के भरोसे पर असर
इस घटना पर यात्री अधिकार समूहों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. विशेषज्ञों का तर्क है कि तकनीकी 'निलंबन' अक्सर गहरे सामाजिक पूर्वाग्रहों को दूर करने के लिए अपर्याप्त होते हैं. दिल्ली-एनसीआर में, जहाँ हर दिन लाखों लोग इन कैब पर निर्भर हैं, ऐसी रिपोर्टों के कारण उपभोक्ताओं के व्यवहार में बदलाव और एग्रीगेटर संचालन की सख्त सरकारी निगरानी की मांग उठने लगती है. यह भी पढ़ें: Bengaluru: रैपिडो राइडर की शर्मनाक करतूत, महिला पैसेंजर ने लगाया यौन उत्पीड़न का आरोप; सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल
कानूनी कार्रवाई और अगला कदम
शिकायतकर्ता के पास 'भारतीय न्याय संहिता' (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत औपचारिक प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने का विकल्प है, जो धार्मिक भावनाओं के अपमान या शत्रुता को बढ़ावा देने से संबंधित हैं. बुधवार शाम तक, स्थानीय पुलिस ने पुष्टि की कि उन्हें एक डिजिटल शिकायत प्राप्त हुई है, लेकिन कानूनी कार्रवाई को आगे बढ़ाने के लिए वे यात्री के औपचारिक बयान का इंतजार कर रहे हैं.
कैब कंपनी ने भी यात्री से संपर्क कर सहायता की पेशकश की है और अपने प्लेटफॉर्म को सभी के लिए समावेशी बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई है.
(The above story first appeared on LatestLY on Mar 25, 2026 09:01 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

